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ईरान पर हमले के लिए नाटो देश ने नहीं दिए सैन्य ठिकाने, ट्रंप ने वापस बुलाए 15 लड़ाकू विमान; धमकी भी दी

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Source :- LIVE HINDUSTAN

स्पेन द्वारा ईरान पर हमले के लिए अमेरिकी सेना को अपने सैन्य ठिकानों के इस्तेमाल से इनकार करने पर डोनाल्ड ट्रम्प भड़क गए हैं। ट्रम्प ने स्पेन पर पूर्ण व्यापार प्रतिबंध लगाने की चेतावनी दी है और अपने 15 लड़ाकू विमान वापस बुला लिए हैं।

अमेरिका और स्पेन के बीच तनाव अचानक गहरा गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो (NATO) और यूरोपीय सहयोगी स्पेन पर पूर्ण व्यापार प्रतिबंध लगाने की चेतावनी दी है। यह विवाद स्पेन द्वारा अमेरिका को ईरान पर हमले से जुड़े मिशनों के लिए अपने सैन्य ठिकानों का उपयोग करने से रोकने के बाद उत्पन्न हुआ है।

विवाद का मुख्य कारण

सैन्य ठिकानों के इस्तेमाल पर रोक: स्पेन के समाजवादी नेतृत्व ने अमेरिकी सेना को ईरान पर संभावित हमले के लिए स्पेन स्थित ठिकानों का उपयोग करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया।

विमानों की वापसी: इसके परिणामस्वरूप, अमेरिका ने दक्षिणी स्पेन में स्थित रोटा और मोरन सैन्य ठिकानों से अपने 15 विमानों (जिनमें ईंधन भरने वाले टैंकर भी शामिल हैं) को हटा लिया है।

डोनाल्ड ट्रंप की तीखी प्रतिक्रिया

व्यापार खत्म करने की चेतावनी: जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के साथ एक बैठक के दौरान ट्रंप ने संवाददाताओं से कहा- स्पेन का रवैया बहुत खराब रहा है। उन्होंने अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट को स्पेन के साथ सभी लेन-देन और व्यापार बंद करने का निर्देश दिया है।

रक्षा बजट पर निशाना: ट्रंप ने स्पेन द्वारा नाटो देशों के लिए तय की गई ‘जीडीपी के 5% रक्षा खर्च’ की मांग को अनसुना करने पर भी नाराजगी जताई।

विशेषाधिकार का दावा: पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट द्वारा उनके व्यापक वैश्विक टैरिफ को अवैध ठहराए जाने से निराश ट्रंप ने जोर देते हुए कहा- स्पेन के साथ होने वाले सभी व्यापार को रोकने का मुझे अधिकार है… और हम स्पेन के साथ ऐसा कर सकते हैं।

जर्मनी का स्पष्ट रुख: कोई अलग व्यवहार नहीं

जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने ट्रंप के साथ बैठक के बाद स्पष्ट किया कि अमेरिका यूरोपीय संघ (EU) के एक सदस्य को अलग-थलग नहीं कर सकता। उन्होंने ट्रंप को निजी तौर पर बताया कि ब्रुसेल्स और वाशिंगटन के बीच हुए व्यापार समझौते से स्पेन को बाहर नहीं किया जा सकता।

मर्ज ने कहा- हम अमेरिका के साथ टैरिफ पर एक साथ (यूरोपीय संघ के रूप में) बातचीत करते हैं या बिल्कुल नहीं करते हैं। स्पेन के साथ विशेष रूप से बुरा व्यवहार करने का कोई तरीका नहीं है। हालांकि, मर्ज ने यह भी कहा कि यूरोप भीतर से स्पेन पर रक्षा बजट बढ़ाकर 3% या 3.5% तक करने का दबाव बना रहा है, लेकिन इसका व्यापार से कोई लेना-देना नहीं है।

क्या कानूनी तौर पर यह प्रतिबंध संभव है?

अमेरिकी अधिकारियों और कानूनी विशेषज्ञों के बीच इस कदम की व्यावहारिकता को लेकर अलग-अलग राय है।

अमेरिकी प्रशासन की तैयारी: ट्रेजरी सचिव बेसेंट और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) जेमिसन ग्रीर ने कहा कि वे राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबंध के विकल्पों पर विचार कर रहे हैं और वाणिज्य विभाग इसकी जांच शुरू करेगा।

कानूनी अड़चनें (हाई बार): जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी की व्यापार कानून विशेषज्ञ जेनिफर हिलमैन के अनुसार, ट्रंप को ऐसा करने के लिए स्पेन को अमेरिका के लिए एक असामान्य और असाधारण खतरा घोषित करते हुए ‘राष्ट्रीय आपातकाल’ लागू करना होगा। एनवाईयू के प्रोफेसर पीटर शेन ने कहा कि ईरान पर बिना उकसावे के हमले के लिए स्पेन द्वारा ठिकाने न देना, अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ‘असाधारण खतरा’ कैसे हो सकता है, यह साबित करना बेहद मुश्किल है।

स्पेन की प्रतिक्रिया और आर्थिक स्थिति

स्पेन का जवाब: स्पेन सरकार ने एक बयान में कहा कि अमेरिका को अंतरराष्ट्रीय कानून, निजी व्यवसायों की स्वायत्तता और अमेरिका-यूरोपीय संघ के द्विपक्षीय व्यापार समझौतों का सम्मान करना चाहिए। मैड्रिड ने कहा कि उसके पास संभावित प्रतिबंधों के प्रभाव को कम करने और प्रभावित क्षेत्रों का समर्थन करने के लिए पर्याप्त संसाधन हैं।

पीएम पेड्रो सांचेज़ का रुख: स्पेन के वामपंथी विचारधारा वाले प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ इससे पहले भी ट्रम्प की नाराजगी मोल ले चुके हैं, जब उन्होंने इजरायल को हथियार ले जाने वाले जहाजों को स्पेन में रुकने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था।

आर्थिक आंकड़े (2025): स्पेन जैतून के तेल (olive oil) का दुनिया का शीर्ष निर्यातक है और अमेरिका को ऑटो पार्ट्स, स्टील और रसायन निर्यात करता है। 2025 में, अमेरिका और स्पेन के बीच व्यापार में अमेरिका 4.8 बिलियन डॉलर के फायदे में था (अमेरिका ने 26.1 बिलियन डॉलर का निर्यात किया, जबकि 21.3 बिलियन डॉलर का आयात किया)। अमेरिका स्पेन को बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस (LNG) बेचता है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN