Source :- LIVE HINDUSTAN
पेंटागन ईरान में लंबे समय तक चलने वाले ग्राउंड ऑपरेशन की योजना बना रहा है, जिसमें स्पेशल फोर्सेस और इन्फैंट्री यूनिट्स शामिल होंगी, लेकिन भरपूर आक्रमण नहीं होगा। मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के बीच दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर है।
ईरान ने एक बार फिर अमेरिका को खुली चुनौती दी है। ईरानी सेना ने 59 सेकंड का वीडियो जारी किया है, जिसमें कमांडो अमेरिकी सैनिकों से मुकाबला करने के लिए तैयार दिखाए गए हैं। वीडियो में तेज एडिटिंग के साथ सैनिकों के युद्ध अभ्यास, ऊबड़-खाबड़ इलाके में आगे बढ़ते सैनिक और मिसाइल लॉन्चर से दागी गई मिसाइल के विस्फोट दिखाए गए हैं। वीडियो का मुख्य संदेश है- ‘आओ करीब आओ, हम तुम्हारा इंतजार कर रहे हैं।’ ईरानी सेना ने दावा किया कि वह अमेरिकी सैनिकों का सामना करने और उन्हें हराने के लिए पूरी तरह तैयार है। यह वीडियो प्रेस टीवी के जरिए जारी किया गया है।
दूसरी ओर, अमेरिका मध्य पूर्व में अपना सैन्य कदम और मजबूत कर रहा है। व्हाइट हाउस ने कहा कि अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अधिकतम विकल्प देती है। व्हाइट हाउस प्रेस सचिव कैरोलाइन लेविट ने बताया कि पेंटागन का काम राष्ट्रपति को रणनीतिक लचीलापन मुहैया कराना है, जबकि कूटनीतिक प्रयास जारी हैं। यूएसएस ट्रिपोली नामक बड़ा जहाज लगभग 3500 मरीन और सैनिकों के साथ सेंट्रल कमांड क्षेत्र में पहुंच गया है। यह अमेरिका का सबसे बड़ा एम्फीबियस अटैक शिप है जो युद्ध क्षेत्र में दाखिल हुआ है।
अमेरिका का क्या है प्लान
पेंटागन ईरान में लंबे समय तक चलने वाले ग्राउंड ऑपरेशन की भी योजना बना रहा है, जिसमें स्पेशल फोर्सेस और रेगुलर इन्फैंट्री यूनिट्स शामिल होंगी, लेकिन भरपूर आक्रमण नहीं होगा। मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के बीच दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर है। अमेरिका ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के लक्ष्यों को पूरा करने पर जोर दे रहा है, जिसमें ईरान की नौसेना और मिसाइल क्षमता को कमजोर करना शामिल है। वहीं ईरान हॉर्मुज स्ट्रेट को बंद रखने जैसे कदमों से वैश्विक ऊर्जा बाजार पर दबाव बनाए हुए है।
ईरानी सेना का वीडियो एक साफ चेतावनी है कि अगर अमेरिकी सैनिक करीब आए तो उनका स्वागत युद्ध से होगा। विशेषज्ञों के अनुसार, ईरान जमीन पर लड़ाई को पसंद कर सकता है क्योंकि हवाई हमलों से बचना आसान है। दोनों तरफ से सैन्य तैयारियां तेज हैं, लेकिन कूटनीतिक बातचीत भी चल रही है ताकि संघर्ष खत्म हो सके। इस स्थिति से पूरा क्षेत्र अस्थिर हो गया है। अमेरिका ने स्पष्ट किया कि वह पूर्ण युद्ध नहीं चाहता, बल्कि रणनीतिक दबाव बनाए रखना चाहता है। ईरान अपनी सैन्य क्षमता दिखाकर अमेरिका को डराने की कोशिश कर रहा है।
SOURCE : LIVE HINDUSTAN



