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पेट्रोल पंप पर भीड़ न लगाएं…ग्लोबल टेंशन के बीच भारतीय तेल कंपनियों की अपील

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Source :- LIVE HINDUSTAN

देश के अलग-अलग हिस्से में लोग तेल भरवाने के लिए पेट्रोल पंप की ओर जा रहे हैं। इस माहौल के बीच इंडियन ऑयल ने एक स्पष्टीकरण दिया है। बीपीसीएल और एचपीसीएल ने भी इसी तरह के आश्वासन जारी किए।

ईरान की अमेरिका और इजराइल से छिड़ी जंग के बीच ईंधन संकट की अफवाह ने आम लोगों में बेचैनी ला दी है। देश के अलग-अलग हिस्से में लोग तेल भरवाने के लिए पेट्रोल पंप की ओर जा रहे हैं। इस माहौल के बीच इंडियन ऑयल ने एक स्पष्टीकरण दिया है। बीपीसीएल और एचपीसीएल ने भी इसी तरह के आश्वासन जारी किए।

क्या कहा इंडियन ऑयल ने?

सोशल मीडिया एक्स पर इंडियन ऑयल की ओर से एक पोस्ट किया गया है। इस पोस्ट में लिखा गया है- पेट्रोल और डीजल की कमी को लेकर फैल रही खबरें पूरी तरह निराधार हैं। भारत में ईंधन का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और आपूर्ति व वितरण नेटवर्क सामान्य रूप से कार्य कर रहे हैं। इंडियन ऑयल निर्बाध ईंधन आपूर्ति बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। नागरिकों को आश्वस्त किया जाता है कि किसी भी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।

इंडियन ऑयल ने लोगों से यह अपील की है कि कृपया पेट्रोल पंपों पर अनावश्यक भीड़ न लगाएं और सही जानकारी के लिए केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें। हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने भी एक सलाह जारी कर कहा कि कुछ क्षेत्रों में पेट्रोल और डीजल की कमी के बारे में प्रसारित हो रहे संदेश भ्रामक हैं। पूरे भारत में ईंधन आपूर्ति सामान्य बनी हुई है।

एलपीजी को लेकर सरकार एक्शन मोड में

इस बीच, सरकार ने तेल रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने का निर्देश देने के लिए ‘एस्मा’ कानून के तहत आपातकालीन शक्तियों का इस्तेमाल किया है।

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने पांच मार्च को जारी एक आदेश में सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की सभी रिफाइनरियों से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि उत्पादन के दौरान निकलने वाली प्रोपेन और ब्यूटेन गैस का अधिकतम उपयोग एलपीजी के उत्पादन में किया जाए।

आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 (एस्मा) के तहत जारी इस आदेश में तेल रिफाइनरियों से कहा गया है कि वे उत्पादित एलपीजी को केवल तीन सार्वजनिक तेल विपणन कंपनियों- इंडियन ऑयल (आईओसी), भारत पेट्रोलियम (बीपीसीएल) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (एचपीसीएल) को ही उपलब्ध कराएं। इसके साथ ही सरकार ने रिफाइनरियों को प्रोपेन एवं ब्यूटेन का उपयोग पेट्रोकेमिकल उत्पाद बनाने में करने से रोक दिया है। मंत्रालय ने कहा है कि सभी तेल रिफाइनिंग कंपनियां प्रोपेन या ब्यूटेन का इस्तेमाल न तो पेट्रोकेमिकल उत्पादों के निर्माण के लिए करेंगी और न ही उनका उपयोग, प्रसंस्करण, क्रैकिंग या रूपांतरण करेंगी। बता दें कि एलपीजी असल में प्रोपेन और ब्यूटेन गैसों का मिश्रण होता है और देश में इसका उपयोग मुख्य रूप से घरेलू रसोई गैस के रूप में किया जाता है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN