Source :- LIVE HINDUSTAN
खबर है कि अमेरिका USS Gerald को वापस बुला रहा है। यह युद्धपोत पिछले 300 दिनों से ज्यादा समय से समुद्र में तैनात है और कई ऑपरेशन में हिस्सा ले चुका है।
अमेरिका स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से अपने एक खास युद्धपोत को वापस बुला रहा है। खबर है कि अमेरिकी नौसेना का सबसे आधुनिक एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस गेराल्ड आर. फोर्ड जल्द ही मिडिल ईस्ट छोड़ने की तैयारी में है। रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि इस युद्धपोत को वापस वर्जिनिया बुलाया गया है। यह खबर सामने आते ही इस तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं कि क्या अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट में अपनी ताकत कम कर रहा है या उसके पीछे कोई और रणनीति है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक यूएसएस गेराल्ड अगले महीने के दूसरे हफ्ते तक पोर्ट वर्जीनिया लौट सकता है। इससे पहले इस युद्धपोत ने कई रिकॉर्ड बना दिए हैं। युद्धपोत को करीब 309 दिन की तैनाती के बाद क्षेत्र से हटाया रहा है। इससे पहले किसी भी अमेरिकी कैरियर को इतने समय तक समुद्र में लगातार तैनात नहीं किया गया था। यूएसएस गेराल्ड जून में अपने बेस से रवाना हुआ था जिसके बाद सबसे पहले इसे यूरोप, फिर कैरिबियन और फिर अरब सागर में तैनात किया गया था।
क्यों बुलाया जा रहा वापस?
युद्धपोत को तकनीकी दिक्कतें आने की वजह से वापस बुलाया जा रहा है। लंबे समय तक समुद्र में रहने के कारण इस जहाज को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ा है। कुछ दिनों पहले उस युद्धपोत के लॉन्ड्री रूम में आग लगने की घटना भी सामने थी, जिसमें कई अमेरिकी जवान घायल हो गए थे। यह आग भी तकनीकी कारणों से ही लगी थी।
जानकारी के मुताबिक अमेरिकी युद्धपोतों को समुद्र में 6-7 महीने के लिए ही तैनात किया जाता है ताकि उनकी समय पर मरम्मत और देखभाल हो सके। हालांकि USS गेराल्ड 10 महीने से ज्यादा समय से लगातार तैनात है, जिससे सिस्टम और क्रू दोनों पर दबाव बढ़ गया। इसे लेकर अमेरिकी संसद में भी सवाल उठे हैं। अमेरिकी सांसदों ने रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ से जवाब मांगा था कि इतने लंबे समय तक जहाज को समुद्र में रखने की क्या कीमत है और नेवी पर इसका क्या असर पड़ेगा। इस पर जवाब देते हुए अधिकारियों ने कहा है कि यह एक कठिन लेकिन जरूरी फैसला था।
नाकेबंदी खत्म हो जाएगी?
हालांकि USS गेराल्ड के जाने के बाद भी अमेरिका की नाकेबंदी खत्म नहीं होगी। इसकी वजह यह कि अब भी USS अब्राहम लिंकन और USS जॉर्ज बुश जैसे दो बड़े एयरक्राफ्ट कैरियर क्षेत्र में तैनात हैं और अरब सागर में ईरान के खिलाफ कार्रवाई जारी है। बता दें कि ईरान संग जंग शुरू होने के करीब एक महीने बाद अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर नाकेबंदी लगा दी है और ईरानी जहाजों को यहां से ना गुजरने देने की बात कही है। हाल ही में एक रिपोर्ट में यह बात भी सामने आई कि ट्रंप ने कहा है कि नाकेबंदी बमबारी से ज्यादा असरदार है और जरूरत पड़ी तो इसे महीनों तक जारी रखा जा सकता है। तेल बाजार पर भी इसका असर दिख रहा है और कच्चे तेल की कीमतें चार साल के उच्चतम स्तर तक पहुंच गई हैं।
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