Source :- LIVE HINDUSTAN
संक्षेप:
RentAHuman.ai एक नया लॉन्च किया गया प्लेटफॉर्म है जो AI एजेंट्स को रियल वर्ल्ड और ऑनलाइन काम करने के लिए इंसानों को हायर करने की सुविधा देता है। यह प्लेटफॉर्म एक ऐसे भविष्य की ओर इशारा करता है जहां इंसान ऑटोमेटेड सिस्टम और मशीनों के लिए काम करेंगे।
जैसे-जैसे AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) की फील्ड में इनोवेशन हो रहे हैं, वैसे-वैसे हमें रोज एआई से जुड़े अजीबोगरीब किस्से भी सुनने को मिल रहे हैं। जबसे एआई चैटबॉट्स आए हैं, तब से यही सुनने को मिल रहा है कि एआई के कारण लोगों को नौकरियां जा रही हैं। लेकिन आपको जानकर यह हैरानी होगी कि AI अब इंसानों को काम पर रख रहे हैं। सुनने में यह भले ही अजीब लगें लेकिन यह सच है। दरअसल, RentAHuman.ai एक नया लॉन्च किया गया प्लेटफॉर्म है जो AI एजेंट्स को रियल वर्ल्ड और ऑनलाइन काम करने के लिए इंसानों को हायर करने की सुविधा देता है। यह प्लेटफॉर्म एक ऐसे भविष्य की ओर इशारा करता है जहां इंसान ऑटोमेटेड सिस्टम और मशीनों के लिए काम करेंगे। यह खुद को “AI को असल दुनिया से जोड़ने वाला एक इंटरफेस लेयर” बताता है। आइडिया सिंपल है, AI प्लान बना सकता है और फैसले ले सकता है, लेकिन इंसान फिजिकली काम कर सकते हैं और उसके लिए पैसे कमा सकते हैं।
इसे क्यों बनाया गया
यह प्रोजेक्ट सॉफ्टवेयर इंजीनियर अलेक्जेंडर लाइटप्लो और को-फाउंडर पेट्रीसिया टानी ने बनाया था। लाइटप्लो ने कहा कि यह आइडिया टेक कंपनियों में छंटनी की चिंता और इस डर से आया कि AI इंसानों की नौकरियां कम कर सकता है। RentAHuman.ai का मकसद AI सिस्टम के ज्यादा काबिल होने पर नए तरह के काम बनाना है। ध्यान खींचने और बहस शुरू करने के लिए यह दिलचस्प नाम चुना गया।
प्लेटफॉर्म कैसे काम करता है
इंसान प्रोफाइल बनाकर साइन अप करते हैं जिसमें उनकी स्किल्स, उपलब्धता, रिस्पॉन्स टाइम और प्रति घंटे की कीमत लिस्ट होती हैं। पेमेंट क्रिप्टोकरेंसी वॉलेट के जरिए किए जाते हैं। AI एजेंट इन प्रोफाइल को ब्राउज कर सकते हैं और सीधे टास्क के लिए रिक्वेस्ट कर सकते हैं। AI के नजरिए से, किसी इंसान को हायर करना क्लाउड सर्विस को कॉल करने जैसा है।
किस तरह के काम करना होगा
काम छोटे-छोटे फिजिकल टास्क के हैं, जैसे रजिस्टर्ड मेल लेना, फूल डिलीवर करना, या किसी जगह की फोटो खींचकर भेजने से लेकर सोशल मीडिया पर लाइक और कमेंट करने और लोगों से कोऑर्डिनेशन करने तक के होते हैं। कुछ छोटे कामों के लिए $2–$10 (लगभग 150 रुपये से 1000 रुपये तक) जितने कम पैसे मिलते हैं, जबकि कुछ कामों के लिए घंटे के हिसाब से पैसे मिलते हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हो गया प्लेटफॉर्म
शुरुआत में लोगों को ये डर था कि इस प्लेटफॉर्म पर क्रिप्टो से जुड़े खतरनाक और रिस्की काम करवाए जा रहे हैं। फाउंडर्स का कहना है कि ऐसे कंटेंट को मैन्युअली हटाया जा रहा है, लेकिन अभी भी सेफ्टी के पक्के इंतजाम बहुत कम हैं। हाल ही में ये प्लेटफॉर्म सोशल मीडिया पर जबर्दस्त वायरल हो गया। इसका क्रेज देखकर लगता है कि AI एजेंट्स और उनकी दुनिया में लोगों की दिलचस्पी बढ़ रही है। और सबसे बड़ा सवाल ये खड़ा हो रहा है कि क्या अब इंसान धीरे-धीरे मशीनों के लिए ऑन-डिमांड नौकर/इन्फ्रास्ट्रक्चर बनते जा रहे हैं?
जैसे-जैसे AI सिस्टम खुद से प्लानिंग और फैसले लेने लगेंगे, इंसान ऑटोमेटेड वर्कफ्लो के अंदर खास कामों को करने वाले बन जाएंगे, खासतौर से वो काम जो AI खुद नहीं कर पाता। अगर लोग अपनी मर्जी से काम चुन सकें, कीमत तय कर सकें और सुरक्षा का ध्यान रखें, तो ये तरीका बेरोजगारी या नौकरी से अस्थिर बाजार में अच्छी कमाई का जरिया बन सकता है। लेकिन अगर ये सब कंट्रोल इंसानों के हाथ में नहीं रहा, तो हमारी मेहनत बस ‘जब जरूरत हो तब बुलाओ’ वाली सस्ती और बदलने योग्य चीज बन जाएगी। यह प्लेटफॉर्म काम के भविष्य को तय नहीं करता है, लेकिन यह साफ दिखाता है कि चीजें किस दिशा में जा सकती हैं क्योंकि AI के जरिए फिजिकल दुनिया ज्यादा प्रोग्रामेबल हो रही है, और इंसान अब मशीनों के लिए काम करना शुरू कर सकते हैं।
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