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शेयर मार्केट में आज बंपर उछाल के पीछे क्या हैं कारण? सेंसेक्स-निफ्टी क्यों भर रहे उड़ान?

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Source :- LIVE HINDUSTAN

Stock Market Today: सेंसेक्स 1100 अंकों से ज्यादा उछलकर 75200 के पार पहुंच गया, जबकि निफ्टी 50 करीब 367 अंक चढ़कर 23,280 के स्तर पर पहुंच गया। बाजार में आई इस तेजी से निवेशकों की संपत्ति कुछ ही मिनटों में करीब ₹6 लाख करोड़ बढ़कर ₹429 लाख करोड़ हो गई।

Stock Market Today: भारतीय शेयर बाजार में बुधवार, 25 मार्च को लगातार दूसरे दिन जोरदार तेजी देखने को मिली। सेंसेक्स और निफ्टी 50 दोनों ही सूचकांक करीब 1.50% की बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए। सेंसेक्स 1100 अंकों से ज्यादा उछलकर 75200 के पार पहुंच गया, जबकि निफ्टी 50 करीब 367 अंक चढ़कर 23,280 के स्तर पर पहुंच गया। बाजार में आई इस तेजी से निवेशकों की संपत्ति कुछ ही मिनटों में करीब ₹6 लाख करोड़ बढ़कर ₹429 लाख करोड़ हो गई।

मिडिल ईस्ट तनाव कम होने के संकेत से बाजार में जोश

बाजार की तेजी की सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने के संकेत हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि दोनों देशों के बीच “कई अहम मुद्दों पर सहमति” बन चुकी है और ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर हमले पांच दिनों के लिए टाल दिए गए हैं। इसके अलावा, खबरें हैं कि 9 अप्रैल तक युद्ध खत्म करने की योजना बनाई जा रही है। इससे निवेशकों का भरोसा लौटा है और बाजार में पॉजिटिव माहौल बना है।

ग्लोबल मार्केट से मजबूत सपोर्ट

वैश्विक बाजारों से भी मजबूत संकेत मिल रहे हैं। एशियाई बाजारों में जापान का निक्केई और दक्षिण कोरिया का कोस्पी करीब 3% तक उछले, जबकि चीन का शंघाई कंपोजिट भी 1% चढ़ा। इन संकेतों ने भारतीय बाजार में भी खरीदारी को बढ़ावा दिया।

कच्चे तेल में गिरावट: भारत के लिए बड़ी राहत

कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट बाजार के लिए सबसे बड़ा पॉजिटिव फैक्टर बनी है। ब्रेंट क्रूड 5% से ज्यादा गिरकर 100 डॉलर से नीचे आ गया और जून कॉन्ट्रैक्ट करीब $93 के आसपास पहुंच गया। भारत अपनी जरूरत का 80-90% कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए तेल सस्ता होने से देश की अर्थव्यवस्था को बड़ी राहत मिलती है। तेल की कीमतों में गिरावट से चालू खाता घाटा, महंगाई और रुपये पर दबाव कम होता है, जिससे शेयर बाजार को सपोर्ट मिलता है।

डॉलर और बॉन्ड यील्ड में गिरावट से बाजार को सपोर्ट

अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड यील्ड में गिरावट भी बाजार के लिए सकारात्मक रही। डॉलर इंडेक्स करीब 0.40% गिरकर 99 के आसपास आ गया, जबकि 10 साल की अमेरिकी बॉन्ड यील्ड 4.3% तक नीचे आई। इससे विदेशी निवेशकों के लिए भारतीय बाजार ज्यादा आकर्षक हो गया है, जिससे पूंजी प्रवाह बढ़ने की उम्मीद है।

निवेशकों के लिए क्या संकेत?

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर मिडिल ईस्ट में तनाव और कम होता है और कच्चे तेल की कीमतें नीचे बनी रहती हैं, तो बाजार में और तेजी आ सकती है। हालांकि, अभी भी पूरी तरह जोखिम खत्म नहीं हुआ है, इसलिए निवेशकों को सतर्क रहते हुए मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों पर ही फोकस करना चाहिए।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN