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ईरान युद्ध के बीच शिपिंग शुरू? पाकिस्तानी तेल टैंकर ने होर्मुज स्ट्रेट किया पार, बना पहला गैर-ईरानी कार्गो

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Source :- LIVE HINDUSTAN

मरीन ट्रैफिक के अनुसार, मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध के कारण इस महत्वपूर्ण जलमार्ग में जहाजों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित होने के बावजूद यह टैंकर अपने ऑटोमैटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम को चालू रखते हुए चोकपॉइंट से सफलतापूर्वक गुजरा है।

अबू धाबी से क्रूड तेल लेकर कराची जा रहा पाकिस्तानी ध्वज वाला अफ्रामैक्स टैंकर ‘कराची’ होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाला युद्ध के दौरान सक्रिय एआईएस सिग्नल प्रसारित करने वाला पहला गैर-ईरानी कार्गो बन गया है। समुद्री यातायात निगरानी प्लेटफॉर्म मरीन ट्रैफिक ने सोमवार को एक्स पर यह जानकारी साझा की। मरीन ट्रैफिक के अनुसार, मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध के कारण इस महत्वपूर्ण जलमार्ग में जहाजों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित होने के बावजूद यह टैंकर अपने ऑटोमैटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (AIS) को चालू रखते हुए चोकपॉइंट से सफलतापूर्वक गुजरा।

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बताया गया कि यह 237 मीटर लंबा अफ्रामैक्स टैंकर पाकिस्तानी झंडे तले चल रहा है। इसका ड्राफ्ट 11.5 मीटर दर्ज किया गया, जो दर्शाता है कि यह भारी लोडेड है और पूरी तरह से भरा हुआ है। मरीन ट्रैफिक के डेटा के मुताबिक, जहाज रविवार को ईरानी जल क्षेत्र में प्रवेश किया और सोमवार को ओमान की खाड़ी में लगभग 9.6 नॉट की गति से आगे बढ़ रहा है, जहां उसने जलडमरूमध्य को सक्रिय एआईएस के साथ पार कर लिया। ब्लूमबर्ग के आंकड़ों से पुष्टि हुई है कि यह टैंकर आखिरी बार अबू धाबी के दास द्वीप तेल केंद्र पर लंगर डाले था।

बता दें कि होर्मुज जलडमरूमध्य खाड़ी क्षेत्र के तेल और गैस निर्यात के लिए रणनीतिक महत्व का मार्ग है, जहां सामान्य परिस्थितियों में वैश्विक तेल उत्पादन का करीब पांचवां हिस्सा और एलएनजी का बड़ा हिस्सा गुजरता है। हालांकि युद्ध के कारण तेहरान ने इजरायल-अमेरिकी हमलों के जवाब में इस जलमार्ग को निशाना बनाया है, जिसका मकसद वैश्विक अर्थव्यवस्था को क्षति पहुंचाकर वाशिंगटन पर दबाव बनाना है।

लॉयड्स लिस्ट इंटेलिजेंस की रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार तक युद्ध शुरू होने (28 फरवरी) के बाद से होर्मुज से गुजरने वाले 77 जहाज दर्ज किए गए थे, जिनमें ज्यादातर ‘शैडो फ्लीट’ से जुड़े थे। ये पारंपरिक बीमा और ट्रैकिंग सिस्टम से बाहर रहते हैं। यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) के अनुसार, 1 मार्च से अब तक इस क्षेत्र में 20 वाणिज्यिक जहाजों पर हमले हुए या संबंधित घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिनमें नौ टैंकर शामिल हैं।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN