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ईरान ने बढ़ाई इजरायल-अमेरिका की चिंता, पहली बार दागी ‘डांसिंग मिसाइल’, जानें इसकी ताकत

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Source :- LIVE HINDUSTAN

मिडिल ईस्ट में जारी अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध के 16वें दिन रविवार को ईरान ने इजरायल और अमेरिकी ठिकानों पर बड़े पैमाने पर मिसाइल हमले किए। ईरानी समाचार एजेंसी प्रेस टीवी के अनुसार, इन हमलों में स्वदेशी रूप से विकसित सेज्जिल बैलिस्टिक मिसाइल का पहली बार इस्तेमाल किया गया है

मिडिल ईस्ट में जारी अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध के 16वें दिन रविवार को ईरान ने इजरायल और अमेरिकी ठिकानों पर बड़े पैमाने पर मिसाइल हमले किए। ईरानी समाचार एजेंसी प्रेस टीवी के अनुसार, इन हमलों में स्वदेशी रूप से विकसित सेज्जिल बैलिस्टिक मिसाइल का पहली बार इस्तेमाल किया गया है। यह हमला फरवरी के अंत में शुरू हुए युद्ध के बाद सेज्जिल मिसाइल का पहला युद्धकालीन प्रक्षेपण है। ईरानी सेना ने ‘ट्रू प्रॉमिस 4’ अभियान के तहत इजरायल के कमांड एंड कंट्रोल सेंटर्स और महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। सेज्जिल मिसाइल ठोस ईंधन से संचालित दो-चरण वाली मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल है, जिसकी अनुमानित मारक क्षमता करीब 2000 किलोमीटर है और यह 700 किलोग्राम तक विस्फोटक ले जा सकती है।

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दरअसल, इस मिसाइल को नाचने वाली मिसाइल यानी डांसिंग मिसाइल के नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि यह उच्च ऊंचाई पर पैंतरेबाजी कर सकती है, जिससे आयरन डोम जैसी मिसाइल रक्षा प्रणालियों को चकमा देना आसान हो जाता है। सेंटर फॉर स्ट्रेटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज (CSIS) के अनुसार, यह मिसाइल लगभग 18 मीटर लंबी, 1.25 मीटर व्यास वाली और 23,600 किलोग्राम वजनी है। ठोस ईंधन के कारण इसे तेजी से तैयार और लॉन्च किया जा सकता है, जो पुरानी तरल ईंधन वाली शाहब श्रृंखला से बेहतर रणनीतिक लाभ देता है।

सेज्जिल के विकास का काम 1990 के दशक में शुरू हुआ था। पहला परीक्षण 2008 में हुआ, जिसमें यह करीब 800 किमी दूर गई। उसके बाद कई परीक्षण हुए, जिसमें 1900 किमी तक की दूरी तय करने का रिकॉर्ड है। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब युद्ध 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर संयुक्त हमलों से शुरू हुआ था। इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता आयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई थी, जिसके बाद क्षेत्र में व्यापक संघर्ष भड़क उठा।

ईरान ने जवाबी कार्रवाई में इजरायल और खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों पर लगातार मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं, जबकि इजरायल-अमेरिका ने ईरानी ठिकानों पर हमले जारी रखे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, युद्ध में अब तक 2000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं, जिनमें ज्यादातर ईरानी हैं। पेंटागन ने बताया कि संघर्ष शुरू होने के बाद अमेरिकी और इजरायली सेनाओं ने ईरान में 15000 से अधिक ठिकानों पर हमले किए हैं। अमेरिकी मीडिया के अनुसार, पेंटागन ने क्षेत्र में यूएसएस त्रिपोली जैसे उभयचर हमलावर जहाज को 2500 मरीन सैनिकों के साथ तैनात किया है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN