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पाकिस्तान में हुई बातचीत फेल, अब होर्मुज पर शुरू US का खेल; क्या करने वाले हैं ट्रंप

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Source :- LIVE HINDUSTAN

ट्रंप ने कहा कि ईरान ने वादा किया था कि वे होर्मुज खोलेगा लेकिन उसने ऐसा नहीं किया। ईरान के इस फैसले से पूरी दुनिया को पीड़ा और मुश्किलों से गुजरना पड़ रहा। ईरान कहता है कि उसने पानी में बारूदी सुरंग बिछा रखी है, जबकि हकीकत ये है कि उसकी नौसेना पूरी तरह से तबाह हो चुकी है।

पाकिस्तान में वार्ता फेल होने के बाद अमेरिका अब ईरान से बातचीत में खास दिलचस्पी नहीं दिखा रहा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कर दिया है कि ईरान बातचीत के लिए नहीं आता है, तो उन्हें फर्क नहीं पड़ता। इधर, ईरान के आरोप हैं कि अमेरिका की तरफ से उसके अधिकारों का सम्मान नहीं किया जा रहा है। ट्रंप ने कहा था कि हर मुद्दे पर सहमति बन गई थी, लेकिन परमाणु पर बात नहीं बन सकी थी।

मैरीलैंड के जॉइंट बेस एंड्रयूज पर फ्लोरिडा से लौटने के बाद, ट्रंप ने पत्रकारों से कहा कि बातचीत हो या न हो उन्हें फर्क नहीं पड़ता। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, ‘मुझे परवाह नहीं है कि वे वापस आते हैं या नहीं। अगर वे वापस नहीं आते हैं, तो भी मुझे कोई दिक्कत नहीं है।’

नाकेबंदी का ऐलान

खास बात है कि पाकिस्तान में बैठक से समाधान नहीं मिलने के बाद ट्रंप ने ईरानी पोर्ट्स से निकलने वाले जहाजों पर ऐक्शन लेने का ऐलान किया था। उन्होंने कहा था कि अमेरिकी नौसेना नाकेबंदी करेगी।

ट्रंप ने कहा कि शांति वार्ता बिना किसी समझौते के समाप्त हो गई है। उन्होंने कहा कि इसको लेकर उन्होंने अमेरिकी नौसेना को निर्देश दिया है कि अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में हर उस पोत को रोका जाए जिसने ईरान को वहां से निकलने के लिए कोई शुल्क चुकाया है।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि जो भी अवैध शुल्क देगा उसे समुद्र में सुरक्षित मार्ग नहीं मिलेगा। ट्रंप ने ये भी कहा कि अमेरिका उचित समय पर ईरान के खिलाफ कार्रवाई को खत्म करने को तैयार है। उन्होंने दोहराया कि तेहरान की परमाणु इच्छाएं युद्ध समाप्त न होने का बड़ा कारण है। होर्मुज के रास्ते दुनिया का 20 फीसदी तेल गुजरता है।

ईरान ने होर्मुज पर किया वादा तोड़ा

ट्रंप ने ट्रूथ पर पोस्ट में कहा कि ईरान ने वादा किया था कि वे होर्मुज खोलेगा लेकिन उसने ऐसा नहीं किया। ईरान के इस फैसले से पूरी दुनिया को पीड़ा और मुश्किलों से गुजरना पड़ रहा। ईरान कहता है कि उसने पानी में बारूदी सुरंग बिछा रखी है, जबकि हकीकत ये है कि उसकी नौसेना पूरी तरह से तबाह हो चुकी है। ईरान अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग के लिए बने मानक का उल्लंघन कर रहा।

ट्रंप ने कहा कि ईरान ने बैठक की मेज अभी नहीं छोड़ी है। मेरा अनुमान है कि वे दोबारा आएंगे और हमें सबकुछ देंगे जो हम चाहते हैं। उन्होंने कहा कि सभ्यता खत्म करने की धमकी के बाद ईरान बैठक के लिए राजी हुआ। उन्होंने कहा कि जलमार्ग होर्मुज में मदद के लिए खाड़ी सदस्य देश अमेरिका के साथ हैं। उन्होंने कहा कि ईरान की मनमानी शर्तों को कभी स्वीकार नहीं किया जाएगा।

IRGC ने चेताया

IRGC यानी ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर ने चेतावनी दी है कि किसी भी गलत कदम से दुश्मन स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के घातक भंवर में फंस जाएगा। आईआरजीसी ने एक्स पोस्ट में दावा किया है कि होर्मुज पूरी तरह ईरान के नियंत्रण में है।

ट्रंप के सामने मुख्य विकल्प

1. बातचीत जारी रखना : अगर अमेरिका वार्ता जारी रखता है, तो यह ट्रंप के उस दावे को कमजोर कर सकता है कि ईरान के पास कोई विकल्प नहीं बचा। साथ ही, लंबी बातचीत से राजनीतिक दबाव भी बढ़ सकता है।

2. सैन्य कार्रवाई तेज करना : सैन्य कार्रवाई बढ़ाने से अमेरिकी सैनिकों पर खतरा बढ़ सकता है और घरेलू स्तर पर विरोध भी तेज हो सकता है।

3. होर्मुज की नाकेबंदी : यह दुनिया के लगभग 20% तेल के आवागमन का रास्ता है। इसकी नाकेबंदी से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर पड़ सकता है और तेल की कीमतें और बढ़ सकती हैं।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN