Source :- LIVE HINDUSTAN
Stock Market Outlook: पिछले सप्ताह बीएसई सेंसेक्स में 30.96 अंक (0.04 प्रतिशत) और एनएसई निफ्टी में 36.6 अंक (0.15 प्रतिशत) की गिरावट दर्ज की गई थी। FPI ने घरेलू शेयर बाजार से 88180 करोड़ रुपये निकाले हैं।
Stock Market Outlook: स्थानीय शेयर बाजारों की दिशा इस सप्ताह मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष से जुड़े घटनाक्रमों और क्रूड ऑयल की कीमतों से तय होगी। एक्सपर्ट्स ने यह अनुमान जताते हुए कहा कि ग्लोबल मार्केट के रुझान, विदेशी निवेशकों के रुख और रुपये-डॉलर की चाल भी निवेशकों की धारणा को प्रभावित करेगी। ‘राम नवमी’ के उपलक्ष्य में गुरुवार को शेयर बाजार बंद रहेंगे।
क्या कह रहे हैं एक्सपर्ट्स?
रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के रिसर्च डिपार्टमेंट के सीनियर वाइस प्रेसीडेंट (एसवीपी) अजित मिश्रा ने कहा, “मौजूदा वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच इस सप्ताह बाजार आंकड़ों के प्रति संवेदनशील रह सकता है। पश्चिम एशिया संघर्ष और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव प्रमुख बाहरी कारक बने रहेंगे और निकट अवधि में बाजार रुझान को तय करेंगे।”
उन्होंने आगे कहा, “घरेलू मोर्चे पर निवेशक मैन्युफैक्चरिंग, सर्विसेज और कंपोजिट श्रेणियों के लिए एचएसबीसी के पीएमआई के आंकड़ों पर बारीकी से नजर रखेंगे, जो व्यावसायिक गतिविधियों के रुझानों का शुरुआती संकेत देगा।”
विदेशी निवेशकों ने निकाले 88,180 करोड़ रुपये
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, कमजोर होते रुपये और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों का भारत की वृद्धि और कॉरपोरेट आय पर पड़ने वाले प्रभाव की चिंताओं के कारण, विदेशी निवेशकों ने इस महीने अब तक भारतीय शेयरों से 88,180 करोड़ रुपये निकाल लिए हैं।
कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से बना हुआ दबाव
ऑनलाइन कारोबारी फर्म एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने कहा, “बाजारों के अत्यधिक अस्थिर और घटना आधारित रहने का अनुमान है। निकट अवधि की दिशा काफी हद तक पश्चिम एशिया के घटनाक्रमों, विशेष रूप से होर्मुज स्ट्रेट के आसपास उभरती स्थिति पर निर्भर करेगी। किसी भी लंबे व्यवधान के कारण कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर के स्तर से ऊपर बनी रह सकती हैं। इससे मुद्रास्फीति और चालू खाते का घाटा का दबाव बढ़ सकता है और जोखिम से बचने की धारणा बनी रह सकती है।”
उन्होंने कहा कि एफआईआई प्रवाह, रुपये की चाल और अमेरिकी डॉलर की मजबूती सहित वैश्विक संकेतों पर नजर रहेगी। कच्चे तेल की कीमतों में कमी या तनाव कम होने के किसी भी संकेत से तेजी आ सकती है, जबकि तनाव बढ़ने से बाजार पर और दबाव पड़ सकता है। पिछले सप्ताह बीएसई सेंसेक्स में 30.96 अंक (0.04 प्रतिशत) और एनएसई निफ्टी में 36.6 अंक (0.15 प्रतिशत) की गिरावट दर्ज की गई थी।
(यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश से पहले सूझ-बूझ के साथ फैसला करें। यहां प्रस्तुत एक्सपर्ट्स के विचार निजी हैं। लाइव हिन्दुस्तान इस आधार पर शेयरों को खरीदने और बेचने की सलाह नहीं देता है।)
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