Source :- LIVE HINDUSTAN
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर पोस्ट करते हुए लिखा, ‘दुनिया के सबसे बड़े कुछ खाली तेल टैंकरों की भारी संख्या अभी अमेरिका की ओर जा रही है ताकि दुनिया के सबसे बेहतरीन व मीठे तेल और गैस को लोड किया जा सके।’
ईरान से जारी बातचीत के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि दुनिया के सबसे बड़े खाली तेल टैंकरों की भारी संख्या अभी अमेरिका की ओर जा रही है, जहां वे तेल और गैस लोड करेंगे। ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर पोस्ट करते हुए लिखा, ‘दुनिया के सबसे बड़े कुछ खाली तेल टैंकरों की भारी संख्या अभी अमेरिका की ओर जा रही है ताकि दुनिया के सबसे बेहतरीन व मीठे तेल और गैस को लोड किया जा सके। हमारे पास अगली दो सबसे बड़ी तेल अर्थव्यवस्थाओं के कुल मिलाकर जितना तेल है, उससे भी ज्यादा है और उसकी क्वालिटी भी बेहतर है।’
यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और ईरान के सीनियर अधिकारी पाकिस्तानी मध्यस्थों के साथ इस्लामाबाद में बैठक कर रहे हैं। ईरान ने कहा है कि आमने-सामने की बातचीत शुरू करने से पहले वाशिंगटन को उसकी कुछ रेड लाइन्स स्वीकार करनी होंगी, ताकि दोनों देशों के बीच 6 हफ्ते पुरानी जंग खत्म हो सके। ट्रंप ने इस हफ्ते पहले कहा था कि ईरान को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले टैंकरों से कोई फीस नहीं लेनी चाहिए, जिसकी वजह से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में अब तक का सबसे बड़ा संकट पैदा हो गया है।
ईरान ने बातचीत के लिए क्या रखी शर्त
ईरान ने बातचीत के लिए 10 सूत्री योजना रखी है, जिसमें पश्चिम एशिया से अमेरिकी सेनाओं की वापसी, ईरान पर लगे प्रतिबंधों को हटाने और उसे होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण की इजाजत देने की मांगें शामिल हैं। ईरानी मीडिया ने बताया कि इस्लामाबाद गये ईरान के प्रतिनिधिमंडल में वार्ताकारों, विशेषज्ञों और सुरक्षा अधिकारियों समेत 71 लोग शामिल हैं। ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने लेबनान में देश के राजदूत मोहम्मद रजा शिबानी के साथ टेलीफोन पर बातचीत की। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने कहा था कि लेबनान पर इजरायली हमले ने शुरुआती युद्धविराम का स्पष्ट रूप से उल्लंघन किया है और इससे बातचीत का कोई मतलब नहीं रह जाएगा।
कितना और किसे तेल बेचता है अमेरिका
अमेरिका ने साल 2025 में लगभग 4 मिलियन बैरल प्रतिदिन क्रूड ऑयल निर्यात किया, जिसका कुल वार्षिक आयात करीब 3.9 बिलियन बैरल रहा। मुख्य खरीदार देशों में नीदरलैंड्स सबसे आगे है (419 मिलियन बैरल), उसके बाद मेक्सिको (398 मिलियन), कनाडा (324 मिलियन), दक्षिण कोरिया (257 मिलियन), जापान (247 मिलियन), चीन (238 मिलियन) और भारत (221 मिलियन बैरल) शामिल हैं। इनके अलावा ब्राजील, यूनाइटेड किंगडम और स्पेन भी प्रमुख आयातक हैं। यूरोप और एशिया मुख्य बाजार हैं, हालांकि चीन को निर्यात में गिरावट आई जबकि भारत को बढ़ोतरी हुई। कुल 146 से अधिक देशों को अमेरिका तेल बेचता है, जो वैश्विक ऊर्जा व्यापार को प्रभावित करता है।
SOURCE : LIVE HINDUSTAN



