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Traditional Ornament wear Indian bride: केरल से लेकर कश्मीर, महाराष्ट्र भारत के हर राज्य में दुल्हन के शृंगार में एक पारंपरिक गहना जरूर पहनाया जाता है जो उनके कल्चर को रिप्रजेंट करता है। जानें तेलुगू, तमिल से लेकर भारत के राज्यों में पहने जाने वाले ट्रेडिशनल ज्वैलरी पीस।
हिंदू समाज में शादी का बंधन बेहद पवित्र माना जाता है। ईश्वर को साक्षी मानकर दो लोगों के बीच रिश्ता होता है। जिसमे पूरे परिवार-समाज के लोगों का साथ होता है। शादी के जरिए परिवार, कुल और समाज के रीति-रिवाज और परंपराओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलता है। इसी कड़ी में जब शादी के लिए दुल्हन सजती है उसके गहने भी बेहद खास होते हैं। इन गहनों में समाज की परंपरा, समृद्धि और परिवार के सुखद भविष्य की कामना छिपी होती है। भारत के अलग-अलग राज्यों में ट्रेडिशन और कल्चर में काफी सारा अंतर देखने को मिलता है और ये अंतर उन दुल्हनों के लिबास और गहनों में भी देखने को मिलता है। हर राज्य में शादी के समय इन ब्राइड्स की ज्वैलरी में एक बेहद खास चीज होती है जो उनके कल्चर से जुड़ी होती है। फिर चाहे उत्तराखंडी ब्राइड की बड़ी सी नथ हो या फिर राजस्थानी ब्राइड का बोरला। लेकिन केवल यहीं नहीं केरल, आंध्रा, तेलंगाना जैसे राज्यों में भी अलग-अलग गहनों को कल्चर और ट्रेडिशन के रूप में पहनाया जाता है। जानें केरल से लेकर कश्मीर तक की दुल्हनों को पहनाए जाने वाले ट्रेडिशनल गहने।
कश्मीरी ब्राइड
कश्मीरी पंडित ब्राइड कानों में लंबे मंगलसूत्र पहनती है। जिसके तीन पार्ट होते हैं-देजहूर,अतहूर और अताह। ये दुल्हनों का पारंपरिक गहना होता है।
उत्तराखंड की नथ
उत्तराखंड के पहाड़ों पर जब दुल्हन शादी के लिए रेडी होती है तो उसे खास मामा के यहां से आई नथ पहनाते हैं। जिसका साइज काफी बड़ा होता है और सोने के अलावा इस नथ को बनाने के मोती, रत्न का भी सहारा लिया जाता है।
केरला ब्राइड
केरल की मलयाली दुल्हनों को खास नेकलेस पहनाया जाता है। जिसमे आम के आकार के पेंडेट लगे होते हैं। जो फर्टिलिटी, प्रॉस्पैरिटी का सिंबल होता है।
मणिपुर का लिकछो या कांधा हार
मणिपुर की ब्राइड्स शादी के वक्त खास तरह की ड्रेस के साथ सोने के तारों में मोतियों की लड़ियों वाले नेकलेस को पहनती है। जिसे लिकछो या कांथा बोला जाता है। दुल्हन की ज्वैलरी में ये जरूर होता है। इसके अलावा कानों में कनोप्पी पहनी जाती है।
तेलुगू ब्राइड्स
आंध्रा प्रदेश और तेलंगाना में शादी के समय दुल्हन को कई सारे सोने के गहने पहनाए जाते हैं। लेकिन इनमे पारंपरिक गहना है अरावंकी, जिसे हिंदी में बाजुबंद भी बोलते हैं। इसके अलावा वद्दनम या ओड्डियानम भी पारंपरिक गहना होता है। जिसे तेलुगू ब्राइड के सौभाग्य, संस्कृति और सामाजिक प्रतिष्ठा के साथ भी जोड़ा जाता है।
महाराष्ट्रीयन ब्राइड
महाराष्ट्रीयन दुल्हन के माथे पर लगाए गए वो फूल वाली लड़कियों को आपने कई बार टीवी, फिल्म में देखा होगा। इसे मुंडवाल्या बोला जाता है जो दुल्हा और दुल्हन दोनों के माथे पर लगाया जाता है। मोतियों की लड़ियों से भी इस पारंपरिक गहने को बनाया जाता है।
असम की दुल्हन का खास नेकलेस ढोलबीरी
असम में दुल्हनों को पारंपरिक पहनावे के साथ नेकलेस पहनाया जाता है। जिसमे ट्रेडिशनल म्यूजिकल ड्रम यानी ढोल की डिजाइन बनी होती है। जो इनकी सभ्यता और संस्कृति की पहचान है।
बंगाली ब्राइड का शांख-पोला
बंगाली ब्राइड को हाथ में शंख से बनी सफेद और मूंगे से बनी लाल चूड़ियां जरूर पहनाई जाती हैं। इसके साथ सिर पर सफेद रंग का मुकुट इनकी परंपरागत ज्वैलरी होती है।
पंजाबी दुल्हन का कलीरा
पंजाब में दुल्हनों को शादी के वक्त सफेद और लाल रंग के चूड़े के साथ लटकते हुए कलीरे पहनाए जाते हैं। ये कलीरा ही दुल्हन के लिए आशीर्वाद और नई लाइफ की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है।
राजस्थान का बोरला मांगटीका
राजस्थानी दुल्हन माथे पर मांगटीका लगाती हैं। जिसमे आगे की तरफ गोल डिजाइन होती है, इसे बोरला बोलते है।
तमिलनाडु का जड़ानागम
तमिल ब्राइड वैसे तो काफी सारे गहनों को पहनती हैं लेकिन इसमे चोटी के लिए पहनाया जाने वाला जड़ानागम ट्रेडिशनल होता है। इस पर सूर्य, चंद्रमा, फूल की डिजाइन बनी होती है।
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