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कच्चे तेल से प्राकृतिक गैस तक, कोर सेक्टर के ग्रोथ में आई बड़ी गिरावट

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Source :- LIVE HINDUSTAN

आठ कोर इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर्स के ग्रोथ रेट में गिरावट आई है। जनवरी महीने में यह ग्रोथ घटकर चार प्रतिशत रह गई। आठ कोर सेक्टरों में कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, इस्पात, सीमेंट और बिजली शामिल हैं।

India core sector: देश के आठ कोर इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर्स के ग्रोथ रेट में गिरावट आई है। जनवरी महीने में कोर सेक्टर की ग्रोथ घटकर चार प्रतिशत रह गई। शुक्रवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों से यह जानकारी मिली। इन सेक्टर्स की वृद्धि दर एक साल पहले जनवरी 2025 में 5.1 प्रतिशत थी जबकि दिसंबर 2025 में यह 4.7 प्रतिशत रही थी। सरकारी आंकड़ों के अनुसार वृद्धि की रफ्तार थोड़ी धीमी जरूर हुई है लेकिन स्टील और सीमेंट जैसे निर्माण से जुड़े क्षेत्रों के मजबूत प्रदर्शन ने इसे सहारा दिया।

कच्चे तेल के उत्पादन में गिरावट

आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी 2026 में कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस के उत्पादन में नकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई। जनवरी में कच्चे तेल का उत्पादन सालाना आधार पर 5.8 प्रतिशत घट गया जबकि प्राकृतिक गैस उत्पादन में 5 प्रतिशत की गिरावट आई। अप्रैल से जनवरी की अवधि में कच्चे तेल का उत्पादन 2.1 प्रतिशत और प्राकृतिक गैस उत्पादन 3.4 प्रतिशत घटा है। बता दें कि निर्माण और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े क्षेत्रों ने बेहतर प्रदर्शन किया। इस्पात उत्पादन सालाना आधार पर 9.9 प्रतिशत जबकि सीमेंट उत्पादन में 10.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इसी अवधि में बिजली उत्पादन 3.8 प्रतिशत बढ़ा और उर्वरक उत्पादन में 3.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई। कोयला उत्पादन भी जनवरी 2025 की तुलना में 3.1 प्रतिशत बढ़ा। रिफाइनरी उत्पादों का उत्पादन जनवरी में लगभग स्थिर रहा और सूचकांक स्तर 147.2 पर बना रहा। वहीं चालू वित्त वर्ष में अब तक इसमें केवल 0.1 प्रतिशत की मामूली वृद्धि दर्ज की गई है।

आठ कोर सेक्टर के मायने

आठ कोर सेक्टरों में कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, इस्पात, सीमेंट और बिजली शामिल हैं। इन आठ क्षेत्रों का इंडेक्स ऑफ इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन (IIP) में लगभग 40.27 प्रतिशत वेटेज है। इसके संयुक्त सूचकांक (ICI) देश की औद्योगिक गतिविधियों का अहम संकेतक माना जाता है।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

बैंक ऑफ बड़ौदा के मुख्य अर्थशास्त्री मदन सबनाविस ने इन आंकड़ों को लेकर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि उच्च आधार प्रभाव के बावजूद इस्पात और सीमेंट में क्रमशः 9.9 प्रतिशत और 10.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। यह केंद्र सरकार के नेतृत्व में और राज्यों के योगदान से अर्थव्यवस्था में इंफ्रास्ट्रक्चर में किए गए मजबूत निवेश को दर्शाता है। यह अर्थव्यवस्था में आवास गतिविधियों में वृद्धि को भी दर्शाता है, जो स्थिर प्रतीत होती है। बता दें कि फरवरी महीने में पेश बजट में भी इंफ्रास्ट्रक्चर को फोकस में रखा गया था।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN