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अपडेटेड एक घंटा पहले
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ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने पुष्टि की है कि उनके इंटेलिजेंस मिनिस्टर इस्माइल ख़ातिब मारे गए हैं.
इससे पहले इसराइल ने कहा था कि बीती रात हवाई हमलों में ख़ातिब मारे गए थे.
सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखे पोस्ट में मसूद पेज़ेश्कियान ने कहा है, “मेरे प्रिय सहकर्मियों इस्माइल ख़ातिब, अली लारिजानी और अज़ीज़ नासिरज़ादेह की कायराना हत्या, साथ ही उनके परिवार के कुछ सदस्यों और उनके साथ मौजूद लोगों की मौत ने हमें गहरे शोक में डाल दिया है.”
उन्होंने आगे लिखा, “मैं ईरान के लोगों के प्रति, दो मंत्रिमंडल सदस्यों, शूरा के सचिव, सैन्य और बासिज कमांडरों की शहादत पर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूँ.”
ईरान के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी लारिजानी और देश के रक्षा मंत्री नासिरज़ादेह की मौत की पुष्टि पहले ही की जा चुकी है.
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आईडीएफ़ ने और क्या कहा था?
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वहीं बुधवार को दिन में इसराइल डिफ़ेंस फ़ोर्सेज़ (आईडीएफ़) ने ईरान के इंटेलिजेंस मिनिस्टर इस्माइल ख़ातिब के मारे जाने को लेकर और भी जानकारियां साझा की थीं.
आईडीएफ़ ने बताया था कि यह हमला तेहरान में एक “टारगेटेड स्ट्राइक” के तौर पर किया गया था. इसके बारे में पहले जानकारी इसराइल के रक्षा मंत्री ने दी थी.
आईडीएफ़ का दावा था कि ख़ातिब का ख़ुफ़िया मंत्रालय सरकार की “दमनकारी और आतंकी गतिविधियों” को समर्थन देने में अहम भूमिका निभा रहा था, और ख़ुद खातिब ने हाल के प्रदर्शनों पर कार्रवाई के दौरान “प्रदर्शनकारियों की गिरफ़्तारी और हत्या” में “महत्वपूर्ण भूमिका” निभाई थी.
आईडीएफ़ ने यह भी कहा, “उनका ख़त्म किया जाना ईरानी शासन के कई अन्य वरिष्ठ कमांडरों के ख़त्म किए जाने की कड़ी में शामिल है. और इससे शासन की कमांड और कंट्रोल व्यवस्था को काफ़ी नुक़सान पहुंचा है.”
इसराइल के रक्षा मंत्री इसराइल कात्ज़ ने दावा किया था कि ईरान के इंटेलिजेंस मिनिस्टर इस्माइल ख़ातिब मारे गए हैं.
कात्ज़ ने बयान में कहा था, “पिछली रात ईरान के इंटेलिजेंस मिनिस्टर ख़ातिब को भी ख़त्म कर दिया गया.”
कौन थे ख़ातिब?
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इस्माइल ख़ातिब का जन्म 1961 में ख़ोरासान प्रांत (वर्तमान दक्षिण ख़ारासान) के क़ायनात काउंटी में हुआ था. उन्होंने अपना छात्र जीवन क़ुम के मदरसे में बिताया.
ख़ातिब ने कई बड़े धर्मगुरुओं से इस्लामी क़ानून की पढ़ाई की थी, जिनमें ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई भी शामिल थे.
अपनी धार्मिक शिक्षा प्राप्त करने के दौरान, उन्होंने रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर में अपनी ख़ुफ़िया और सुरक्षा गतिविधियों की शुरुआत की और दशकों में इस क्षेत्र में सर्वोच्च पदों तक पहुंचे.
खातिब 1980 में ईरान-इराक़ युद्ध की शुरुआत में आईआरजीसी की ऑपरेशनल इंटेलिजेंस में शामिल हुए थे, और वो “आईआरजीसी के ख़ुफ़िया संगठन के अहम लोगों” में से एक के रूप में जाने गए.
ईरानी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस्माइल ख़ातिब ख़ुफिया मंत्रालय की स्थापना के दो साल बाद, 1985 से लेकर 2010 तक विभिन्न पदों पर सक्रिय रहे.
ईरान के इंटेलिजेंस मिनिस्टर इस्माइल ख़ातिब को पूर्व राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी ने 2021 में नियुक्त किया था.
2022 में अमेरिका के वित्त मंत्रालय ने ख़ातिब को ‘अमेरिका और उसके सहयोगियों के ख़िलाफ़ साइबर गतिविधियों में शामिल होने’ के कारण प्रतिबंधित किया था.
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