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हैदराबाद: 19 वर्षीय NEET परीक्षार्थी परीक्षा से पहले आत्महत्या कर ली

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हैदराबाद में एक दुखद घटना में, 19 वर्षीय मेडिकल अभ्यर्थी शेख सना को शनिवार को उनके अपार्टमेंट में मृत पाया गया, जो राष्ट्रीय पात्रता संयुक्त प्रवेश परीक्षा (NEET) पुनः परीक्षा से ठीक एक दिन पहले था। पुलिस ने मामला आत्महत्या करार दिया है और उनकी मौत के किन परिस्थितियों में हुई, इसकी जांच कर रही है।

**घटना का पता लगना**

शेख सना, जो मूल रूप से कुवैत की रहने वाली थीं, हैदराबाद के मियापुर के एक अपार्टमेंट में अपने दो छोटे भाई-बहनों (उम्र 10 और 6 वर्ष) के साथ रह रही थीं। शनिवार को तीनों ने साथ में नाश्ता मंगवाया, और बाद में सना अपने कमरे में वापस चली गईं ताकि आगामी NEET पुनः परीक्षा के लिए पढ़ाई कर सकें, जो रविवार, 21 जून को निर्धारित थी। जब उनके छोटे भाई-बहनों ने दोपहर में खाना खाने के लिए उन्हें बुलाने की कोशिश की, तो उन्होंने पाया कि सना का कमरा बंद था और कोई जवाब नहीं मिला। चिंता होने पर उन्होंने पास ही रहने वाली अपनी चाची को सूचित किया, जिसके बाद पुलिस को खबर दी गई।

**पुलिस की जांच और लिखा हुआ नोट**

मौके पर पहुंचकर पुलिस ने सना द्वारा लिखा हुआ एक नोट पाया, जिसमें लिखा था, “मेरी मौत के लिए कोई जिम्मेदार नहीं है। मैं अपनी जीवन समाप्त कर रही हूं।” यह नोट बताता है कि सना ने अपनी इस निर्णय के लिए किसी को दोषी नहीं ठहराया। पुलिस वर्तमान में यह जांच कर रही है कि क्या शैक्षिक दबाव उनकी इस हालत के पीछे कारण हो सकता है।

**शैक्षिक पृष्ठभूमि और दबाव**

सना ने एक साल से NEET परीक्षा की तैयारी की थी और अपनी इंटरमीडिएट की पढ़ाई में 90% से अधिक अंक हासिल किए थे। मूल परीक्षा जो 3 मई को आयोजित की गई थी, प्रश्नपत्र लीक के आरोपों के कारण रद्द कर दी गई थी। पुनः परीक्षा 21 जून को निर्धारित की गई, जिसने सना जैसे विद्यार्थियों पर अतिरिक्त दबाव डाला।

**भारत में छात्र आत्महत्याओं का संदर्भ**

यह घटना भारत में शैक्षिक तनाव से जुड़ी छात्र आत्महत्याओं की चिंताजनक प्रवृत्ति का हिस्सा है। हाल ही में, देहरादून में एक 24 वर्षीय महिला ने NEET पुनः परीक्षा से पहले तनाव के कारण आत्महत्या कर ली। इसी तरह, राजस्थान के सीकर में एक 22 वर्षीय NEET aspirant ने भी पुनः परीक्षा से पहले आत्महत्या की, जो जिले में इस प्रकार की दूसरी घटना है।

**सामुदायिक और अभिभावकों की चिंताएं**

इन युवाओं की मौत ने अभिभावकों और शिक्षकों के बीच छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर व्यापक चिंता पैदा कर दी है, जो शैक्षिक दबाव के नीचे हैं। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) से आग्रह किया गया है कि वह परीक्षाओं के समय निर्धारण के दौरान छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखें और उचित सहायता प्रणाली उपलब्ध कराएं।

**निष्कर्ष**

शेख सना की दुखद मृत्यु भारत में छात्र मानसिक स्वास्थ्य के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण की तत्काल आवश्यकता को रेखांकित करती है। शैक्षिक संस्थान, अभिभावक और नीति निर्माता मिलकर ऐसा वातावरण बनाने के लिए काम करें, जो छात्रों की भलाई को प्राथमिकता दे और शैक्षिक प्रयास उनके मानसिक स्वास्थ्य की कीमत पर न हों।

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