Source :- LIVE HINDUSTAN
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान डोनाल्ड ट्रंप लगातार भारत और पाकिस्तान के गिरे हुए जेट्स की संख्या को लेकर दावा कर रहे थे। वही, ट्रंप अब ईरान में गिरे हुए अमेरिकी फाइटर जेट्स को केवल एक गलती करार दे रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक अब तक अमेरिका एक दर्जन से ज्यादा जेट्स गंवा चुका है।
Donald trump: ऑपरेशन सिंदूर को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कई महीनों तक पाकिस्तान की भाषा बोलते हुए नजर आए थे। वह लगातार इस बात का बखान करते हुए आ रहे थे कि कैसे इस युद्ध में फाइटर जेट गिर रहे थे और कैसे उन्होंने इस जंग को रोकने में मदद की। हालांकि, भारत सरकार ने ऐसे किसी भी दावे को पूरी तरह से खारिज कर दिया था, लेकिन बड़बोले ट्रंप लगातार पाकिस्तान की भाषा बोलते रहे। लगभग 8 महीनों के अंदर ही उन्होंने करीब 100 बार इस बात का दावा कर दिया था। अब, जबकि ट्रंप ईरान युद्ध में फंसे हुए हैं, तो अमेरिकी नुकसान को कम करके बता रहे हैं।
वैश्विक स्तर पर अपनी सेना को सबसे मजबूत बताने वाला अमेरिका, ईरान के सामने थोड़ा हल्का नजर आ रहा है। अभी तक सामने आई रिपोर्ट्स के मुताबिक इस युद्ध में अमेरिका के F-15,F-16 फाइटर जेट तबाह हो चुके हैं और हवाई क्षेत्र की शान बताया जाने वाला F-35 भी क्षतिग्रस्त हो चुका है। ईरान से लॉन्च होने वाले हल्के और सस्ते ड्रोन्स का कहर ऐसा कि एक महीने के युद्ध में अमेरिका को अरबों डॉलर का नुकसान हो चुका है। फाइटर जेट्स के अलावा ईंधन भरने वाले जेट्स, एयर डिफेंस सिस्टम भी तबाह हुए हैं।
नुकसान को कम करके बता रहे ट्रंप
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय और पाकिस्तानी जेट्स के गिरने का दावा खुलेआम करने वाले ट्रंप से जब ईरान युद्ध में अमेरिकी जहाजों के बारे में पूछा गया, तो वह सवालों को टालते नजर आए। उन्होंने इन जहाजों के गिरने को छोटी सी गड़बड़ी कहकर कमतर बताया। ट्रंप ने कहा, “हमने अपनी ही मिसाइलों से तीन विमानों को मार गिराया था। लेकिन वह हमारे अपने ही थे। इस अटैक के बाद भी हमारे पायलट बच निकले।” गौरतलब है कि ट्रंप यहां उन तीन अमेरिकी विमानों की बात कर रहे थे, जिन्हें कतर के एयर डिफेंस सिस्टम ने मार गिराया था। इन तीन जहाजों की कीमत करीब 270 मिलियन डॉलर थी।
अमेरिका को जमकर हुआ नुकसान
28 फरवरी को तेहरान पर हमला करने आए अमेरिका और इजरायल ने इस युद्ध को कुछ दिनों में खत्म करके वापस लौटने की योजना बनाई होगी। लेकिन ईरान के हल्के डिफेंस सिस्टम, ड्रोन्स और मजबूत राजनैतिक सत्ता ने उनके इरादों पर पानी फेर दिया। वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक चार हफ्तों से जारी इस युद्ध में अभी तक अमेरिका को 2.9 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है। रिपोर्ट्स के मुताबिक 28 फरवरी से लेकर अब तक सभी प्रकार के 16 अमेरिकी विमान नष्ट हो चुके हैं। इसमें सबसे अहम F-35 लाइटनिंग 2, F-16 फाइटिंग फॉल्कन, F-15 और कई रिफ्लूयर टैंक जेट्स शामिल हैं। एक टैंकर की दुर्घटना में अमेरिका के 6 सैनिकों की भी मौत हुई है। इसके अलावा अमेरिका के ड्रोन्स को भी काफी नुकसान हआ है। यह ड्रोन्स ईरान पर हमला करने के दौरान या तो तेहरान के एयर डिफेंस द्वारा मार गिराए गए या फिर बेस पर हुए हमलों में ही धाराशायी हो गए।
समंदर में भी परेशान है अमेरिका
दुनिया की सबसे बड़ी और मजबूत नौसेना होने का घमंड करने वाले अमेरिका के लिए ईरान का युद्ध के कड़ी परीक्षा साबित हो रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका के सबसे मजबूत यूएसएस गेराल्ड आर फोर्ड को तैनाती के दौरान काफी नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा ईरान ने दावा किया है कि उसने अमेरिकी पोत अब्राहम लिंकन पर भी हमला बोला है। अमेरिकी युद्धपोत भले ही सुरक्षित हों, लेकिन अकेले होर्मुज न खुलवा पाने की कमी के कारण उनकी सबसे ताकतवर वाली छवि को गहरा धक्का पहुंचा है।
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