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आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई कब और कहां मारे गए, अब तक जो बातें पता हैं

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Source :- BBC INDIA

 आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई

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ईरान के सरकारी मीडिया ने बताया है कि ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई की मौत हो गई है.

इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर ख़ामेनेई की मौत की बात कही थी.

अमेरिका और इसराइल ने शनिवार को ईरान पर बड़े पैमाने पर हमला किया था जिसके बाद ख़ामेनेई की मौत की ख़बर आई है.

इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने पहले कहा था, “ख़ामेनेई का तेहरान स्थित आवास एक ज़बरदस्त और अचानक हुए हमले में तबाह हो गया है, और ऐसे कई संकेत हैं कि 86 साल के मौलवी अब नहीं रहे.”

ईरान ने इस हमले का जवाब इसराइल और चार खाड़ी अरब देशों, जहां अमेरिका के मिलिट्री बेस हैं- बहरीन, कुवैत, क़तर और संयुक्त अरब अमीरात की ओर मिसाइलें और ड्रोन लॉन्च करके दिया है.

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सरकारी टीवी चैनलों पर प्रेज़ेंटर्स के पढ़े गए बयानों से ये पता चला है कि ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने बताया है कि आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई की शनिवार तड़के उनके दफ़्तर में मौत हुई, जब वह “अपने कामकाज में व्यस्त थे.”

वहीं बीबीसी वेरिफ़ाई ने सैटेलाइट तस्वीरों का इस्तेमाल करते हुए यह भी पुष्टि की है कि तेहरान में ख़ामेनेई के दफ़्तर लीडरशिप हाउस कंपाउंड के कई हिस्सों को गंभीर नुकसान पहुँचा है.

ईरान की इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) से जुड़ी तसनीम न्यूज़ एजेंसी ने कहा है कि ख़ामेनेई की अपने दफ़्तर में हुई मौत इस बात का सबूत है कि उनके कहीं छिप जाने की ख़बरें “दुश्मनों का मनोवैज्ञानिक युद्ध” थीं.

ईरान में क्या हो रहा है?

इसराइल के तेल अवीव में ईरानी मिसाइली हमले के बाद का मंज़र

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शनिवार को स्थानीय समय के हिसाब से सुबह 09:30 बजे के कुछ देर बाद, ईरानी मीडिया ने राजधानी तेहरान में धमाकों की ख़बर दी. तस्वीरों में शहर के जम्हूरी स्क्वायर और हसन अबाद स्क्वायर के ऊपर धुआं दिखाई दिया.

ख़बरों के मुताबिक़ कि देश के कई दूसरे शहरों में भी धमाकों की आवाज़ सुनी गई, जिसमें तेहरान के पास करज, देश के बीच में इस्फ़हान और क़ोम, और पश्चिम में करमानशाह शामिल हैं.

सोशल मीडिया पर चल रहे वीडियो में लोग धमाकों वाली जगहों के पास घबराकर भागते हुए दिख रहे हैं. इसके बैकग्राउंड में चीख़ने और रोने की आवाज़ें सुनी जा सकती थीं.

बीबीसी के वेरिफाइड फुटेज में तेहरान में लीडरशिप हाउस के एक किलोमीटर के अंदर धमाके दिखे, जो ईरान में सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई का आवासीय परिसर है.

बीबीसी को मिली सैटेलाइट तस्वीरों में भी कंपाउंड में काफ़ी नुक़सान के निशान दिखे, जिसमें काली पड़ी इमारतें, मलबा और धुएं का ग़ुबार शामिल है.

यह तुरंत स्पष्ट नहीं था कि हमले के समय ख़ामेनेई वहाँ थे या नहीं.

शनिवार दोपहर को जब सुप्रीम लीडर की सेहत के बारे में पूछा गया, तो ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकई ने बीबीसी को बताया कि वह “कुछ भी कन्फ़र्म करने की हालत में नहीं हैं.”

लेकिन शनिवार शाम को इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने एक टेलीविज़न भाषण में कहा कि “हमने तेहरान के बीचों-बीच तानाशाह ख़ामेनेई के कंपाउंड को तबाह कर दिया. इस बात के कई संकेत हैं कि तानाशाह ख़ुद अब नहीं रहे.”

इसके बाद ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, “इतिहास के सबसे बुरे लोगों में से एक, ख़ामेनेई की मौत हो चुकी है.”

