Source :- LIVE HINDUSTAN
मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर है। दावों के बीच जंग जारी है। ईरान पीछे हटने को किसी कीमत पर तैयार नहीं है। दूसरी ओर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कह रहे हैं कि ईरान युद्ध बहुत जल्द खत्म होने वाला है। फिलहाल इसकी संभावना कम ही नजर आ रही है।
मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर है। दावों के बीच जंग जारी है। ईरान पीछे हटने को किसी कीमत पर तैयार नहीं है। दूसरी ओर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कह रहे हैं कि ईरान युद्ध बहुत जल्द खत्म होने वाला है। फिलहाल इसकी संभावना कम ही नजर आ रही है। इस बीच एसोसिएटेड प्रेस-एनओआरसी सेंटर फॉर पब्लिक अफेयर्स रिसर्च ने एक सर्वेक्षण किया है। सर्वे के अनुसार, ज्यादातर अमेरिकी नागरिक मानते हैं कि ईरान के खिलाफ हालिया अमेरिकी सैन्य कार्रवाई अत्यधिक हो गई है। साथ ही, कई लोग बढ़ते पेट्रोल की कीमतों और उसके खर्च को लेकर गहरी चिंता जता रहे हैं।
हालांकि अमेरिका और इजराइल द्वारा शुरू किए गए इस संघर्ष के चौथे सप्ताह में भी जारी रहने के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की लोकप्रियता रेटिंग स्थिर बनी हुई है, लेकिन यह युद्ध उनकी रिपब्लिकन सरकार के लिए तेजी से बड़ी राजनीतिक चुनौती बनता जा रहा है। सर्वेक्षण में पाया गया कि लगभग 59 प्रतिशत अमेरिकियों का कहना है कि ईरान में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई हद से ज्यादा हो गई है, जबकि राष्ट्रपति ट्रंप मध्य पूर्व में और अधिक युद्धपोत तथा सैनिक तैनात करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
पेट्रोल की कीमतों को लेकर चिंता
सर्वेक्षण के मुताबिक, 45 प्रतिशत लोगों ने अगले कुछ महीनों में पेट्रोल का खर्च वहन करने को लेकर ‘अत्यधिक’ या ‘बहुत’ चिंतित होने की बात कही है। यह आंकड़ा ट्रंप के दोबारा चुनाव जीतने के तुरंत बाद किए गए सर्वेक्षण में मात्र 30 प्रतिशत था। याद रहे कि ट्रंप ने चुनाव प्रचार के दौरान अर्थव्यवस्था सुधारने और जीवनयापन की लागत घटाने के बड़े वादे किए थे। हालांकि, राष्ट्रपति के एक प्रमुख विदेश नीति लक्ष्य ( ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने) को काफी समर्थन मिला है। लगभग दो-तिहाई अमेरिकियों का मानना है कि यह अमेरिका के लिए ‘अत्यंत’ या ‘बहुत’ महत्वपूर्ण लक्ष्य होना चाहिए। लेकिन वे तेल और गैस की कीमतों को बढ़ने से रोकने को भी उतना ही जरूरी मानते हैं।
10 में से 4 अमेरिकी को ट्रंप हैं पसंद
वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रदर्शन को अभी भी लगभग 40 प्रतिशत (10 में से 4) अमेरिकी वयस्क पसंद करते हैं, जो पिछले महीने से लगभग अपरिवर्तित है। विदेश नीति पर उनकी लोकप्रियता रेटिंग से थोड़ी कम है, लेकिन वह भी काफी हद तक स्थिर बनी हुई है। ईरान के मामले में ट्रंप के अगले कदमों को लेकर अभी स्पष्टता नहीं है। बढ़ते खतरों के बावजूद उन्होंने राजनयिक वार्ता से समाधान निकालने के संकेत दिए हैं। हालांकि, अमेरिकी नागरिक ट्रंप की विदेशों में सैन्य बल के इस्तेमाल पर सही फैसले लेने की क्षमता पर आशंकित हैं और जमीनी सैनिकों की तैनाती जैसे आक्रामक कदमों का पुरजोर विरोध करते हैं।
दोनों पार्टियों में पेट्रोल की कीमतें कम रखना प्राथमिकता
पेट्रोल पंप पर कीमतें नियंत्रित रखना ऐसा दुर्लभ मुद्दा है जो रिपब्लिकन और डेमोक्रेट दोनों को एकजुट करता है। लगभग तीन-चौथाई रिपब्लिकन और दो-तिहाई डेमोक्रेट्स का कहना है कि अमेरिकी तेल और गैस की कीमतों को बढ़ने से रोकना बेहद महत्वपूर्ण है। चिंता का स्तर हालांकि अलग-अलग है। रिपब्लिकन में से केवल लगभग 30 प्रतिशत (10 में से 3) ने पेट्रोल खर्च को लेकर ‘अत्यधिक’ या ‘बहुत’ चिंता जताई, जबकि डेमोक्रेट्स में यह आंकड़ा लगभग 60 प्रतिशत (10 में से 6) है।
ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर ट्रंप का फोकस रिपब्लिकन को ज्यादा प्रभावी लगता है। लगभग दो-तिहाई कुल अमेरिकियों का मानना है कि ईरान को परमाणु हथियार से रोकना प्राथमिकता होनी चाहिए, लेकिन रिपब्लिकन में यह आंकड़ा लगभग 80 प्रतिशत (10 में से 8) है, जबकि डेमोक्रेट्स में केवल आधे ही ऐसा मानते हैं।
वहीं, इस युद्ध ने इजरायल की भूमिका को लेकर राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है। अमेरिका में केवल लगभग 40 प्रतिशत वयस्क ही मानते हैं कि ईरान को इजरायल के लिए खतरा बनने से रोकना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। ईरान की सरकार को बदलकर अमेरिका-मित्र सरकार स्थापित करने को केवल लगभग 30 प्रतिशत लोग ‘बहुत’ महत्वपूर्ण मानते हैं।
ईरान पर हद से ज्यादा कार्रवाई
लगभग 90 प्रतिशत डेमोक्रेट्स और 60 प्रतिशत निर्दलीयों का कहना है कि ईरान पर अमेरिकी हमले बहुत आगे बढ़ गए हैं। वहीं इसको लेकर रिपब्लिकन में मतभेद सबसे अधिक हैं। आधे से अधिक का मानना है कि कार्रवाई ‘लगभग सही’ रही, लेकिन केवल 20 प्रतिशत इसे और बढ़ाना चाहते हैं, जबकि 25 प्रतिशत मानते हैं कि यह बहुत आगे बढ़ गई। सर्वेक्षण में यह भी पाया गया कि लगभग 60 प्रतिशत अमेरिकी ट्रंप द्वारा टैरिफ और राष्ट्रपति शक्तियों से जुड़े मुद्दों पर भी हद से ज्यादा कदम उठाने का मानना रखते हैं। ईरान मुद्दे पर उनकी कार्रवाई अलोकप्रिय होने के बावजूद, अन्य विवादास्पद फैसलों से तुलनीय है।
जमीनी सैनिकों की तैनाती का विरोध
लगभग 60 प्रतिशत अमेरिकी ईरान से लड़ने के लिए जमीनी सैनिक भेजने का ‘कुछ हद तक’ या ‘दृढ़ता से’ विरोध करते हैं, जिसमें 80 प्रतिशत डेमोक्रेट और आधे रिपब्लिकन शामिल हैं। हवाई हमलों पर भी लगभग आधे लोग विरोध जताते हैं। विदेश नीति पर ट्रंप का भरोसा कम है। फरवरी के एपी-एनओआरसी सर्वेक्षण के अनुसार, लगभग आधे अमेरिकी वयस्कों को ट्रंप पर विदेशों में सैन्य बल के इस्तेमाल को लेकर सही फैसला लेने का ‘थोड़ा’ या ‘बिल्कुल’ भरोसा नहीं है। विदेश नीति संचालन पर सहमति मात्र 34 प्रतिशत है, जो फरवरी के 36 प्रतिशत के करीब है। नए सर्वेक्षण में ईरान मुद्दे पर ट्रंप की लोकप्रियता भी 35 प्रतिशत के आसपास है।
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