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हमें कतर मत समझना, बहुत बुरा मारेंगे; पाकिस्तान हुआ ऐक्टिव, इजरायल को धमकाया

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Source :- LIVE HINDUSTAN

पाकिस्तान ने गुरुवार को पुष्टि की कि वह अमेरिका और ईरान के बीच संदेशों का आदान-प्रदान करा रहा है। साथ ही कहा कि पश्चिम एशिया संघर्ष को समाप्त करने का एकमात्र रास्ता बातचीत और कूटनीति है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री इसहाक डार ने बताया कि तुर्किये और मिस्र भी इस पहल का समर्थन कर रहे हैं।

अमेरिका और ईरान युद्ध के बीच पाकिस्तान ने इजरायल के चेतावनी दे दी है। पाकिस्तान सरकार से जुड़े एक फोरम का कहना है कि उसे कतर न समझा जाए। साथ ही कहा है कि अधिकारियों को कुछ हुआ तो अंजाम बुरा होगा। खबरें थीं कि अमेरिका और इजरायल ने तेहरान में पाकिस्तानी दूतावास के पास हमले किए हैं। इजरायल रक्षा बलों ने शुक्रवार को कहा कि उसने मध्य तेहरान पर बड़े पैमाने पर सिलसिलेवार हमले किए।

न्यूज18 की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान सरकार से जुड़े पाकिस्तान स्ट्रेटीजिक फोरम ने कहा, ‘इजरायल को यह याद रखना चाहिए कि पाकिस्तान कतर नहीं है। अगर हमारे डिप्लोमैट्स को दुनिया में कहीं भी, किसी भी तरह का नुकसान पहुंचाया गया, तो हम उन्हें बुरी तरह से मारेंगे।’

रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि पाकिस्तानी दूतावास के परिसर और स्टाफ को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। हालांकि, इस दौरान आसपास की कई इमारतें प्रभावित हुईं हैं।

IDF ने बताई हमलों की बात

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आईडीएफ ने टेलीग्राम पर कहा, ‘कुछ देर पहले आईडीएफ ने तेहरान के केंद्र में ईरानी आतंकी शासन इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाते हुए बड़े पैमाने पर हमले किए।’ इसी बीच, प्रेस टीवी ने खबर दिया है कि ईरान ने ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4 की 83वीं लहर शुरू कर दी है। रिपोर्ट में आगे कहा गया कि अभियान के दौरान, ईरानी सशस्त्र बलों ने ईरान के साथ एकजुटता दिखाने के लिए जर्मनी, भारत, स्पेन और पाकिस्तान के लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।

ईरान की सेना ने हाइफा में ईंधन और नौसैनिक सुविधाओं सहित रणनीतिक इजरायली ठिकानों पर ड्रोन से नए हमले किए हैं। यह जानकारी प्रेस टीवी ने शुक्रवार को दी।

पाकिस्तान करा रहा है बातचीत

पाकिस्तान ने गुरुवार को पुष्टि की कि वह अमेरिका और ईरान के बीच संदेशों का आदान-प्रदान करा रहा है। साथ ही कहा कि पश्चिम एशिया संघर्ष को समाप्त करने का एकमात्र रास्ता बातचीत और कूटनीति है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री इसहाक डार ने बताया कि तुर्किये और मिस्र भी इस पहल का समर्थन कर रहे हैं और क्षेत्र में स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए पाकिस्तान लगातार प्रयास कर रहा है।

उन्होंने लिखा, ‘अमेरिका-ईरान के बीच अप्रत्यक्ष वार्ता पाकिस्तान के जरिए संदेशों के आदान-प्रदान से हो रही है। इस संदर्भ में अमेरिका ने 15 बिंदुओं का प्रस्ताव साझा किया है, जिस पर ईरान विचार कर रहा है। तुर्किये और मिस्र जैसे मित्र देश भी इस पहल में सहयोग दे रहे हैं।’ उन्होंने अपने पोस्ट में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और अमेरिका के पश्चिम एशिया के दूत स्टीव विटकॉफ को भी टैग किया।

पीटीआई भाषा के अनुसार, एक दिन पहले एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने नाम न उजागर करने की शर्त पर बताया था कि पाकिस्तान, पश्चिम एशिया में तनाव कम करने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच संदेश लेने और भेजने का काम कर रहा है। अधिकारी ने बताया था, ‘हम अमेरिका-ईरान शांति वार्ता कराने की कोशिश कर रहे हैं और इसके लिए इस्लामाबाद को संभावित स्थल के रूप में भी प्रस्तावित किया है। लेकिन यह तभी संभव होगा जब ईरान, अमेरिका के साथ बातचीत के लिए तैयार होगा।’

10 दिनों के लिए रोके हमले

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि ईरानी सरकार के अनुरोध पर उन्होंने ईरान के ऊर्जा संयंत्रों पर हमले की प्रक्रिया को 10 दिनों के लिए रोक दिया है। ट्रंप ने कहा कि वे इस प्रक्रिया को छह अप्रैल को पूर्वी समयानुसार रात आठ बजे तक के लिए स्थगित कर रहे हैं।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN