Source :- BBC INDIA
इमेज स्रोत, Getty Images
6 घंटे पहले
पढ़ने का समय: 9 मिनट
टी-20 वर्ल्ड कप में रविवार को श्रीलंका की राजधानी कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में भारत और पाकिस्तान का बहुप्रतीक्षित मुक़ाबला होने जा रहा है.
लेकिन मैच से पहले सबसे ज़्यादा चर्चा पाकिस्तानी स्पिनर उस्मान तारिक़ की हो रही है.
पाकिस्तान के कप्तान सलमान आगा ने शनिवार को प्री मैच कॉन्फ़्रेंस में उन्हें टीम का ‘ट्रंप कार्ड’ कहा है.
उस्मान तारिक़ के बॉलिंग एक्शन पर उठने वाले सवालों को लेकर उन्होंने कहा था कि उनके एक्शन को दो बार क्लीनचिट मिल चुकी है. फिर ये समझ में नहीं आता कि इस पर बार-बार सवाल क्यों उठाए जा रहे हैं.
बीबीसी हिंदी के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें
वहीं भारतीय कप्तान सूर्य कुमार यादव ने उस्मान तारिक़ को ‘सिलेबस से बाहर का सवाल’ (आउट ऑफ़ सिलेबस क्वेश्चन) कहा था.
उस्मान तारिक़ के बारे में कहा जा रहा है कि वो अपनी डिलीवरी स्ट्राइड में एक पल के लिए रुक जाते हैं. यानी गेंद छोड़ने से पहले अपना आगे वाला पैर हवा में रोक लेते हैं और फिर थोड़ा ज़्यादा देर से गेंद रिलीज़ करते हैं.
सवाल ये है कि उस्मान तारिक़ की बॉलिंग के जवाब में भारत की रणनीति क्या होगी.
उस्मान तारिक़ का मुक़ाबला करने की रणनीति क्या होगी?
इमेज स्रोत, Matthew Lewis-ICC/ICC via Getty Images
प्री-मैच कॉन्फ़्रेंस में भारत के कप्तान सूर्यकुमार यादव ने माना था कि टी-20 वर्ल्ड कप के पहले दो मैच में भारत की बल्लेबाज़ी कमज़ोर रही लेकिन उन्होंने विश्वास जताया कि भारतीय बल्लेबाज़ उस्मान तारिक़ का मुक़ाबला करने के लिए तैयार हैं.
कई मीडिया रिपोर्ट्स और वीडियो से पता चलता है कि मैच से पहले प्रैक्टिस में भी सूर्यकुमार यादव ने उस्मान तारिक़ को ध्यान में रखकर तैयारी की.
भारतीय कप्तान ने नेट्स में बल्लेबाज़ों को प्रैक्टिस कराने के लिए ख़ुद स्पिन गेंदबाज़ की भूमिका निभाई.
उन्होंने उस्मान तारिक़ जैसी गेंदबाज़ी शैली अपनाने की कोशिश की ताकि बल्लेबाज़ उस तरह की गेंदबाज़ी के लिए तैयार हो सकें.
28 वर्षीय उस्मान तारिक़ अब तक खेले गए चार टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 7.90 की औसत से 11 विकेट ले चुके हैं, जिसमें एक बार चार विकेट लेने का कारनामा भी शामिल है.

इमेज स्रोत, Matthew Lewis-ICC/ICC via Getty Images
टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में उस्मान तारिक़ ने अमेरिका के ख़िलाफ़ मैच में खेलते हुए चार ओवर में 27 रन देकर तीन विकेट लिए थे.
प्री-मैच प्रेस कॉन्फ़्रेंस में सूर्यकुमार यादव से जब उस्मान तारिक़ के बारे में सवाल पूछा गया तो उन्होंने उनकी तुलना ‘आउट ऑफ सिलेबस सवाल’ से करते हुए कहा कि अलग शैली वाले गेंदबाज़ के ख़िलाफ़ खुद को ढालना बहुत ज़रूरी है.
सूर्यकुमार ने कहा, “देखिए, कभी-कभी परीक्षा में भी ऐसा सवाल आ जाता है जो सिलेबस से बाहर होता है. लेकिन हम उस सवाल को छोड़ नहीं सकते. उससे निपटने के लिए कुछ न कुछ तरीका अपनाना पड़ता है. हमें अपना तरीका ढूंढना होता है. हम भी उसी तरह कोशिश करते हैं.”
उन्होंने आगे कहा, “हाँ, जब वह (उस्मान तारिक़) गेंदबाज़ी करने आते हैं तो वह अलग तरह के खिलाड़ी लगते हैं. लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हम हार मान लें. हम नेट्स में इसी तरह के गेंदबाजों और इसी तरह के एक्शन के साथ अभ्यास करते हैं. मैच में हम वही करने की कोशिश करेंगे जो हम प्रैक्टिस सेशन में करते हैं.”
उस्मान तारिक़ के एक्शन पर चर्चा क्यों?
इमेज स्रोत, Matthew Lewis-ICC/ICC via Getty Images
पाकिस्तान और अमेरिका के बीच टी-20 वर्ल्ड कैप मैच में उस्मान तारिक़ के एक्शन ने सबका ध्यान खींचा.
इसके बाद सोशल मीडिया में उनके एक्शन की चर्चा होने लगी.
कुछ यूज़र्स ने उस्मान तारिक़ के बॉलिंग एक्शन पर सवाल उठाए और कुछ ने ये भी सवाल किया कि उस्मान जिस तरह बॉल फेंकने से पहले थोड़ा ठहरते हैं, क्या वह नियमों के मुताबिक़ ठीक है.
श्रीवत्स गोस्वामी ने इस वीडियो के साथ लिखा, “फुटबॉल में भी खिलाड़ियों को अब पेनल्टी-रन अप के दौरान पॉज़ की मंज़ूरी नहीं है. ये कैसे ओके है? एक्शन ठीक है. लेकिन पॉज़? वो भी तब जब बॉल डिलीवर की जानी है. ये नहीं चल सकता.”
आर अश्विन ने श्रीवत्स गोस्वामी के इस पोस्ट को ही कोट करते हुए लिखा, “ये सच है कि फ़ुटबॉल में इसकी इजाज़त नहीं है. लेकिन अगर किसी बल्लेबाज़ को बिना अंपायर को सूचित किए गेंद को दूसरी तरफ़ स्विच करने या रिवर्स करने की इजाज़त है, तो सारी पाबंदियां सिर्फ़ गेंदबाज़ के लिए ही क्यों हैं? गेंदबाज़ को तो अंपायर को सूचित किए बग़ैर दूसरे हाथ से गेंद फेंकने तक की इजाज़त नहीं है. इस नियम को पहले बदला जाना चाहिए.”
वहीं पूर्व भारतीय क्रिकेटर और कमेंटेटर आकाश चोपड़ा ने एक वीडियो में पाकिस्तानी स्पिन गेंदबाज़ी को मज़बूत बताते हुए उस्मान तारिक़ के एक्शन को दिलचस्प बताया.
उन्होंने कहा, “उस्मान का एक्शन इंट्रेस्टिंग है. ऐसा लगता है कि आप टीवी देख रहे हों और अचानक किसी ने पॉज़ कर दिया है. वो रुक जाते हैं और फिर गेंद डालते हैं. धीमा डालते हैं. मुझे नहीं लगता कि इसमें कोई भी दिक्कत है. ये ठीक है. आप खड़े होकर पॉज़ लेकर गेंदबाज़ी कर सकते हैं. उसका कोई नियम नहीं है. और धीमा जो डालते हैं, गेंद उसमें भी कोहनी बेंड (मुड़ने) होते नहीं दिखती.”

इमेज स्रोत, Getty Images
हालांकि, आकाश चोपड़ा ने ये ज़रूर पूछा कि क्या बांह मोड़े बिना गेंद की गति को 20 से 25 किलोमीटर तक बढ़ाना संभव है.
बहस इतनी बढ़ी कि आर अश्विन ने एक्स पर एक और लंबी पोस्ट लिखी. उन्होंने कहा, “पहली बात तो एक्शन ठीक है या नहीं, इसकी जांच तो आईसीसी के बॉलिंग एक्शन टेस्टिंग सेंटर पर ही हो सकती है.”
“दूसरी बात कि एक 15 डिग्री का नियम है, जिसके तहत गेंदबाज़ को अपनी कोहनी सीधी करनी होती है और अंपायर के लिए मैदान पर ये तय करना नामुमकिन है कि गेंदबाज़ 15 डिग्री पर ही गेंद फेंक रहा है या नहीं.”
वहीं भारत के पूर्व कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज़ सुनील गावस्कर ने उस्मान तारिक़ के गेंदबाज़ी एक्शन पर बहस को खारिज करते हुए कहा कि उनके एक्शन में कुछ भी गैरक़ानूनी नहीं है.
उन्होंने कहा कि भारतीय बल्लेबाज़ों को तारिक़ को लेकर अनावश्यक दबाव नहीं लेना चाहिए.
“मैंने इसे ठीक से नहीं देखा है, बस टीवी पर कुछ झलकियां ही देखी हैं, और टीवी पर देखना हमेशा पूरी सच्चाई नहीं बताता. लेकिन देखिए, गेंदबाज़ के रुककर गेंद फेंकने के खिलाफ कोई नियम नहीं है, ठीक वैसे ही जैसे बल्लेबाज़ के लिए यह मना नहीं है कि वह गेंद फेंके जाने से पहले हिल नहीं सकता.”
“इसलिए मुझे नहीं लगता कि इसमें कोई समस्या है. ये टिप्पणियां अक्सर वे लोग करते हैं जो खेल के नियमों को ठीक से नहीं जानते.”
उस्मान की गेंदबाज़ी का सामना करने के लिए अश्विन के टिप्स
इमेज स्रोत, AFP via Getty Images
आर. अश्विन ने अपने यूट्यूब शो में कहा है कि उस्मान तारिक़ की बॉलिंग के दौरान उनके एक्शन को लेकर बल्लेबाजों को कोई संदेह होता है तो उन्हें क्रीज़ से हटने का पूरा अधिकार है.
उन्होंने कहा, ”अगर उस्मान बॉल फेंकने से पहले रुक जाते हैं तो बल्लेबाज़ क्रीज़ से हट सकते हैं और कह सकते हैं कि मुझे लगा कि वो रुक रहे हैं. ये एक दिलचस्प मामला होगा और अपांयर के लिए मुश्किल खड़ी कर देगा. इससे गेंदबाज़ पर भी मानसिक दबाव होगा.”
अश्विन ने कहा है कि अगर वो बल्लेबाज़ी कर रहे होते तो यही रणनीति अपनाते.
उन्होंंने कहा, ”मैं अगर बल्लेबाज़ी कर रहा होता तो नियमों के मुताबिक़ यही करता. मैं इतना कहता कि बॉलर कब फेंकेगा और हट जाता.”
उस्मान तारिक़ का अपने एक्शन पर क्या कहना है?
इमेज स्रोत, Getty Images
लगभग एक साल पहले उस्मान तारिक ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उनका बॉलिंग एक्शन इसलिए सामान्य नहीं दिखता क्योंकि उनकी ‘दो कोहनियां’ हैं.
उन्होंने बताया कि जब उनके बॉलिंग एक्शन पर आपत्ति जताई गई, तो वह डॉक्टर के पास गए और उन्होंने अपने दोनों आर्म्स की जांच करवाई.
उस्मान तारिक़ के मुताबिक़, उनके शरीर की बनावट किसी भी सामान्य व्यक्ति से अलग है. उन्होंने कहा, “ये जन्म से ही है और दो कोहनियों की वजह से मेरी बांह सीधी नहीं हो सकती.”
वहीं पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने बीते साल सात मई को एक बयान में कहा था कि क्वेटा ग्लैडिएटर्स के स्पिनर उस्मान तारिक़ ने लाहौर में बायोमैकेनिक्स लैब में टेस्ट करवाया और वहां उनका बॉलिंग एक्शन पास कर दिया गया था.
पीसीबी के मुताबिक, 13 अप्रैल को पीएसएल में लाहौर कलंदर्स के ख़िलाफ़ मैच के दौरान उस्मान के असामान्य गेंदबाज़ी एक्शन की शिकायत दर्ज की गई थी, जिसके बाद ये टेस्ट करवाया गया था.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.
SOURCE : BBC NEWS


