Source :- LIVE HINDUSTAN
ईरान समेत मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध का असर अब भारत में भी नजर आने लगा है। सोमवार को बेंगलुरु होटल एसोसिएशन ने बड़ा फैसला लिया। इसके मुताबिक मंगलवार सुबह से बेंगलुरु के होटलों में रेस्टोरेंट सर्विस बंद हो जाएगी।
ईरान समेत मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध का असर अब भारत में भी नजर आने लगा है। सोमवार को बेंगलुरु होटल एसोसिएशन ने बड़ा फैसला लिया। इसके मुताबिक मंगलवार सुबह से बेंगलुरु के होटलों में रेस्टोरेंट सर्विस बंद हो जाएगी। यह फैसला कॉमर्शियल कुकिंग गैस की किल्लत के चलते लिया गया है। जानकारी में कहा गया है कि पश्चिम एशिया में छिड़े युद्ध के चलते गैस की सप्लाई लगभग ठप हो गई है।
अचानक सप्लाई रुकना बड़ा झटका
एसोसिएशन ने एक आधिकारिक बयान में कहाकि गैस की आपूर्ति बंद होने के कारण कल से होटल बंद रहेंगे। संस्था ने चिंता जताई कि होटल उद्योग एक आवश्यक सेवा है और इसके बंद होने से आम जनता, छात्रों और चिकित्सा पेशेवरों पर भारी असर पड़ेगा जो अपने दैनिक भोजन के लिए होटलों पर निर्भर हैं। एसोसिएशन का कहना है कि तेल कंपनियों ने 70 दिनों तक बिना किसी रुकावट के गैस आपूर्ति का भरोसा दिया था, ऐसे में अचानक आपूर्ति का रुकना उद्योग के लिए एक बड़ा झटका है।
पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग
बेंगलुरु होटल्स एसोसिएशन के मानद अध्यक्ष पीसी राव ने संवाददाताओं से कहाकि होटल मालिक अपनी मर्जी से काम बंद नहीं करना चाहते, लेकिन बिना गैस के खाना और नाश्ता बनाना संभव नहीं है।उन्होंने बताया कि इस मामले में केंद्रीय मंत्रियों और बेंगलुरु के सांसदों को पत्र भेजकर तुरंत कार्रवाई की मांग की गई है। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि बहुत जरूरी हो तो सरकार आपूर्ति में कुछ कटौती कर सकती है, लेकिन पूरी तरह बंद करना उचित नहीं है।
उत्पादन होने लगा है कम
बता दें कि मिडिल ईस्ट में युद्ध के चलते इराक, कुवैत और यूएई ने अपने यहां तेल का उत्पादन कम कर दिया है। ईरान, इजरायल और अमेरिका ने इस महीने की शुरुआत में विवाद के बाद से तेल और गैस ठिकानों पर हमले किए हैं। इससे हालात काफी कठिन हो चुके हैं और तेल और गैस सप्लाई को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। इस बीच कच्चे तेल की कीमत सोमवार को 26 फीसदी से बढ़कर प्रति बैरल 10,549 रुपए के उच्च स्तर पर पहुंच गई।
संभाजी नगर में भी आदेश
इससे पहले महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजी नगर में खास आदेश जारी किया गया है। यहां पर जिला आपूर्ति अधिकारी ने भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड के रिटेल सेल्स अधिकारियों को एक पत्र में कहाकि युद्ध जैसी स्थिति ने पेट्रोलियम उत्पादों की सप्लाई चेन टूटने का खतरा पैदा कर दिया है।
पांच मार्च को जारी किए इस पत्र में प्रशासन ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे पेट्रोल पंपों को सरकारी वाहनों के लिए विशेष रूप से पेट्रोल और डीजल के पर्याप्त स्टॉक आरक्षित करने का निर्देश दें। खासतौर पर उन वाहनों के लिए जो तालुका और जिला स्तर पर आपातकाल और अनिवार्य सेवाओं में शामिल हैं।
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