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विनेश फोगट को हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत, कारण बताओ नोटिस का देना होगा जवाब; देखी जाएगी WFI की ये पॉलिसी

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Source :- LIVE HINDUSTAN

पहलवान विनेश फोगट को दिल्ली हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली है। उन्हें कारण बताओ नोटिस का जवाब देना होगा। हाईकोर्ट आदेश से पहले भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) की सिलेक्शन पॉलिसी देखेगा।

दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को कहा कि वह प्रतिस्पर्धी कुश्ती में वापसी का उचित मौका मांग रही विनेश फोगाट की याचिका पर फैसला देने से पहले भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) की चयन नीति का अध्ययन करेगा। विनेश ने 14 मई को अदालत की शरण ली और डब्ल्यूएफआई से जारी विवाद के बीच राष्ट्रीय कुश्ती चयन प्रक्रिया से बाहर किए जाने को चुनौती दी। विनेश पिछले सप्ताह राष्ट्रीय ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट के लिए उत्तर प्रदेश के गोंडा पहुंची थीं। वह इस टूर्नामेंट के जरिए वापसी करने वाली थीं लेकिन महासंघ ने उन्हें पहले कारण बताओ नोटिस का जवाब देने के लिए कहा। इसके बाद विनेश ने अदालत का दरवाजा खटखटाया।

कारण बताओ नोटिस का जवाब देना होगा

एक करीबी सूत्र ने कहा, ”सुनवाई के दौरान अदालत ने विनेश को महासंघ द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस का जवाब देने के लिए कहा।” उन्होंने कहा, ”अदालत ने कहा कि वह डब्ल्यूएफआई की पात्रता और ट्रायल की शर्तों को पढने के बाद ही फैसला देगी कि विनेश को आगामी चयन टूर्नामेंटों में भाग लेने दिया जाए या नहीं।” पेरिस ओलंपिक के बाद कुश्ती को अलविदा कह चुकी विनेश ने इस साल वापसी कर ऐलान किया जबकि महासंघ का कहना है कि वह इसकी पात्रता नहीं रखती। महासंघ ने विनेश पर डब्ल्यूएफआई संविधान और यूडब्ल्यूडब्ल्यू नियमों का उल्लंघन का आरोप लगाते हुए कहा कि कारण बताओ नोटिस का जवाब देने पर ही उसकी वापसी संभव होगी।

राष्ट्रीय सेटअप में सीधे नहीं उतारा जा सकता

इस विवाद ने कुश्ती समुदाय को भी दो गुटों में बांट दिया है। समझा जाता है कि महिला पहलवानों के एक समूह ने अदालत को दलील दी है कि विनेश को राष्ट्रीय सेटअप में सीधे नहीं उतारा जा सकता बल्कि उसे बाकी पहलवानों की तरह क्वालीफिकेशन से गुजरना होगा। विनेश और भारतीय कुश्ती महासंघ के बीच नया टकराव अब एक आम पात्रता विवाद से आगे बढ़ गया है। यह कुछ ऐसा है जो उनके भविष्य और 2026 एशियाई खेलों से पहले भारतीय कुश्ती में सत्ता की पकड़ दोनों को तय कर सकता है। डब्ल्यूएफआई इस मामले को सिर्फ संन्यास और प्रतियोगिता में वापसी के नियमों से जुड़ा पात्रता का तकनीकी मुद्दा नहीं मान रहा बल्कि इसे अनुशासनात्मक मामला मान रहा है।

विनेश के लिए फिलहाल वापसी के दरवाजे बंद

डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष संजय सिंह ने साफ कर दिया है कि महासंघ ने फिलहाल उनकी वापसी के दरवाजे बंद कर दिए हैं। संजय सिंह ने हाल ही में पीटीआई से बात करते हुए इशारा किया कि डब्ल्यूएफआई का मानना ​​है कि विनेश की परेशानियां प्रशासनिक नहीं बल्कि खुद की वजह से हैं। उन्होंने विनेश पर लगे एक आरोप का जिक्र करते हुए पूछा, ”आप खुद एक खिलाड़ी हैं। क्या आप एक ही दिन में दो वजन वर्ग में ट्रायल दे सकती हैं? जब वह मेरे से मिलीं तो उन्होंने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया।” डब्ल्यूएफआई ने बार-बार कहा है कि दरवाजे हमेशा के लिए बंद नहीं हुए हैं। संजय सिंह ने खुद कहा कि महासंघ उनके लिखित स्पष्टीकरण का इंतजार कर रहा है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN