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ईरान से सीजफायर कर घर में ही घिरे डोनाल्ड ट्रंप, कट्टर समर्थक हो गए नाराज

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Source :- LIVE HINDUSTAN

डोनाल्ड ट्रंप ने एक बयान में कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच पिछले विवाद के लगभग सभी बिंदुओं पर सहमति बन चुकी है और दो हफ्तों का संघर्ष विराम समझौते को अंतिम रूप देने और लागू करने में मदद करेगा।

US-Iran Ceasefire: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को तबाह करने की धमकी देने के बाद अब सीजफायर का ऐलान कर दिया है। इस युद्धविराम के तहत अमेरिका ईरान पर अपने हमले रोक देगा। वहीं दूसरी तरफ ईरान ने कहा है कि उसने दो हफ्ते के लिए सीजफायर पर सहमति जरूर जताई है, लेकिन युद्ध अभी खत्म नहीं हुआ है। ऐसे में युद्धविराम को लेकर अब भी संशय बना हुआ है। इस बीच सीजफायर के ऐलान के बाद डोनाल्ड ट्रंप घर में ही घिर गए हैं। उनके समर्थकों ने खुलकर ट्रंप के इस फैसले पर सवाल उठाए हैं। रिपब्लिकन पार्टी आपस में भी बंट गई है।

बुधवार को ट्रंप की नीतियों की बड़ी समर्थक रहीं लारा लूमर ने कहा कि इस युद्धविराम से अमेरिका के लिए जीत जैसा कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि इस समझौते से अमेरिका को कुछ हासिल नहीं हुआ और ईरान के लोग जश्न मना रहे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “हमें इससे असल में कुछ भी हासिल नहीं हुआ और ईरान में आतंकवादी जश्न मना रहे हैं।”

क्या बोलीं लारा लूमर?

लारा लूमर ने आगे लिखा, “मुझे नहीं पता कि लोग ऐसा क्यों बर्ताव कर रहे हैं जैसे यह कोई जीत हो। मुसलमान, वोक राइख और ट्रंप से नफरत करने वाले इस ‘समझौते’ का इस्तेमाल राष्ट्रपति ट्रंप पर हमला करने के लिए कर रहे हैं। वे टकर कार्लसन के सहयोगियों की तारीफ कर रहे हैं और राष्ट्रपति ट्रंप के खिलाफ 25वें संशोधन का इस्तेमाल करने की मांग कर रहे हैं। यह सीजफायर नाकाम होगा।” लारा लूमर ने कहा कि ट्रंप सही साबित होंगे कि ईरानी शासन को जड़ से मिटाने की जरूरत है, लेकिन फिलहाल ट्रंप गुमराह हो चुके हैं।

समीक्षा की मांग

दूसरी तरफ सीनेटर रिक स्कॉट ने इस युद्धविराम को सही दिशा में उठाया गया कदम बताया। उनका कहना है कि ट्रंप की यह नीति दर्शाती है कि मजबूत नेतृत्व के जरिए शांति की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है, न कि कमजोर नीतियों के जरिए। वहीं रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने इस पूरे मामले को लेकर सावधानी बरतने की बात कही। उन्होंने कहा कि अभी यह साफ नहीं है कि क्या सच है और क्या गलत, इसलिए इस समझौते की गहराई से समीक्षा होनी चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि जैसे पहले ईरान से जुड़े समझौतों की जांच की गई थी, वैसे ही इस बार भी संसदीय समीक्षा की व्यवस्था होनी चाहिए ताकि हर पहलू को ठीक से समझा जा सके।

ट्रंप ने किया था ऐलान

इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार देर रात ईरान पर बड़े हमलों की अपनी धमकी से पीछे हटते हुए युद्धविराम की घोषणा की। ट्रंप को तेहरान को समझौते के लिए दी गई तय समयसीमा खत्म होने से लगभग दो घंटे पहले यह ऐलान किया। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान दो सप्ताह के संघर्षविराम पर सहमत हो गए हैं, और इस वजह से वह ईरान के पुलों और बिजली संयंत्रों पर हमले की अपनी योजना फिलहाल टाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस संघर्ष विराम में होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना भी शामिल है।

ईरान ने क्या कहा?

ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने कहा है कि उसने संघर्षविराम को स्वीकार कर लिया है और वह शुक्रवार से पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका से बातचीत करेगा। हालांकि, ना तो ईरान और न ही अमेरिका ने यह बताया कि संघर्षविराम कब से लागू होगा। ईरान ने युद्धविराम के लिए एक 10 सूत्री संघर्षविराम योजना भी जारी की है। इस बीच बुधवार सुबह इजरायल, ईरान और खाड़ी क्षेत्र में हमले जारी रहे।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN