7 अक्टूबर, 2026 को Supreme Court के समक्ष पेश हुए Bollywood अभिनेता Rajpal Yadav को Chief Justice Surya Kant ने अपने करियर को गुणवत्तापूर्ण फिल्मों के जरिए फिर से संवारने पर ध्यान देने की कड़ी नसीहत दी—यह सब अदालत द्वारा निर्धारित वित्तीय दायित्वों को पूरा करने के लिए ₹1.15 करोड़ जमा करने के बाद हुआ। Justices Joymalya Bagchi और V. Mohana को शामिल करने वाली पीठ सात चेक अनादरण मामलों से संबंधित दोषसिद्धि और तीन महीने की सजा को चुनौती देने वाली उनकी याचिका पर सुनवाई कर रही है।
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## Yadav की जमा राशि और शेष दायित्व
सुनवाई के दौरान Yadav ने कुल ₹1.15 करोड़ के डिमांड ड्राफ्ट जमा किए। यह अदालत के उस निर्देश के बाद हुआ, जिसमें आवश्यक ₹5 करोड़ में से कुल ₹2 करोड़ जमा करने को कहा गया था। उन्होंने अदालत को बताया कि ₹85 लाख की कमी को उनकी एक संपत्ति बेचकर पूरा किया जाएगा। इसके लिए एक संभावित खरीदार को रजिस्ट्रेशन कराने के लिए तैयार होना होगा, लेकिन श्राद्ध पक्ष के कारण इसमें देरी हुई।
पीठ ने उन्हें शेष ₹85 लाख जुटाने के लिए **13 अक्टूबर, 2026** तक का समय दिया। इसके बाद शिकायतकर्ता को दी जाने वाली शेष राशि के भुगतान के लिए एक कार्यक्रम तय किया जाएगा।
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## संकट की स्थिति—अदालत की सजा बढ़ाने की चेतावनी
कार्यवाही के दौरान Justice Bagchi ने गंभीर चेतावनी जारी की: यदि Yadav की दलीलें जमा राशि की आवश्यकताओं का पालन करने के बजाय मामले के गुण-दोष पर आधारित होती हैं, तो अदालत उनकी अपील पूरी तरह खारिज कर सकती है और मौजूदा तीन महीने की सजा को बढ़ाकर **दो साल** तक कर सकती है। अदालत ने कहा कि उन्हें दी जा रही रियायत—यानी आत्मसमर्पण स्थगित करना और अंतरिम संरक्षण बढ़ाना—केवल शिकायतकर्ता के साथ न्याय सुनिश्चित करने के लिए है।
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## Chief Justice का संदेश: कला के जरिए फिर से स्थापित हों
सुनवाई के बाद Chief Justice Surya Kant ने Yadav को सीधे संबोधित करते हुए उनसे सिनेमा में काम पर लौटने का आग्रह किया: “कोई नई फिल्म आ रही है? एक अच्छी फिल्म बनाइए और जनता का फिर से मनोरंजन कीजिए। आपकी छवि फिर से बहाल हो जाएगी।” उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में आगे कहा, “यहां हमारे कुछ वकील हैं जो अच्छे अभिनेता हैं।”
यह संदेश Yadav के उस बयान की पृष्ठभूमि में आया है, जिसमें उन्होंने स्वीकार किया था कि उनके प्रोजेक्ट *Ata Pata Lapata* से उन्हें काफी वित्तीय नुकसान हुआ था और उनका कहना है कि इसी वजह से उन्हें धन जुटाने में कठिनाई हुई।
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## कानूनी घटनाक्रम और शर्तें
– **15 सितंबर, 2026** को Supreme Court ने Yadav को कुल ₹5 करोड़ में से **कम से कम ₹2 करोड़** जमा करने का “अंतिम अवसर” दिया था और साथ ही उन्हें आत्मसमर्पण से प्राप्त संरक्षण को **5 अक्टूबर, 2026** तक बढ़ा दिया था।
– अदालत ने इससे पहले उन्हें रजिस्ट्री में ₹5 करोड़ जमा करने की शर्त पर आत्मसमर्पण करने से संरक्षण दिया था।
– Yadav की कानूनी टीम ने दलील दी कि यह प्रोजेक्ट एक संयुक्त उपक्रम था, लेकिन वित्तीय देनदारी पूरी तरह उन्हीं पर डाल दी गई। Justice Bagchi ने जोर देकर कहा कि यदि Yadav अदालत द्वारा लगाई गई शर्तों को पूरा करने के बजाय मामले के गुण-दोष पर आधारित दलीलें देते हैं, तो मामला खारिज कर दिया जाएगा।
– आज ₹1.15 करोड़ जमा करने के बाद अदालत ने Yadav को संपत्ति बेचकर शेष भुगतान पूरा करने के लिए समय दिया और 13 अक्टूबर की समयसीमा तय की।
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## क्या दांव पर लगा है
**दोषसिद्धि**: Yadav सात चेक अनादरण मामलों में दोषी ठहराए गए हैं।
**सजा**: उन्हें तीन महीने की सजा सुनाई गई थी।
**सजा बढ़ने की संभावना**: जमा राशि की शर्त पूरी न करने या दलीलों को गलत तरीके से पेश करने पर सजा बढ़ाकर दो साल की जा सकती है।
**सार्वजनिक छवि**: Chief Justice ने कानूनी अनुपालन को करियर की बहाली से जोड़ते हुए Yadav से जनता का समर्थन फिर से हासिल करने के लिए एक अच्छी फिल्म बनाने का आग्रह किया।
Rajpal Yadav का आगे का रास्ता कानूनी और वित्तीय कदमों पर निर्भर करता है: 13 अक्टूबर की समयसीमा तक संपत्ति बेचकर ₹85 लाख जुटाना, अदालत के आदेशों का सख्ती से पालन करना और न्यायिक व्यवस्था के साथ-साथ, संभवतः सबसे महत्वपूर्ण रूप से, कला के जरिए अपनी छवि को फिर से स्थापित करना।
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