Source :- LIVE HINDUSTAN
जब से युद्ध शुरू हुआ है तब से अमेरिका में पेट्रोल की कीमतों में 1 डॉलर से अधिक का इजाफा देखने को मिला है। शुक्रवार को देश में पेट्रोल का रेट 4.09 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। जोकि अगस्त 2022 के बात का उच्चतम स्तर है।
Iran War: युद्ध का असर अब ईरान या खाड़ी के देशों की सीमाओं के भी पार जा रहा है। अमेरिका भी अब इससे अछूता नहीं रह गया है। देश में तेल की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है। जिसकी वजह अन्य सामान का रेट बढ़ रहा है। बता दें, ईरान युद्ध की वजह से कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल को क्रॉस कर गई हैं। जिसका असर अब साफ-साफ दिखना शुरू हो गया है। ट्रांसपोर्ट कंपनियों ने किराए में इजाफा कर रही हैं।
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में उछाल
जब से युद्ध शुरू हुआ है तब से अमेरिका में पेट्रोल की कीमतों में 1 डॉलर से अधिक का इजाफा देखने को मिला है। शुक्रवार को देश में पेट्रोल का रेट 4.09 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। जोकि अगस्त 2022 के बात का उच्चतम स्तर है। डीजल की बात करें तो यह एक साल में 3.64 डॉलर प्रति गैलन से बढ़कर 5.53 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है। पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार डीजल की कीमतों में उछाल की वजह से फार्मिंग, कंस्ट्रक्शन और ट्रांसपोर्टेशन पर असर पड़ा है। बता दें, कंपनियां इन बढ़ी कीमतों को अपने ऊपर लेने की जगह अन्य पर इसका बोझ डाल रही हैं।
अमेजन ने घोषणा की है कि 17 अप्रैल से थर्ड पार्टी सेलर पर 3.5 प्रतिशत का फ्यूल सरचार्ज लगाया जाएगा। यूएस पोस्टल सर्विसेज ने भी सरचार्ज लगाने की बात कही है। पैकेज और एक्सप्रेस मेल डिलीवरी पर 8 प्रतिशत फ्यूल फीस लगाया जाएगा।
जेपी मॉर्गन की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका में रिफाइन किए फ्यूल प्रोडक्ट्स की कमी अप्रैल के अंत या मई तक पड़ेगा। रिपोर्ट के अनुसार इसका अधिक असर कैलिफोर्निया तक रहने की उम्मीद है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज प्रभावित
ईरान युद्ध की वजह से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज एक तरह से बंद ही हो गया है। जिसकी वजह से कच्चे तेल से लेकर एलपीजी तक की सप्लाई पर बुरा असर पड़ा है। युद्ध जल्द समाप्त नहीं हुआ तो भारत सहित अनेकों एशियाई देशों के सामने एनर्जी संकट खड़ा हो सकता है। खासकर एलपीजी के मोर्चे पर।
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