Source :- LIVE HINDUSTAN
ईरान की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम ने अमेरिका-इजराइल के हमले में मिनाब की प्राइमरी स्कूल में मारे गए मासूम बच्चों को श्रद्धांजलि देते हुए विरोध प्रदर्शन किया। तुर्की में नाइजीरिया के खिलाफ दोस्ताना मैच से पहले राष्ट्रगान के दौरान ईरानी खिलाड़ी स्कूलबैग थामे नजर आए।
ईरान की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम ने शुक्रवार को एक मैच के दौरान मिनाब प्राइमरी स्कूल पर हुए हमले में मारे गए बच्चों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। तुर्की में नाइजीरिया के खिलाफ दोस्ताना मैच से पहले ईरान की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम ने एक बेहद भावुक और प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन किया। ईरान की फुटबॉल टीम के खिलाड़ियों ने राष्ट्रगान बजते समय काला आर्मबैंड पहना और हाथों में छोटे बच्चों के स्कूल बैग थामे रखा। 28 फरवरी 2026 को मीनाब शहर के एक प्राइमरी स्कूल पर हुए अमेरिकी-इजरायली बमबारी में 165 से अधिक बच्चे की मौत हो गई थी। इस हमले में स्कूल पूरी तरह तबाह हो गया था।
सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरों में ईरानी खिलाड़ी राष्ट्रगान के दौरान एक साथ खड़े हैं और उनके हाथों में बच्चों के चमकीले रंग के बैग थे। ईरानी सरकार से जुड़े मीडिया संगठन प्रेस टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक ईरान की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम द्वारा राष्ट्रगान के दौरान स्कूल बैग थामना उन बच्चों को याद करना था जो मीनाब में एक स्कूल पर हुए अमेरिकी-इजरायली बमबारी में मारे गए थे।
ईरान ने शुक्रवार को अपनी खेल टीमों को उन देशों की यात्रा करने से प्रतिबंधित कर दिया है, जिन्हें वह शत्रु मानता है। ईरान के सरकारी टीवी ने सऊदी अरब में उनके देश के फुटबॉल क्लब ट्रैक्टर एफसी के निर्धारित मैच से पहले गुरुवार को यह जानकारी दी। तेहरान में ईरान के खेल मंत्रालय द्वारा घोषित प्रतिबंध में विश्व कप फुटबॉल का कोई जिक्र नहीं किया गया है जो 11 जून से अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको में शुरू हो रहा है। मंत्रालय के बयान में दुबई के शबाब अल अहली के खिलाफ सऊदी अरब में होने वाले ट्रैक्टर एफसी के मैच का विशेष रूप से उल्लेख किया गया है। यह एशियाई चैंपियंस लीग एलीट का प्लेऑफ मैच है।
एशियाई फुटबाल परिसंघ ने बुधवार को प्लेऑफ के ड्रॉ निर्धारित किए थे जिसके अनुसार इन मैच का आयोजन 13 और 14 अप्रैल को सऊदी अरब के जेद्दा में होना है। इनमें ईरान के क्लब ट्रैक्टर एफसी का मैच भी शामिल था। गत 28 फरवरी को शुरू हुए इस युद्ध ने ईरान और लेबनान में भारी तबाही मचाई है।
ईरान ने शुक्रवार को जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 61वें सत्र को संबोधित करते हुए अमेरिका-इजरायल पर दक्षिण ईरान में लड़कियों के स्कूल पर ‘जानबूझकर और इरादतन’ हमला करने का आरोप लगाया। ईरान ने इसे ‘युद्ध अपराध’ और ‘मानवता के खिलाफ अपराध’ करार दिया है।ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने चेतावनी दी कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नि रंतर चुप्पी वैश्विक संस्थानों और मानदंडों को कमजोर करेगी। इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ रेड क्रॉस के अनुसार, अमेरिकी-इजरायली हमलों में अब तक 1,900 से अधिक लोग मारे गए हैं और 20,000 से अधिक घायल हुए हैं।
SOURCE : LIVE HINDUSTAN



