Home विश्व समाचार ईरान पर मिसाइलें बरसाने के लिए ब्रिटेन ने अमेरिका को दिया अपना...

ईरान पर मिसाइलें बरसाने के लिए ब्रिटेन ने अमेरिका को दिया अपना मिलिट्री बेस, और भड़केगी आग

12
0

Source :- LIVE HINDUSTAN

ईरान पर हमले थमते नजर नहीं आ रहे हैं। अमेरिका और इजरायल ने ईरान के महत्वपूर्ण सैन्य, राजनीतिक और खुफिया ठिकानों को निशाना बनाया है और जंग की आग दूसरे देशों तक भी फैल गई है।

Iran America War: मिडिल ईस्ट में युद्ध के महायुद्ध में तब्दील होने का खतरा बढ़ता ही जा रहा है। ईरान पर अमेरिका और इजरायली हमले थमते नजर नहीं आ रहे हैं। वहीं ईरान ने भी पूरी ताकत से पलटवार करते हुए खाड़ी देशों में अमेरिकी बेस को निशाना बनाया है। UAE, कुवैत जैसे देशों में धमाकों की आवाजें गूंज रही हैं। इस बीच अब ब्रिटेन ने ईरान पर मिसाइलें बरसाने के लिए अपना मिलिट्री बेस अमेरिका को देने का ऐलान कर दिया है। ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने रविवार को कहा है कि उनके देश ने ईरानी मिसाइलों के खिलाफ हमलों के लिए ब्रिटिश बेस का इस्तेमाल करने के लिए अमेरिका के अनुरोध को मान लिया है।

ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो मैसेज शेयर करते हुए कहा, “अमेरिका ने कुछ खास और लिमिटेड डिफेंसिव मकसद के लिए ब्रिटिश बेस का इस्तेमाल करने की अनुमति मांगी है। हमने ईरान को पूरे इलाके में मिसाइल दागने से रोकने के लिए इस अनुरोध को मानने का फैसला किया है।”

क्या बोले स्टारमर?

हालांकि स्टारमर ने इस दौरान दोहराया है कि ब्रिटेन शनिवार को ईरान पर हुए अमेरिकी इजरायली एयर स्ट्राइक में शामिल नहीं था। उन्होंने ईरान पर आरोप लगाते हुए कहा कि ईरान ने पूरे इलाके में लगातार हमले किए हैं और उसकी मिसाइलों ने उन एयरपोर्ट और होटलों को निशाना बनाया है जहां ब्रिटिश नागरिक ठहरे हुए थे।

ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने कहा, “हमले फैसला किया था कि ब्रिटेन ईरान पर हमलों में शामिल नहीं होगा यह फैसला हमने सोच-समझकर लिया था क्योंकि हमारा मानना ​​है कि इस इलाके और दुनिया के लिए आगे बढ़ने का सबसे अच्छा तरीका बातचीत से समझौता करना है। लेकिन फिर भी ईरान ब्रिटिश हितों पर हमला कर रहा है और ब्रिटिश लोगों को बहुत बड़े खतरे में डाल रहा है।”

ईरान ने खाई कसम

ब्रिटिश प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात, कतर और कुवैत सहित अन्य खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बनाकर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। ईरानी कार्रवाई को अमेरिका और इजरायल द्वारा पहले किए गए संयुक्त हमलों का प्रतिशोध बताया गया है। ईरान ने सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की हत्या का बदला लेने की कसम भी खाई है।

साइप्रस में ब्रिटिश बेस पर ड्रोन से हमला

इस बीच स्काई न्यूज ने ब्रिटिश के रक्षा मंत्रालय के हवाले से बताया कि साइप्रस में ब्रिटेन के रॉयल एयर फोर्स बेस अक्रोटिरी पर एक संदिग्ध ड्रोन हमला हुआ है। साइप्रस ने भी ड्रोन हमले की पुष्टि की है जिसमें द्वीप पर एक ब्रिटिश बेस को निशाना बनाया गया है और काफी नुकसान भी हुआ है। हालांकि किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN