मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में 14 जून 2026 को एक दर्दनाक रेल हादसा हुआ, जिसमें चार यात्रियों की जान चली गई। यह हादसा खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन में आग लगने की अफवाह के कारण हुआ, जिसके बाद यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई और वे ट्रेन से कूद पड़े। इस दौरान, पातालकोट एक्सप्रेस ट्रेन के आने से चार यात्री उसकी चपेट में आकर मारे गए।
**हादसे का विवरण**
यह घटना 14 जून 2026 को शाम लगभग 4:15 बजे मुरैना जिले के हेतमपुर और धौलपुर खंड के बीच हुई। खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन (संख्या 19665) में यात्रा कर रहे यात्रियों के बीच अचानक आग लगने की अफवाह फैल गई। इस अफवाह के कारण कुछ यात्रियों ने इमरजेंसी चेन खींच दी, जिससे ट्रेन रुक गई। अफवाह के कारण यात्रियों में भगदड़ मच गई, और कई यात्री ट्रेन से कूद पड़े। इस दौरान, पातालकोट एक्सप्रेस (संख्या 20424) जो फीरोजपुर से सिवनी की ओर जा रही थी, उसी ट्रैक पर आ रही थी। ट्रेन से कूदे चार यात्री पातालकोट एक्सप्रेस की चपेट में आकर मारे गए।
**मृतकों की पहचान**
मुरैना के जिलाधिकारी लोकेश कुमार जांगिड़ ने बताया कि हादसे में तीन महिलाएं और एक बच्चा मारे गए। मृतकों में से दो महिलाएं और बच्चा उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के निवासी थे, जबकि एक महिला राजस्थान की रहने वाली थी। मृतकों की पहचान इस प्रकार है:
– आफरीन (35 वर्ष)
– अशद (4 वर्ष)
– सकुंतला (60 वर्ष)
– वीरमा देवी (58 वर्ष)
**घटना की जांच और प्रतिक्रिया**
घटना के तुरंत बाद, रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) के अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि ट्रेन में आग लगने की कोई पुष्टि नहीं हुई है, और यह अफवाह के कारण हुई अफरा-तफरी का परिणाम था। मुरैना के जिलाधिकारी लोकेश कुमार जांगिड़ ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं और मृतकों के परिवारों को सहायता प्रदान करने की घोषणा की है।
**रेलवे सुरक्षा उपायों की समीक्षा**
यह हादसा रेलवे सुरक्षा उपायों की गंभीर समीक्षा की आवश्यकता को उजागर करता है। अफवाहों के कारण यात्रियों में अफरा-तफरी मचने से ऐसे हादसे हो सकते हैं। रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि वे अफवाहों पर विश्वास न करें और किसी भी आपातकालीन स्थिति में इमरजेंसी चेन का उपयोग सावधानीपूर्वक करें।
**निष्कर्ष**
मुरैना जिले में हुआ यह रेल हादसा आग की अफवाह के कारण हुई अफरा-तफरी का परिणाम था, जिसमें चार निर्दोष यात्रियों की जान चली गई। यह घटना रेलवे सुरक्षा उपायों की समीक्षा की आवश्यकता को दर्शाती है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों से बचा जा सके।
यह लेख AI-जनित सामग्री है। कृपया इस लेख पर आधारित किसी भी कार्रवाई से पहले जानकारी की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करें।
