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सोशल मीडिया की लत से जुड़े मामले में Meta, YouTube दोषी; अब चुकाने होंगे 56 करोड़ रुपये

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Source :- LIVE HINDUSTAN

लॉस एंजिल्स की एक जूरी ने Meta और YouTube को एक मामले में जिम्मेदार ठहराया है। इस मामले में आरोप लगाया गया था कि उनके प्लेटफॉर्म जान-बूझकर इस तरह से डिजाइन किए गए थे, जिनसे बच्चों को लत लग सकती है और उन्हें नुकसान पहुंच सकता है।

अपनी तरह के पहले फैसले में, लॉस एंजिल्स की एक जूरी ने Meta और YouTube को एक मामले में जिम्मेदार ठहराया है। इस मामले में आरोप लगाया गया था कि उनके प्लेटफॉर्म जान-बूझकर इस तरह से डिजाइन किए गए थे, जिनसे बच्चों को लत लग सकती है और उन्हें नुकसान पहुंच सकता है। इन कंपनियों को 20 साल के एक वादी (शिकायकर्ता) को $6 मिलियन (लगभग 56 करोड़ 40 लाख रुपये) का भुगतान करने का आदेश दिया गया है, जिसकी पहचान केवल उसके शुरुआती अक्षरों ‘KGM’ से की गई है।

टिकटॉक और स्नैप ने किया समझौता

इंडियाटूडे की रिपोर्ट के मुताबिक, शिकायकर्ता ने मेटा के इंस्टाग्राम, बाइटडांस के टिकटॉक और गूगल के यूट्यूब के खिलाफ एक मुकदमा दायर किया था, जिसमें उसने दावा किया था कि इन प्लेटफॉर्म्स पर मौजूद लत लगाने वाली विशेषताओं के कारण बचपन में उसे नुकसान पहुंचा था। मुकदमा शुरू होने से पहले ही टिकटॉक और स्नैप ने समझौता कर लिया।

शिकायकर्ता को मिलेंगे करीब 56.40 करोड़

जूरी ने मेटा को 3 मिलियन डॉलर की क्षतिपूर्ति राशि का 70 प्रतिशत भुगतान करने का आदेश दिया, जबकि शेष हिस्सा यूट्यूब वहन करेगा। इसके अलावा, वादी को दंडात्मक क्षतिपूर्ति के तौर पर 3 मिलियन डॉलर की एक और राशि प्रदान की गई है।

मेटा और गूगल फैसले से सहमत नहीं

इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए, मेटा के एक प्रवक्ता ने Engadget को बताया कि कंपनी इस फैसले से सहमत नहीं है और अपने कानूनी विकल्पों पर विचार कर रही है। वहीं, गूगल के एक प्रवक्ता ने कहा कि यह मामला यूट्यूब को गलत समझता है, और तर्क दिया कि यह एक स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म है, न कि कोई सोशल मीडिया सर्विस। गूगल इस फैसले के खिलाफ अपील करने की योजना बना रहा है।

क्यों महत्वपूर्ण है यह मामला

यह मामला इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह उन कई मुकदमों में से पहला है जिनमें यह दावा किया गया है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म अपने डिजाइन के कारण नाबालिगों को नुकसान पहुंचाते हैं। सुनवाई के दौरान, इंस्टाग्राम के प्रमुख एडम मोसेरी ने इस विचार से असहमति जताई कि लोग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के आदी हो सकते हैं।

हालांकि, मेटा के सीईओ मार्क जकरबर्ग ने यह स्वीकार किया कि कंपनी के शुरुआती सालों में उन्होंने राजस्व बढ़ाने और यूजर बेस का विस्तार करने के प्रयासों के तहत, किशोरों द्वारा उसके प्लेटफॉर्म पर बिताए जाने वाले समय को बढ़ाने के लक्ष्य निर्धारित किए थे।

मुकदमे के दौरान, वादी ने बताया कि उसने क्रमशः आठ और नौ साल की उम्र में यूट्यूब और इंस्टाग्राम अकाउंट बनाए थे। उसने गवाही दी कि जल्द ही वह अपना ज्यादातर समय इंस्टाग्राम पर बिताने लगी। उसके वकील ने दलील दी कि “इनफिनिट स्क्रॉल” जैसे डिजाइन विकल्पों का मकसद यूजर्स को इन ऐप्स से जोड़े रखना था।

मेटा को एक और केस में झटका

यह फैसला कंपनी को एक और कानूनी झटके के ठीक बाद आया है। न्यू मैक्सिको की एक अदालत ने हाल ही में मेटा को आदेश दिया कि वह अपने प्लेटफॉर्म पर बच्चों की सुरक्षा को लेकर यूजर्स को गुमराह करने के लिए $375 मिलियन (£279 मिलियन) का भुगतान करे। जूरी ने पाया कि मेटा के प्लेटफॉर्म ने बच्चों को खतरे में डाला और उन्हें अश्लील सामग्री और यौन शिकारियों के संपर्क में आने का जोखिम पैदा किया।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN