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https://www.livehindustan.com/lh-img/smart/img/2026/02/17/1200x900/RAJPAL_YADAV_OUT_OF_JAIL_1771335056956_1771335060558.jpgराजपाल यादव के द्वारा शिकायतकर्ता को 1.5 करोड़ रुपए जमा कराते हुए अपने परिवार में 19 फरवरी को होने वाली एक शादी का हवाला देते हुए अपनी सजा पर रोक लगाने की मांग की गई थी। जिसके बाद अदालत ने उनकी सजा को स्थगित कर दिया।
चेक बाउंस मामले में दिल्ली हाई कोर्ट से अस्थाई राहत मिलने के बाद एक्टर राजपाल यादव मंगलवार शाम तिहाड़ जेल से बाहर आ गए। तिहाड़ जेल के सूत्रों ने बताया कि सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद, राजपाल यादव शाम करीब 4.50 बजे तिहाड़ जेल से बाहर आ गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार चेक बाउंस मामले की शिकायत करने वाले के पास 1.5 करोड़ रुपए जमा करने के बाद उन्हें अदालत से यह राहत मिली है। उच्च न्यायालय ने उनकी सजा को फिलहाल 18 मार्च को होने वाली अगली सुनवाई तक के लिए स्थगित कर दिया था और उन्हें जेल से रिहा करने की अनुमति दे दी थी।
राजपाल यादव ने बताया किन लोगों ने दिया साथ
जेल के बाहर रिपोर्टर्स से बात करते हुए, यादव ने कहा कि ‘मुश्किल वक्त में पूरे देश ने मेरा भरपूर समर्थन किया। बचपन से लेकर पचपन तक के लोगों ने, बॉलीवुड के लोगों ने और दुनियाभर के लोगों ने मेरा साथ दिया।’ यादव ने कहा, ‘अगले साल यानी 2027 में, मुझे बॉलीवुड में काम करते हुए 30 साल पूरे हो जाएंगे। हर कोई मेरे साथ रहा है। इसीलिए मैं 200-250 फिल्में कर पाया।’ एक्टर ने कहा कि उन्होंने हमेशा हाई कोर्ट के निर्देशों का पालन किया है और आगे भी करते रहेंगे, साथ ही कहा कि जब भी जरूरत होगी, वह अदालत के सामने उपस्थित हो जाएंगे।
एक्टर बोले- मैं हर सवाल का जवाब देने को तैयार
यादव ने कहा, ‘पूरे देश के लोगों का प्यार और समर्थन उनके साथ है, और अगर कोई आरोप हैं, तो वह पूरी तरह और पारदर्शी तरीके से जवाब देने के लिए तैयार हैं।’ उन्होंने कहा, ‘अगर किसी को कानूनी विवरण चाहिए, तो वे मेरे वकील से बात कर सकते हैं।’
इससे एक दिन पहले हाई कोर्ट ने चेक बाउंस मामले में यादव की सजा 18 मार्च तक के लिए स्थगित कर दी थी और उन्हें जेल से रिहा किए जाने की अनुमति दे दी थी। मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने इस आधार पर उन्हें मिली छह महीने की सजा पर अंतरिम रोक लगाई थी, क्योंकि यादव ने शिकायतकर्ता फर्म मेसर्स मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के पास 1.5 करोड़ रुपए जमा करा दिए थे।
मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा, ‘हम आपकी सजा पर अंतरिम रोक लगा रहे हैं, यह रोक अगली सुनवाई की तारीख तक के लिए है। साथ ही अदालत ने यादव को अपना पासपोर्ट सरेंडर करने और बिना पूर्व अनुमति के देश नहीं छोड़ने का निर्देश भी दिया। कोर्ट ने उन्हें 18 मार्च को अगली सुनवाई की तारीख पर, चाहे फिजिकली या वर्चुअली, मौजूद रहने का भी आदेश दिया।
यादव ने अपने परिवार में 19 फरवरी को होने वाली एक शादी का हवाला देते हुए अपनी सजा पर रोक लगाने की मांग की थी।
इससे पहले चेक बाउंस के इस मामले में मजिस्ट्रेट अदालत ने यादव को छह महीने की सजा सुनाई थी। उच्च न्यायालय ने जून 2024 में उनकी सजा पर इस शर्त के साथ अस्थायी रोक लगा दी थी कि वह शिकायतकर्ता के साथ आपसी समझौते की संभावना तलाशने के लिए ईमानदार एवं वास्तविक प्रयास करेंगे। उस समय यादव के वकील ने कहा था कि यह लेनदेन फिल्म बनाने के लिए हुआ था, लेकिन फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन नहीं किया, जिससे भारी वित्तीय नुकसान हुआ।
दो फरवरी को पारित आदेश में यादव को चार फरवरी शाम चार बजे तक आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया गया था। अदालत ने साथ ही चार फरवरी को यादव को जेल अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण के लिए दी गई समयसीमा बढ़ाने से इनकार कर दिया था।
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