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शेयर बाजार में आज क्यों है हाहाकार, चंद मिनटों में निवेशकों के 8 लाख करोड़ रुपये डूबे

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Source :- LIVE HINDUSTAN

Why Stock market Crash Today: आज फिर शेयर मार्केट क्रैश हो गया। सेंसेक्स 1,550 अंकों से ज्यादा गिरकर 72,977 के स्तर पर आ गया, जबकि निफ्टी 50 करीब 500 अंक टूटकर 22,634 पर। जानिए बाजार गिरने की 4 बड़ी वजह।

हफ्ते की शुरुआत भारतीय शेयर बाजार के लिए बेहद खराब रही। सोमवार (23 मार्च) को बाजार खुलते ही बिकवाली का दबाव इतना बढ़ गया कि प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी 50 करीब 2% तक लुढ़क गए। सेंसेक्स 1,550 अंकों से ज्यादा गिरकर 72,977 के स्तर पर आ गया, जबकि निफ्टी 50 करीब 500 अंक टूटकर 22,634 के आसपास था।

करीब 8 लाख करोड़ रुपये का मार्केट कैप साफ

मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी भारी बिकवाली देखने को मिली, जिससे बाजार में डर का माहौल बन गया। इस तेज गिरावट का सीधा असर निवेशकों की संपत्ति पर पड़ा और कुछ ही मिनटों में करीब 8 लाख करोड़ रुपये का मार्केट कैप साफ हो गया।

क्यों टूटा बाजार? जानिए 4 बड़े कारण

1. अमेरिका-ईरान युद्ध से बढ़ा वैश्विक तनाव

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता टकराव बाजार के लिए सबसे बड़ा जोखिम बना हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर उसने होर्मुज स्ट्रेट नहीं खोला तो उसके ऊर्जा ठिकानों पर हमला किया जाएगा। जवाब में ईरान ने भी इसे पूरी तरह बंद करने की धमकी दी है। इस टकराव से वैश्विक सप्लाई चेन और ऊर्जा बाजार पर खतरा बढ़ गया है, जिससे निवेशकों की घबराहट बढ़ी है।

2. रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर

भारतीय रुपया लगातार दबाव में है और सोमवार को यह 93.89 प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। कमजोर रुपया विदेशी निवेशकों के लिए भारत में निवेश को कम आकर्षक बनाता है। इससे पूंजी निकासी बढ़ती है और बाजार पर दबाव आता है। साथ ही, आयात महंगा होने से महंगाई भी बढ़ने का खतरा रहता है।

3. कच्चे तेल की कीमतें बनी सबसे बड़ी चिंता

ब्रेंट क्रूड 110 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बना हुआ है, जो भारत जैसे आयात-निर्भर देश के लिए बड़ी चिंता है। ऊंचे तेल दाम से महंगाई बढ़ती है। चालू खाता घाटा बढ़ता है और कंपनियों का मुनाफा घटता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर तेल लंबे समय तक महंगा रहा तो भारत की GDP ग्रोथ पर भी असर पड़ सकता है।

4. विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने बाजार में भारी बिकवाली की है। युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक विदेशी निवेशक करीब 1 लाख करोड़ रुपये के शेयर बेच चुके हैं। सिर्फ मार्च महीने में ही 86,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की निकासी हो चुकी है। लगातार बिकवाली से बाजार में कमजोरी और बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल बाजार में अनिश्चितता और वोलैटिलिटी बनी रहेगी।

क्या करें निवेशकों

जब तक युद्ध का तनाव कम नहीं होता, तेल की कीमतें स्थिर नहीं होतीं और रुपये में मजबूती नहीं आती, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। निवेशकों को इस समय घबराकर फैसले लेने से बचना चाहिए। मजबूत कंपनियों पर फोकस रखना चाहिए और लंबी अवधि की रणनीति अपनानी चाहिए।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN