Source :- LIVE HINDUSTAN
अमेरिकी कमांडो ने बेहद जोखिम भरा ऑपरेशन चलाकर एयरमैन को बचाया। नेवी सील टीम 6 के कमांडो ईरानी क्षेत्र के गहरे अंदर घुसे और घायल अधिकारी को ढूंढ निकाला। रेस्क्यू के दौरान ईरानी काफिलों पर बमबारी और फायरिंग की गई।
ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध में अमेरिकी F-15 लड़ाकू विमान ईरानी क्षेत्र के अंदर मार गिराया गया। विमान में सवार वेपन सिस्टम ऑफिसर ने विमान से इजेक्ट करके अपनी जान बचा ली। घायल होने के बावजूद वह चलने-फिरने की हालत में थे और पहाड़ी इलाके में ईरानी सेना से बचते हुए एक दिन से ज्यादा समय तक छिपे रहे। उनके पास पिस्तौल, बीकन और सिक्योर कम्युनिकेशन डिलाइस थी, जिनकी मदद से उन्होंने अमेरिकी रेस्क्यू टीम से संपर्क बनाए रखा।
अमेरिकी कमांडो ने बेहद जोखिम भरा ऑपरेशन चलाकर इस एयरमैन को बचाया। नेवी सील टीम 6 के कमांडो ईरानी क्षेत्र के गहरे अंदर घुसे और घायल अधिकारी को ढूंढ निकाला। रेस्क्यू के दौरान अमेरिकी अटैक एयरक्राफ्ट ने ईरानी काफिलों पर बमबारी और फायरिंग की ताकि दुश्मन रेस्क्यू साइट के पास न पहुंच सके। कमांडो ने भी हथियारों का इस्तेमाल कर ईरानी बलों को दूर रखा। 2 ट्रांसपोर्ट प्लेन को ईरान के एक रिमोट बेस पर छोड़ दिया गया, जिन्हें बाद में नष्ट कर दिया गया ताकि वे दुश्मन के हाथ न लगें। अंत में तीन अन्य ट्रांसपोर्ट प्लेन की मदद से एयरमैन और कमांडो को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
सबसे साहसी रेस्क्यू ऑपरेशनों में से एक
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे इतिहास के सबसे साहसी सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशनों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि एयरमैन अब सुरक्षित और स्वस्थ हैं, हालांकि उन्हें चोटें आई हैं लेकिन वे जल्द ठीक हो जाएंगे। ट्रंप ने बताया कि उन्होंने दर्जनों सबसे घातक हथियारों से लैस एयरक्राफ्ट भेजे थे। गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले एक अन्य अमेरिकी पायलट को भी अलग ऑपरेशन में बचाया गया, जिसकी जानकारी जानबूझकर नहीं दी गई ताकि मिशन खतरे में न पड़े। दोनों ऑपरेशनों में कोई भी अमेरिकी सैनिक मारा नहीं गया या घायल नहीं हुआ।
ईरानी सेना के प्रवक्ता इब्राहिम जोल्फागारी ने दावा किया कि अमेरिकी रेस्क्यू ऑपरेशन धोखाधड़ी पर आधारित था और इसे पूरी तरह विफल कर दिया गया। उन्होंने कहा कि 2 सी-130 ट्रांसपोर्ट प्लेन और 2 ब्लैक हॉक हेलिकॉप्टर नष्ट कर दिए गए। हालांकि अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स में इसे सफल बताया गया है। ईरान ने स्थानीय नागरिकों से अपील की थी कि वे अमेरिकी पायलट को ढूंढने में सेना की मदद करें। ईरानी सरकार ने मैसेज में कहा, ‘जो भी नागरिक दुश्मन के पायलट को जिंदा पकड़कर सेना या पुलिस के हवाले करेगा, उसे भारी इनाम और बोनस दिया जाएगा।’ यह घटना ईरान-इजरायल-अमेरिका युद्ध के बीच हुई, जिसमें दोनों तरफ से तीखी झड़पें जारी हैं।
SOURCE : LIVE HINDUSTAN



