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ईरान में लड़कियों के स्कूल पर हवाई हमला, मरने वालों की संख्या बढ़कर 85 हुई

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Source :- LIVE HINDUSTAN

स्कूल पर हमला होने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक आक्रोश फैल गया है। कई रिपोर्टों में बताया गया कि यह एक प्राइमरी गर्ल्स स्कूल था, जहां निर्दोष बच्चियां पढ़ रही थीं। ईरानी अधिकारियों ने इसे नागरिकों पर क्रूर हमला करार दिया है।

ईरान के मीनाब शहर में लड़कियों के स्कूल पर इजरायल-अमेरिका की ओर से किए गए हमले में मरने वालों की संख्या बढ़कर 85 हो गई है। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए ने शनिवार को यह जानकारी दी। हमले में 45 अन्य लोग घायल हुए हैं। यह हमला उस बड़े सैन्य अभियान का हिस्सा है जो इजरायल और अमेरिका ने ईरान के विभिन्न ठिकानों पर शुरू किया है। दक्षिणी प्रांत हरमोजगान के मीनाब शहर में ईरान की रिवॉल्यूशनरी गार्ड का एक यूनिट मौजूद है, जिसे संभवतः टारगेट बनाया गया था। लेकिन, स्कूल पर सीधा प्रहार होने से नागरिकों, खासकर बच्चियों की जान गई।

शुरुआती रिपोर्टों में मृतकों की संख्या 24 बताई गई थी, जो बाद में बढ़कर 85 पहुंच गई। यह घटना 28 फरवरी को हुई, जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमले शुरू किए। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस अभियान को मेजर कॉम्बेट ऑपरेशंस करार दिया और ईरानी जनता से अपने शासन के खिलाफ उठ खड़े होने की अपील की। ईरानी मीडिया के अनुसार, हमले तेहरान में सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के कार्यालय के आसपास भी हुए, जहां धुआं उठता देखा गया। हालांकि, खामेनेई की स्थिति के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है।

प्राइमरी गर्ल्स स्कूल पर हमला

ईरान ने जवाबी कार्रवाई में इजरायल पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए हैं, जिससे क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया है। अमेरिका या इजरायल की ओर से अभी तक इस हमले या स्कूल पर प्रहार के बारे में कोई विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है। स्कूल पर हमला होने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक आक्रोश फैल गया है। कई रिपोर्टों में बताया गया कि यह एक प्राइमरी गर्ल्स स्कूल था, जहां निर्दोष बच्चियां पढ़ रही थीं। ईरानी अधिकारियों ने इसे नागरिकों पर क्रूर हमला करार दिया है।

घायलों में टीचर और बाकी स्टाफ

कुछ स्रोतों के अनुसार, मृतकों में अधिकांश छात्राएं थीं, जबकि घायलों में टीचर और बाकी स्टाफ शामिल हैं। यह घटना ईरान-इजरायल-अमेरिका के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव का नया मोड़ है, जो परमाणु कार्यक्रम, क्षेत्रीय प्रभाव और हाल के विरोध प्रदर्शनों से जुड़ा हुआ है। ईरान में पहले से ही आर्थिक संकट और असंतोष चल रहा था, जिसके बीच यह हमला और अधिक अस्थिरता पैदा कर सकता है। विश्व समुदाय इस घटना पर नजर बनाए हुए है। संयुक्त राष्ट्र और अन्य संगठनों से इसकी निंदा की उम्मीद है, क्योंकि स्कूल जैसी नागरिक संरचना पर हमला अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन माना जाता है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN