Source :- LIVE HINDUSTAN
पश्चिम एशिया में ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल की जारी जंग में सबसे ज्यादा निशाना संयुक्त अरब अमीरात बना है। यूएई के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक उनके ऊपर अभी तक करीब 2000 से ज्यादा मिसाइलों और ड्रोन्स का हमला हो चुका है, जिनमें से उन्होंने 90 फीसदी को मार गिराया था।
Iran America Israel War Update: पश्चिम एशिया की जंग ने पूरे विश्व को ऊर्जा संकट की ओर धकेल दिया है। 28 फरवरी को इस युद्ध की शुरूआत के बाद से ही ईरान ने होर्मुज को बंद करके रखा है और वह लगातार खाड़ी देशों को निशाना बना रहा है। लेकिन इन देशों में सबसे ज्यादा निशाना बन रहा है संयुक्त अरब अमीरात। पहले से ही ईरानी हमलों को झेल रहे यूएई के ऊपर ईरान ने फिर नया आरोप लगाया है। तेहरान का कहना है कि खर्ग द्वीप पर हुए हमले के लिए यूएई ने अमेरिका को अपने बेस का इस्तेमाल करने दिया है। इस आरोप के बाद ईरान ने यूएई के फुजैराह बंदरगाह को निशाना बनाकर हमला करना शुरू कर दिया।
प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें
संयुक्त अरब अमीरात के लिए यह बंदरगाह काफी हद तक महत्वपूर्ण है। यह होर्मुज के बाहर ओमान की खाड़ी में स्थित है और यहां से यूएई का प्रसिद्ध मुरबान कच्चा तेल निर्यात होता है। ईरान द्वारा किए गए हमले के बाद फुजैराह शहर से काले धुएं का गुबार उठता दिखाई दिया। अधिकारियों के मुताबिक ईरान के ड्रोन का मलबा गिरने की वजह से यहां आग लग गई थी। इससे पहले भी ईरान यूएई के ऊपर हमले कर चुका है। अमीरात के रक्षा मंत्रालय की माने तो अभी तक हजारों की संख्या में मिसाइलों और ईरान ड्रोन्स को इंटरसेप्ट किया जा चुका है। पिछले एक दिन में ही 9 बैलिस्टिक मिसाइलों और 33 ड्रोन्स को इंटरसेप्ट किया गया था।
सबसे ज्यादा यूएई पर ही हमले क्यों कर रहा है ईरान?
28 फरवरी को जब अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर हमला किया था, तो उसी दिन ईरान ने पलटवार करते हुए बहरीन, कतर, सऊदी अरब, कुवैत समेत तमाम अमेरिकी ठिकानों पर हमला बोल दिया था। इसके बाद बाकी देशों पर हमले थोड़े कम रहे, लेकिन यूएई पर दिन ब दिन हमले बढ़ते गए। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने यूएई पर बढ़ते हमलों को लेकर कहा कि यूएई लगातार अमेरिकी हथियारों को ठिकानों दे रहा है। इसके अलावा वह अपनी जमीन का इस्तेमाल ईरान पर हमला करने के लिए करने दे रहा है। उन्होंने कहा, “खर्ग और मूसा द्वीप पर हुए हमले में रास अल खैमाह और दुबई के पास तैनात HIMARS रॉकेट सिस्टम का इस्तेमाल किया गया है। इसलिए इसका बदला यूएई पर हमला करके लिया गया है।” हालांकि, यूएई की तरफ से ईरान के इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया गया है।
यूएई के राष्ट्रपति के सलाहकार अनवर गर्गाश ने कहा कि यूएई अपने क्षेत्र का इस्तेमाल ईरान पर हमला करने के लिए नहीं होने देगा। उन्होंने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि यूएई संवाद और कूटनीति के लिए भी प्रतिबद्ध है लेकिन अगर उसके ऊपर हमला होता है, तो वह आत्मरक्षा का अधिकार भी रखता है।
अब तक सबसे ज्यादा यूएई पर हमला
युद्ध के शुरू होने के बाद खाड़ी देशों में अब तक सबसे ज्यादा हमले यूएई पर ही हुए हैं। यूएई के मुताबिक उसके ऊपर अभी तक करीब 2000 से ज्यादा मिसाइलों और ड्रोन्स के हमले हुए हैं, जिनमें ज्यादातर को हवा में ही मार गिराया गया है।
यूएई पर हमला करने के लिए ईरान खास रणनीति का इस्तेमाल कर रहा है। दुनिया का सबसे सुरक्षित शहर माने जाने वाले दुबई और अबू धाबी को निशाना बनाकर छोड़े जा रहे रॉकेट्स और मिसाइलों को यूएई का डिफेंस सिस्टम भले रोक लेता है, लेकिन इनकी ढिबरी और मलगे की वजह से शहर में आए दिन आगजनी की घटनाएं होती रहती हैं। युद्ध के शुरू होने के बाद पूरे देश में दर्जनों ऐसी घटनाएं सामने आई हैं।
SOURCE : LIVE HINDUSTAN