ट्रंप ने लिखा, “इसराइल के साथ मिलकर काम करते हुए, वह हमारे इंटेलिजेंस और बहुत एडवांस्ड ट्रैकिंग सिस्टम से बच नहीं सके. वह या उसके साथ मारे गए दूसरे लीडर कुछ भी नहीं कर सके. यह ईरानी लोगों के लिए अपना देश वापस पाने का सबसे बड़ा मौक़ा है.”

तेहरान में हमले

ईरान की राजधानी तेहरान के पास हुए हमले के बाद का मंज़र

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ख़बरों के मुताबिक़, राजधानी में ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान के ऑफिस को भी पहले हमलों में निशाना बनाया गया. ईरान के सरकारी टीवी ने कहा कि राष्ट्रपति पेज़ेश्कियान “सुरक्षित” हैं और बाद में उन्होंने एक बयान जारी किया.

शनिवार सुबह मॉनिटर्स को लगभग पूरी तरह से इंटरनेट ब्लैकआउट का पता लगा, इसके बावजूद पूरे दिन हमलों और धमाकों की कई और घटनाएं हुईं.

ईरान की सरकारी न्यूज़ एजेंसी, इरना ने कहा कि तेहरान, कराक और क़ोम के साथ-साथ पश्चिमी प्रांतों लोरेस्तान, हमादान, केरमानशाह और इलम; उत्तर पश्चिम में तबरीज़; और दक्षिणी खाड़ी प्रांत होर्मोज़गन के कुछ हिस्सों, जिसमें केशम द्वीप भी शामिल है, में धमाके हुए.

पश्चिमी शहर देज़फुल; दक्षिण में शिराज और केरमान के बाहरी इलाकों; उत्तर-पश्चिम में कुर्दिस्तान और पश्चिमी अज़रबैजान; मध्य प्रांत मरकाज़ी; उत्तर में कज़्विन और ज़ांजन, और दक्षिण-पूर्व में सिस्तान बलूचिस्तान में भी धमाकों की ख़बरें थीं.

शनिवार शाम को, ईरानी रेड क्रिसेंट के एक प्रवक्ता ने स्थानी मीडिया को बताया कि ईरान के 31 में से 24 प्रांत अमेरिकी और इसराइली हमलों में निशाना बने हैं.

उन्होंने यह भी कहा कि देर शाम 20:45 तक देश भर में कुल 201 लोग मारे गए और 747 अन्य घायल हुए, लेकिन इलाक़े का ब्योरा नहीं दिया.

सरकारी मीडिया ने कहा कि होर्मोज़गान प्रांत के मिनाब में लड़कियों के एक प्राइमरी स्कूल पर इसराइली हमले में कम से कम 85 लोग मारे गए.

बीबीसी इन दावों की पुष्टि नहीं कर पाया है. ईरान के सिविल एविएशन ऑर्गनाइज़ेशन ने कहा है कि देश का एयरस्पेस अगली सूचना तक बंद है.

अमेरिका और इसराइल ने क्या कहा है?

इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू

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शनिवार सुबह पहला बयान इसराइली रक्षा मंत्री इसराइल काट्ज़ का आया. उन्होंने कहा कि उनके देश ने “ख़तरों को दूर करने के लिए ईरान पर हमला किया है” और इसराइलियों को जवाबी मिसाइल और ड्रोन हमलों के लिए तैयार रहने की चेतावनी दी.

इसके क़रीब एक घंटे बाद ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक वीडियो पोस्ट किया जिसमें हमलों में अमेरिका के शामिल होने की पुष्टि की गई और कहा गया कि इसका मक़सद “ईरानी शासन से मिल रहे ख़तरों को ख़त्म करके अमेरिकी लोगों की रक्षा करना” था.

उन्होंने आगे कहा, “हम उनकी मिसाइलों को नष्ट कर देंगे और उनके मिसाइल उद्योग को मिट्टी में मिला देंगे. इसे फिर से पूरी तरह से ख़त्म कर दिया जाएगा. हम उनकी नेवी को ख़त्म कर देंगे. हम यह पक्का करेंगे कि इलाक़े के आतंकवादी प्रॉक्सी अब इलाक़े या दुनिया को अस्थिर न कर सकें और हमारी सेना पर हमला न कर सकें.”

ट्रंप ने कहा, “और हम यह पक्का करेंगे कि ईरान को परमाणु हथियार न मिले.”

इससे पहले ट्रंप ने कई हफ़्तों तक ईरान को धमकियाँ दीं और कहा था कि ‘अगर ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम पर नई डील पर सहमत नहीं होता है तो वह मिलिट्री एक्शन का आदेश देंगे.’

ईरान ने बार-बार कहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह से शांतिपूर्ण है और वह परमाणु हथियार हासिल करना नहीं चाहता है.

ट्रंप ने ईरानी सेना के सदस्यों से यह भी कहा कि वे या तो अपने हथियार डाल दें और उन्हें “पूरी छूट” मिले, या “पक्की मौत का सामना करना पड़ेगा.”

उन्होंने ईरानी नागरिकों से भी अपने घरों में रहने और मौलवी वर्ग को उखाड़ फेंकने के लिए तैयार रहने को कहा.

ट्रंप ने कहा, “जब हमारा काम ख़त्म हो जाए, तो अपनी सरकार पर क़ब्ज़ा कर लें. यह आपको ही लेना होगा. यह शायद कई पीढ़ियों के लिए आपका एकमात्र मौक़ा होगा.”

ट्रंप

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इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने कहा कि इसराइल और अमेरिका ने “ईरान में आतंकवादी शासन से पैदा हुए अपने अस्तित्व के ख़तरे को दूर करने के लिए ऑपरेशन” किया है.

ट्रंप को धन्यवाद देते हुए, उन्होंने अपना संदेश दोहराया कि ईरान को “ऐसे परमाणु हथियारों से लैस नहीं होने देना चाहिए जो उसे पूरी इंसानियत के लिए ख़तरा बनने में उसकी मदद करे.”

उन्होंने कहा कि ये हमले “बहादुर ईरानी लोगों के लिए अपनी किस्मत अपने हाथों में लेने का अवसर बनाएंगे.”

नेतन्याहू ने कहा, “ईरान में सभी तबकों के लोगों के लिए ज़ुल्म से आज़ाद होने और एक आज़ाद और शांति चाहने वाला ईरान बनाने का समय आ गया है.”

अमेरिकी मिलिट्री के सेंट्रल कमांड ने शनिवार शाम को एक बयान में कहा कि अमेरिका और इसराइली सेनाओं ने “ईरानी सरकार के सिक्योरिटी सिस्टम को ख़त्म करने के लिए, फ़ौरन ख़तरा बनने वाली जगहों को प्राथमिकता देते हुए टारगेट पर हमला करना शुरू कर दिया है.”

कमांड ने कहा, “ख़बर है कि इन टारगेट्स में इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड कोर (आईआरजीसी) कमांड-एंड-कंट्रोल फैसिलिटी, एयर डिफेंस क्षमताएं, मिसाइल और ड्रोन लॉन्च साइट और मिलिट्री एयरफील्ड शामिल थे.”

इस बीच इसराइल डिफेंस फोर्सेज ने घोषणा की कि लगभग 200 फाइटर जेट ने पश्चिमी और मध्य ईरान में “मिसाइल ऐरे और डिफेंस सिस्टम के ख़िलाफ़ बड़े हमले” में हिस्सा लिया था.

इसमें आगे कहा गया कि लड़ाकू विमानों ने एक साथ लगभग पांच सौ टारगेट पर सैकड़ों हथियार गिराए, जिनमें एरियल डिफेंस सिस्टम और मिसाइल लॉन्चर शामिल थे, और ईरान की हमला करने की क्षमता को बहुत कम कर दिया.

इसराइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा कि इन हमलों ने “आयतुल्लाह शासन के बड़े अधिकारियों, रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के कमांडरों और न्यूक्लियर प्रोग्राम के बड़े लोगों को बेअसर कर दिया.”

आईडीएफ़ ने ईरान के डिफेंस सिस्टम के सात बड़े सदस्यों के नाम बताए, जिनके मारे जाने की बात कही गई है.

इनमें ईरान की डिफेंस काउंसिल के सेक्रेटरी और ख़ामेनेई के भरोसेमंद सलाहकार अली शमखानी, साथ ही आईआरजीसी कमांडर मेजर जनरल मोहम्मद पाकपुर और रक्षा मंत्री ब्रिगेडियर जनरल अज़ीज़ नसीरज़ादेह शामिल हैं.

आईडीएफ़ के चीफ़ ऑफ़ स्टाफ़, लेफ्टिनेंट जनरल इयाल ज़मीर ने कहा कि पिछले जून में इसराइल और ईरान के बीच 12 दिन की लड़ाई के बाद से इसराइली और अमेरिकी राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व ने शनिवार के हमलों के लिए एक “गहरी और पूरी जॉइंट ऑपरेशनल प्लानिंग प्रोसेस” शुरू की थी.

इस दौरान अमेरिका ने ईरान की तीन ख़ास न्यूक्लियर फैसिलिटीज़ पर हमले किए थे.

ईरान ने क्या जवाब दिया है?

ईरानी मिसाइल

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ईरान के विदेश मंत्री ने इसराइल और अमेरिका पर “पूरी तरह से बिना उकसावे के, ग़ैरकानूनी और नाजायज़” जंग शुरू करने का आरोप लगाया.

ईरानी विदेशी मंत्री अराग़ची ने एक्स पर लिखा, “हमारी ताक़तवर सेना इस दिन के लिए तैयार है और हमलावरों को वह सबक सिखाएगी जिसके वे हक़दार हैं.”

ईरानी रक्षा मंत्रालय ने भी इसराइल और अमेरिका के “क्रूर हमले” का “कठोर और दोनों देशों में अफ़सोस पैदा करने वाला” जवाब देने की कसम खाई.

ईरान के सेमी-ऑफिशियल तस्नीम न्यूज़ एजेंसी ने आईआरजीसी के हवाले से कहा कि उसकी सेना ने इसराइल में कई जगहों के साथ-साथ इस इलाक़े में अमेरिका की पांच बड़ी मिलिट्री जगहों, क़तर में अल उदैद एयरबेस, संयुक्त अरब अमीरात में अल धफरा एयरबेस, बहरीन में अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट हेडक्वार्टर, कुवैत में अली अल सलेम एयरबेस और जॉर्डन में मुवफ्फाक साल्टी एयरबेस पर हमला करके इन हमलों का जवाब दिया.

रिपोर्ट के मुताबिक़, आईआरजीसी ने यह भी कहा कि अमेरिका के एक कॉम्बैट सपोर्ट वेसल पर मिसाइलों से “गंभीर हमले” हुए हैं, और क़तर में अमेरिका का पीएफ़-132 रडार सिस्टम “पूरी तरह से तबाह” हो गया है.

इस बीच, इस इलाक़े में यूरोपियन यूनियन के नेवल मिशन, यूनावफ़ोर एस्पाइड्स ने कहा कि आईआरजीसी ने वेसल को रेडियो मैसेज भेजकर चेतावनी दी है कि खाड़ी में “किसी भी जहाज़ को होर्मुज़ स्ट्रेट से गुज़रने की इजाज़त नहीं है”, जिससे दुनिया भर के तेल और गैस शिपमेंट का लगभग 20% गुज़रता है.

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि उसकी सेनाओं ने शनिवार को “ईरानी मिसाइल और ड्रोन के सैंकड़ों हमलों को सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया.”

इसमें यह भी कहा गया कि किसी भी अमेरिकी के हताहत या घायल होने की ख़बर नहीं है और इस इलाक़े में अमेरिकी इंस्टॉलेशन को “कम से कम नुक़सान हुआ है और इससे ऑपरेशन पर कोई असर नहीं पड़ा है.”

वहीं इसराइली मीडिया ने बताया कि ईरान ने इसराइल की ओर लगभग 150 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिनमें से ज़्यादातर छोटी थीं, साथ ही दर्जनों अटैक ड्रोन भी दागे.

उन्होंने बताया कि एयर डिफेंस सिस्टम ने कई मिसाइलों को रोक लिया, जबकि कुछ खुली जगहों पर गिरीं.

मैगन डेविड एडोम एम्बुलेंस सर्विस ने कहा कि उसने सेंट्रल इसराइल में छर्रे लगने से घायल एक किशोर का इलाज किया, और उत्तर में एक आदमी ब्लास्ट शॉकवेव से घायल हो गया.

उसने आगे कहा कि उत्तर में एक दूसरा व्यक्ति मिसाइल के धमाके के बाद ऊंची जगह से गिरने से घायल हो गया.

यूएई के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने “ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलों से जुड़े एक खुले हमले” का सामना किया और उनमें से कई को रोक लिया.

हालांकि स्थानीय अधिकारियों ने कहा कि अबू धाबी शहर में गिरते मलबे से एक पाकिस्तानी नागरिक की मौत हो गई. दुबई में लैंडमार्क पाम डेवलपमेंट में चार अन्य लोग घायल भी हो गए.

दुबई एयरपोर्ट्स ने एक बयान में कहा कि शनिवार शाम को एक “घटना” में दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जो दुनिया का सबसे बिज़ी इंटरनेशनल ट्रैफिक एयरपोर्ट है, उसका एक कॉनकोर्स डैमेज हो गया और चार स्टाफ़ घायल हो गए.

उसने बताया कि ज़्यादातर टर्मिनल पहले ही पैसेंजर से ख़ाली करा लिए गए थे.

कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि अली अल सलेम एयरबेस, जहां अमेरिकी रहते हैं, उसे ईरानी मिसाइलों और ड्रोन से निशाना बनाया गया, जिससे तीन कुवैती सैनिक छर्रे लगने से घायल हो गए.

कुवैत के इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भी एक ड्रोन ने हमला किया, जिससे मामूली चोटें आईं और कुछ सामान का नुक़सान हुआ.

बहरीन के गृह मंत्रालय ने कहा कि मनामा और मुहर्रक में तीन रिहायशी इमारतों को ड्रोन हमलों और एक इंटरसेप्टेड मिसाइल के गिरे मलबे से नुक़सान हुआ.

बहरीन सरकार ने यह भी बताया कि अमेरिकी नेवी के फिफ्थ फ्लीट के सर्विस सेंटर पर मिसाइल हमला हुआ.

क़तर ने कहा कि उसकी सेना ने देश की ओर दागी गई कई मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया. राजधानी दोहा में कई धमाकों की आवाज़ें सुनी गईं.

क्या इस इलाक़े में सफ़र करना सुरक्षित है?

बेरूत एयरपोर्ट

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बड़ी एयरलाइन कंपनियों ने इस इलाक़े में सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए मिडिल ईस्ट जाने वाली सैकड़ों फ़्लाइट्स को डायवर्ट या कैंसिल कर दिया है.

एविएशन एनालिटिक्स कंपनी सिरियम के आंकड़ों के मुताबिक़, शनिवार को इस इलाक़े में लैंड करने वाली क़रीब 4,218 फ़्लाइट्स में से 966 कैंसिल कर दी गईं.

इसमें कहा गया है कि रविवार की 4,329 शेड्यूल फ़्लाइट्स में से 716 फ़्लाइट्स पहले ही कैंसिल हो चुकी हैं.

विज़ एयर ने 7 मार्च तक इसराइल, यूएई में दुबई और अबू धाबी, जॉर्डन में अम्मान और सऊदी अरब में मंगलवार तक फ़्लाइट्स सस्पेंड कर दी हैं.

ब्रिटिश एयरवेज़ ने बुधवार तक तेल अवीव और बहरीन की फ़्लाइट्स कैंसिल कर दी हैं.

कंपनी ने कहा, “अगर आप लंदन हीथ्रो और अबू धाबी, अम्मान, बहरीन, दोहा, दुबई या तेल अवीव के बीच फ़्लाइट लेने वाले हैं, तो आप 6 मार्च तक अपनी फ़्लाइट बिना कोई शुल्क दिए बदल सकते हैं.”

कंपनी के मुताबिक़, “4 मार्च तक ट्रैवल करने वाले कस्टमर पूरे रिफ़ंड के लिए भी रिक्वेस्ट कर सकते हैं.”

स्विस इंटरनेशनल एयरलाइन्स ने एक बयान में कहा, “स्विस और लुफ्थांसा ग्रुप एयरलाइंस ने 7 मार्च तक तेल अवीव, बेरूत (लेबनान में), अम्मान, एरबिल (इराक़ में) और तेहरान के लिए उड़ानें रोक दीं.”

सरकारी मीडिया के मुताबिक़, कुवैत की एविएशन अथॉरिटी ने कहा कि वह अगली सूचना तक ईरान के लिए सभी उड़ानें रोक रही है.

एमिरेट्स ने दुबई से आने-जाने के लिए अपने ऑपरेशन कुछ समय के लिए रोक दिए हैं. लुफ्थांसा, एयर इंडिया, वर्जिन अटलांटिक और टर्किश एयरलाइंस ने भी उड़ानें कैंसल करने की घोषणा की है.

इस इलाक़े के कुछ देशों, जिनमें इराक़ और जॉर्डन शामिल हैं, उन्होंने भी अपना एयरस्पेस बंद कर दिया है. सरकारी मीडिया ने बताया कि यूएई ने कहा कि उसने एहतियात के तौर पर अपना एयरस्पेस “कुछ हद तक और कुछ समय के लिए” बंद कर दिया है.

इस बीच, जॉर्डन, सीरिया, लेबनान, इराक़, यमन, तुर्की, सऊदी अरब और ओमान के लिए ब्रिटेन फॉरेन ऑफिस की ट्रैवल गाइडलाइंस अब यात्रियों को “सतर्क रहने, स्थानीय अधिकारियों की सलाह मानने और अगर कहा जाए तो सुरक्षित ठिकानों में पनाह लेने” की सलाह दे रही हैं.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

SOURCE : BBC NEWS