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मोहम्मद रफी को संगीत की दुनिया का बादशाह कहा जाता था। उनकी आवाज में गाए गए लगभग सभी गानें काफी हिट रहे हैं। उन्होंने अपने करियर में कई हिट गाने दिए। उनकी आवाज सीधा दिल को छू लेती थी। लेकिन आज हम आपको एक ऐसे गाने के बारे में बताते हैं जो मोहम्मद रफी की आवाज में रिकॉर्ड होने के बावजूद सालों तक दुनिया से छिपा रहा। इतना ही नहीं हिंदी इंडस्ट्री के 2 बड़े स्टार्स ने इस गाने को अपनी फिल्मों के लिए साफ मना कर दिया था। यही वजह है कि यह गाना 1 या 2 साल नहीं बल्कि 7 साल तक रिजेक्टेड गानों में से एक रहा।
कौनसा था वो गाना जो 7 साल तक हुआ रिजेक्ट
इस गाने की शुरुआत होती है 1961 में आई फिल्म जब प्यार किसी से होता है से। इस फिल्म के डायरेक्टर और प्रोड्यूसर थे नासिर हुसैन। फिल्म के एक्टर्स थे देव आनंद, आशा पारेख और प्राण। संगीत दिया था शंकर जयकिशन ने और गीत लिखे थे हसरत जयपुरी और शैलेंद्र ने। फिल्म के लिए कई गानें रिकॉर्ड किए गए, लेकिन आखिर में एक गाने को रिजेक्ट कर दिया। यह गाना था आज कल तेरे मेरे प्यार के चर्चे हैं जुबान पर। इस गाने को हजरत जयपुरी ने लिखे थे और गाया मोहम्मत रफी साहब और सुमन कल्याणपुर ने।
देन आनंद ने किया इस गाने को रिजेक्ट
शंकर जयकिशन को इस गाने से काफी उम्मीद थी, लेकिन जब देव आनंद ने इस गाने को सुना तो उन्होंने इसे रिजेक्ट कर दिया। उनके हिसाब से यह गाना उनके किरदार के लिए काफी लाउड था। यह उनके किरदार की गंभीरता से मैच नहीं करेगा इसलिए इस गाने को फिल्म से बाहर कर दिया।
राजेंद्र कुमार को भी नहीं भाया यह गाना
5 साल बाद फिर 1966 में शंकर जयकिशन फिल्म सूरज का संगीत तैयार कर रहे थे। फिल्म के हीरो थे राजेंद्र कुमार। शंकर को अपनी वही पुरानी धुन याद आई। उन्हें लगा शायद इस बार इस गाने को सेलेक्ट कर लिया जाए, लेकिन फिर वही हुआ। राजेंद्र कुमार ने भी इस गाने को रिजेक्ट कर दिया। उनके हिसाब से भी यह गाना उनके किरदार से सूट नहीं कर रहा था।
शम्मी कपूर को पसंद आया
शंकर को काफी दुख हुआ क्योंकि उनके हिसाब से यह काफी अच्छा गाना था, लेकिन बड़े स्टार्स फिर भी इसे रिजेक्ट कर रहे थे। लेकिन फिर शंकर के लिए खुशखबरी तब आई जब 1968 में फिल्म ब्रह्मचारी आई। शंकर ने जब शम्मी कपूर को यह धुन सुनाई तो वह काफी खुश हुए। उन्होंने कहा कि इस गाने को वह अपनी फिल्म में जरूर लेंगे।
सबसे हिट गाना बना आज कल तेरे मेरे प्यार के चर्चे
फिल्म ब्रह्मचारी रिलीज हुई और इसका गाना आज कल तेरे मेरे प्यार के चर्चे हैं जुबान पर काफी हिट रहा। इतना ही नहीं आज भी इतने दशक बाद भी इस गाने के फैन हैं। यह गाना आज की नई जनरेशन को काफी पसंद आता है।
इस गाने में शम्मी कपूर के साथ मुमताज हैं। लिरिक्स शैलेंद्र ने लिखे थे और दिलचस्प बात यह है कि यह गाना जितना हिट था, उतना ही दोनों के लुक्स भी क्रिएटिव थे। आज भी जब इस गाने में लोग परफॉर्म करते हैं या कोई इसे रीक्रिएट करता है तो मुमताज और शम्मी के लुक को रीक्रिएट करते हैं।
रफी साहब ने शम्मी कपूर के लिए कई बार अपनी आवाज दी है। वैसे रफी साहब की आवाज ही ऐसी थी कि हर एक्टर उनसे ही अपनी फिल्म के गाने गवाना चाहते थे।
मोहम्मद रफी के करियर की शुरुआत
मोहम्मद रफी के बारे में बता दें कि उन्होंने गाने की शुरुआत पंजाबी फिल्म के गाने से की थी। उनका पहला गाना सोनिये नी हीरिये नी था। इस गाने को उन्होंने जीनत बेगम के साथ गाया था फिल्म गुल बलोच के लिए। वहीं श्याम सुंदर ने इसे कम्पोज किया था। वहीं उनका पहला हिंदी गाना अजी दिल हो काबू में तो दिलदार की ऐसी की तैसी था। यह गाना साल 1945 में रिलीज हुई फिल्म ‘गांव की गोरी’ का था।
रफी साहब के अवॉर्ड्स
मोहम्मद रफी को म्यूजिक इंडस्ट्री में दिए अपने योगदान के लिए 6 फिल्मफेयर अवॉर्ड्स, 1977 में नेशनल अवॉर्ड और 1965 में पद्म श्री अवॉर्ड से भी नवाजा गया था।
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