Home विश्व समाचार भारत की ताकत चिंता की बात, हमारी मिसाइलें सुरक्षित; US ने घेरा...

भारत की ताकत चिंता की बात, हमारी मिसाइलें सुरक्षित; US ने घेरा तो खिसिया गया पाकिस्तान

16
0

Source :- LIVE HINDUSTAN

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर हुसैन अंद्राबी ने कहा कि पाकिस्तान की रणनीतिक क्षमताएं पूरी तरह से रक्षात्मक हैं। साथ ही इस बात पर जोर दिया कि इनका मकसद राष्ट्रीय संप्रभुता की रक्षा करना और दक्षिण एशिया में शांति व स्थिरता बनाए रखना है।

अमेरिका की राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड ने पाकिस्तान के मिसाइल कार्यक्रम को अमेरिका के लिए एक बड़ा संभावित खतरा बताया था। अब पाकिस्तान ने कहा है कि ये राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए हैं। इतना ही नहीं पाकिस्तान ने इस मुद्दे पर भारत का नाम लिया। साथ ही दावा किया कि भारत की मिसाइल क्षमताएं असली चिंता का विषय हैं।

जियो टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर हुसैन अंद्राबी ने कहा कि पाकिस्तान की रणनीतिक क्षमताएं पूरी तरह से रक्षात्मक हैं। साथ ही इस बात पर जोर दिया कि इनका मकसद राष्ट्रीय संप्रभुता की रक्षा करना और दक्षिण एशिया में शांति व स्थिरता बनाए रखना है।

भारत का लेने लगा नाम

रिपोर्ट के अनुसार, अंद्राबी ने कहा, ‘इसके विपरीत, भारत द्वारा 12,000 किलोमीटर से अधिक की मारक क्षमता वाली मिसाइल विकसित करना उस दिशा को दर्शाता है जो क्षेत्रीय सुरक्षा चिंताओं से कहीं आगे तक फैली हुई है। यह निश्चित रूप से पड़ोस (दक्षिण एशिया) और उससे परे के क्षेत्रों के लिए भी चिंता का विषय है।’

उन्होंने कह दिया कि पाकिस्तान अमेरिका के साथ रचनात्मक जुड़ाव के लिए प्रतिबद्ध है, जो आपसी सम्मान, बिना किसी भेदभाव और तथ्यों की सटीकता पर आधारित हो।

तुलसी गबार्ड ने उठा दिए थे पाकिस्तान पर सवाल

सिनेट में खूफिया समिति के समक्ष 2026 वार्षिक खतरा मूल्यांकन (एनुअल थ्रेट असेसमेंट) रिपोर्ट पेश करते हुए, गबार्ड ने रूस, चीन, उत्तर कोरिया और ईरान के साथ पाकिस्तान को भी उन देशों के रूप में शामिल किया, जो तेजी से मिसाइल प्रणाली विकसित कर रहे हैं और अमेरिका के लिए संभावित बड़े खतरे हो सकते हैं। उन्होंने कहा, ‘रूस, चीन, उत्तर कोरिया, ईरान और पाकिस्तान परमाणु और पारंपरिक पेलोड के साथ कई नवीन, उन्नत या पारंपरिक मिसाइल प्रणालियों पर शोध और विकास कर रहे हैं। इन मिसाइलों की पहुंच हमारे अपने देश तक हो सकती है।’

खुफिया निदेशक ने कहा, ‘पाकिस्तान के लंबी दूरी के बैलिस्टिक मिसाइल विकास में संभावित रूप से आईसीबीएम (इंटरकांटिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल) शामिल हो सकते हैं जो हमारी मातृभूमि पर हमला करने की क्षमता रखते हैं।’

अमेरिकी खुफिया अधिकारियों ने 34 पृष्ठों की रिपोर्ट में कहा कि पाकिस्तान मिसाइल तकनीक पर काम कर रहा है, जिससे दक्षिण एशिया से परे क्षेत्रों को निशाना बनाने की उसकी क्षमता का विस्तार हो रहा है। मूल्यांकन में चेतावनी दी गई है कि यदि वर्तमान रुझान जारी रहे, तो पाकिस्तान अमेरिका तक पहुंचने में सक्षम अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइलें विकसित कर सकता है।

गबार्ड ने अल-कायदा, लश्कर-ए-तैयबा और इस्लामिक स्टेश (आईएस) खुरासान जैसे आतंकी समूहों के साथ पाकिस्तान के संबंधों का भी उल्लेख किया और उन्हें अमेरिकी हितों के लिए निरंतर खतरा बताया।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN