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पेट्रोल पर 20 रुपये, डीजल पर ₹50 लीटर का नुकसान, तेल कंपनियों को हर दिन हो रहा ₹2000 करोड़ का घाटा

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Source :- LIVE HINDUSTAN

तेल कंपनियों को एक लीटर पेट्रोल पर 20 रुपये और डीजल पर 50 रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। जिसकी वजह से रोजाना 2000 करोड़ रुपये पेट्रोल और डीजल पर अधिक खर्च हो रहे हैं।

Crude Oil price: कच्चे तेल की कीमतें इस समय युध्द की वजह उपजी परिस्थितियों सातवें आसमान पर हैं। जिसकी वजह से तेल कंपनियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। Systematix Institutional Equities ने अपनी रिपोर्ट में शुक्रवार को बताया कि भारत पेट्रोलियम कारपोरेशन लिमिटेड, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कारपोरेशन लिमिटेड और इंडियन ऑयल कारपोरेशन लिमिटेड को एक लीटर पेट्रोल पर 20 रुपये और डीजल पर 50 रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। जिसकी वजह से रोजाना 2000 करोड़ रुपये पेट्रोल और डीजल पर अधिक खर्च हो रहे हैं। अनुमान है कि पेट्रोल पर 350 करोड़ रुपये और डीजल पर 350 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। बता दें, केंद्र सरकार ने कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बावजूद भी घरेलू स्तर पर दाम में कोई इजाफा नहीं किया है।

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110 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था दाम

युध्द शुरू होने से पहले कच्चे तेल की कीमत 69 से 60 डॉलर प्रति बैरल थी। जोकि युद्ध के बाद 110 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक पहुंच गया। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता प्रभावित होने के बाद भारत में तेल की आपूर्ति प्रभावित हुई है। मौजूदा समय में भारत अपनी जरूरत का 80 प्रतिशत तेल आयात करता है।

भारत के पास पर्याप्त भंडारण

तेल के मोर्चे पर भारत को बहुत चिंता नहीं हो रही है। सरकार ने पहले ही 70 दिन का रिजर्व बनाए रखा था। वहीं, 20 दिन का इमरजेंसी रिजर्व भी है। ऐसे में तेल की सप्लाई बाधित होने के बाद भी देश में इसकी किल्लत नहीं होने वाली है।

रूस से और तेल खरीदेगा भारत

तेल की सप्लाई के लिए भारत के लिए पिछले कई साल से रूस अहम साझेदार बनकर उभरा है। बीते दिनों अमेरिकी प्रतिबंधों के बाद भारत ने रूस से तेल इंपोर्ट में कटौती शुरू कर दी थी। लेकिन अब छूट मिलने के बाद एक बार फिर से भारत, रूस से अधिक तेल इंपोर्ट करता हुआ दिखाई देगा।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN