Source :- LIVE HINDUSTAN
Sarvam AI ने 18 फरवरी को India AI Impact Summit में दो बड़े लैंग्वेज मॉडल – Sarvam-30B और Sarvam-105B लॉन्च किए हैं। यह मॉडल ओपन सोर्स होंगे। कंपनी ने डेमो में दिखाया कि अब कीपैड वाले फोन पर चलाया AI चैटबॉट चलेगा।
भारत के AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) स्टार्टअप सर्वम AI ने 18 फरवरी को India AI Impact Summit में दो बड़े लैंग्वेज मॉडल, Sarvam-30B और Sarvam-105B लॉन्च किए। कंपनी ने कहा कि दोनों मॉडल ओपन सोर्स के तौर पर रिलीज किए जाएंगे, यानी कोई भी इन्हें फ्री में इस्तेमाल कर सकेगा और अपनी जरूरत के हिसाब से इनमें बदलाव कर सकेगा। इसका मकसद है कि भारतीय डेवलपर्स, कंपनियां और सरकारी एजेंसियां विदेशी AI सिस्टम के बजाय स्वदेशी विकल्प अपना सकें और भारत में AI का विकास तेज हो।
सर्वम AI के फाउंडर और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर प्रत्यूष कुमार ने कहा कि सिस्टम को पूरी तरह से शुरू से बनाया गया है, बाहरी डेटासेट पर निर्भर नहीं किया गया है। उन्होंने कहा, “सर्वम ने जो कुछ भी बनाया है, वह सब स्क्रैच से तैयार किया गया है, वो भी बिना किसी डेटा डिपेंडेंसी के।”
कम टोकन में हाई-क्वालिटी रिस्पॉन्स
Sarvam-30B, छोटा मॉडल है, जिसे 16 ट्रिलियन टोकन पर प्री-ट्रेन किया गया है और यह 32,000 टोकन की कॉन्टेक्स्ट लेंथ को सपोर्ट करता है। कंपनी ने कहा कि इसे एफिशिएंसी के लिए डिजाइन किया गया है, जो कम टोकन का इस्तेमाल करके हाई-क्वालिटी रिस्पॉन्स देता है।
बड़ा Sarvam-105B मॉडल 1,28,000 टोकन की कॉन्टेक्स्ट विंडो को सपोर्ट करता है, जिससे यह बहुत लंबे डॉक्यूमेंट्स और बातचीत को हैंडल कर सकता है। Sarvam AI ने कहा कि यह मॉडल उसी साइज के दूसरे फ्रंटियर सिस्टम के बराबर परफॉर्म करता है, जिसमें ओपन-सोर्स और प्रोप्राइटरी मॉडल दोनों शामिल हैं।
यह लॉन्च ऐसे समय में हुआ है जब भारत अपने IndiaAI Mission के तहत स्वदेशी AI इंफ्रास्ट्रक्चर और घरेलू फाउंडेशन मॉडल्स बनाने की कोशिशों में तेजी ला रहा है। इसके पीछे खासतौर से डेटा की सुरक्षा की चिंता, लागत कम करना और विदेशी टेक्नोलॉजी कंपनियों पर निर्भरता घटाने जैसे मुख्य कारण हैं।
सर्वम AI घरेलू स्टार्टअप्स के बढ़ते ग्रुप का हिस्सा है, जो भारत की भाषाओं और एंटरप्राइज की जरूरतों के हिसाब से बड़े मॉडल बना रहे हैं।
लॉन्च के दौरान, कंपनी ने इसके बेंचमार्क रिजल्ट्स भी पेश किए, जिनसे पता चला कि सर्वम-30B ने कई जाने-माने AI सिस्टम से बेहतर परफॉर्म किया।
कीपैड वाले फोन पर चलाया AI चैटबॉट
इसमें रियल वर्ल्ड में यूज के उदाहरण भी दिखाए गए, जिसमें एक साधारण फीचर फोन (जिसमें फिजिकल कीपैड होता है) पर AI चलाकर बातचीत करना शामिल है। यानी, महंगे स्मार्टफोन की बजाय पुराने बटन वाले फोन पर भी AI चैटबॉट काम कर सकता है
डेमो में, ‘विक्रम’ नाम के चैटबॉट ने हिंदी और पंजाबी समेत कई भारतीय भाषाओं में बातचीत की। कंपनी ने कहा कि यह नाम भारतीय फिजिसिस्ट विक्रम साराभाई के सम्मान में रखा गया है, जिन्हें देश के स्पेस प्रोग्राम का जनक माना जाता है।
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