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ईरान नहीं, अमेरिका को बर्बादी का दोष दे रहे खाड़ी देश; किस बात को लेकर है नाराजगी?

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Source :- LIVE HINDUSTAN

युद्ध की शुरुआत से ही ईरान ने अमेरिका के सहयोगी खाड़ी देशों पर लगातार मिसाइलों और ड्रोन से हमले किए हैं। अमेरिकी विदेश विभाग ने गुरुवार को ईरान द्वारा किए गए हमलों के बाद कुवैत स्थित अमेरिकी दूतावास को बंद करने की घोषणा की है।

कट्टर दुश्मन अमेरिका और ईरान एक बार फिर एक दूसरे के खून के प्यासे बन गए हैं और दोनों के बीच भीषण जंग छिड़ चुकी है। दो देशों के बीच छिड़े इस युद्ध में सबसे ज्यादा नुकसान किसी का हुआ है तो वे खाड़ी देश हैं। पिछले सप्ताह अमेरिकी और इजरायली हमलों से तिलमिलाए ईरान ने खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बनाते हुए मिसाइलों की बारिश कर दी है। इससे खाड़ी देशों में अब तक कई लोगों की मौत हो गई है और लाखों डॉलर का नुकसान हुआ है। हालांकि अब ये देश इस नुकसान का दोष ईरान को नहीं, बल्कि अमेरिका को ही दे रहे हैं।

खाड़ी देशों ने शिकायत की है कि उन्हें अमेरिका और इजरायली हमलों के बाद अपने देशों पर ईरानी ड्रोन और मिसाइलों की बौछार के लिए तैयार होने के लिए पूरा समय नहीं दिया गया। उन्होंने अमेरिका पर बड़े आरोप भी लगाए हैं। दो खाड़ी देशों के अधिकारियों ने कहा है कि उनकी सरकारें अमेरिका के युद्ध को संभालने के तरीके से निराश हैं। उन्होंने कहा कि उनके देशों को अमेरिकी हमले की पहले से जानकारी नहीं दी गई थी।

एक अधिकारी ने कहा कि खाड़ी देश निराश हैं और गुस्से में भी हैं कि अमेरिकी सेना ने उनकी कोई मदद नहीं की। उन्होंने कहा कि इलाके में यह माना जाता है कि अमेरिका सिर्फ अपने सैनिकों और इजरायल की सुरक्षा पर ध्यान दे रहा है और खाड़ी देशों को खुद की रक्षा करने के लिए छोड़ दिया गया है। अधिकारी ने यह भी कहा कि उनके देश के इंटरसेप्टर का स्टॉक तेजी से कम हो रहा है।

खाड़ी देशों ने दी थी चेतावनी

इससे पहले सऊदी अरब, यूएई और कुवैत जैसे खाड़ी देशों ने डोनाल्ड ट्रंप को पहले ही चेतावनी दी थी कि अगर युद्ध शुरू हुआ पूरे इलाके में तबाही मच सकती है। रिपोर्ट्स में यह बात भी सामने आई थी कि ट्रंप ने तात्कालिक चुनौतियों को देखते हुए ईरान पर हमला ना करने के खाड़ी देशों के अनुरोध को मान लिया था। हालांकि अब खाड़ी देशों का कहना है कि उनकी चेतावनियों को नजरअंदाज कर ट्रंप ने बड़ी गलती की है।

ईरान ने की मिसाइलों की बौछार

ईरान ने युद्ध शुरू होने के बाद से खाड़ी देशों को लगातार निशाना बनाया है। जानकारी के मुताबिक, जंग शुरू होने के बाद से ईरान ने पांच अरब खाड़ी देशों को निशाना बनाकर कम से कम 380 मिसाइलें और 1,480 से ज्यादा ड्रोन दागे हैं। अधिकारियों के मुताबिक, इन हमलों में कम से कम 13 लोग मारे गए हैं। वहीं ईरान ने सऊदी और बहरीन जैसे देशों में तेल ठिकानों पर भी अटैक किया है, जिससे ग्लोबल ऑयल सप्लाई चेन पर खतरा मंडरा रहा है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN