Source :- LIVE HINDUSTAN
इडली को चटनी या सांभर के साथ सर्व किया जाता है। ये टेस्टी डिश हेल्थ के लिए भी अच्छी मानी जाती है। इसे बनाने के लिए बैटर फूला हुआ होना चाहिए। बहुत से लोग खमीर उठाने के लिए सोडा या फिर ईनो का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि, इस आर्टिकल में नैचुरल खमीर उठाने का तरीका जानें।
इडली एक टेस्टी डिश है जो मुख्य तौर से दक्षिण भारत से है लेकिन इसे पूरे भारत में खूब चाव से खाया जाता है। ये स्वाद में तो अच्छी लगती ही हैं साथ ही पाचन के लिए भी बहुत हल्की होती है। पारंपरिक तरीके से इडली को बनाने के लिए चावल और इड़द दाल को भिगोकर पीसा जाता है। फिर इस घोल को रात भर खमीर के लिए रखा जाता है। जब बैटर फू जाता है तो इसे सांचों में रखकर भाप में पकाया जाता है। ट्रेडिशनल तरीके के अलावा इडली को सूजी और दही का घोल बनाकर भी तैयार किया जाता है। वैसे तो गर्मियों के मौसम में बैटर अपने आप फूल जाता है, लेकिन अगर खमीर नहीं उठता तो सोडा या ईनो की मदद से इसे फुलाया जाता है। यहां हम ऐसी ट्रिक बता रहे हैं जिसे अपनाकर नेचुरल तरीके से बैटर में खमीर उठा सकते हैं।
बिना ईनो/सोडा के बैटर में खमीर उठाने का तरीका
इडली को एकदम नरम और स्पंजी बनाना पूरी तरह से खमीर उठने पर निर्भर करता है। यह न केवल पारंपरिक तरीका है, बल्कि सेहत के लिए भी सबसे अच्छा है। अगर आप पारंपरिक दाल-चावल के घोल वाली इडली बना रही हैं तो इसे फर्मेंट होने के लिए गर्मियों के मौसम में कम से कम एक रात चाहिए होगी। हालांकि, बैटर की जान सही माप में लिए दाल चावल पर डिपेंड करता है। इसके लिए 3 भाग चावल और 1 भाग उड़द दाल लें। इसके अलावा एक चम्मच मेथी दाने दाल के साथ ही भिगो दें। मेथी खमीर उठाने में मदद करती है और इडली को सफेद बनाती है।
सूजी बैटर में कैसे उठेगा खमीर
पारंपरिक तरीके से इडली बनाने के लिए आपको एक रात पहले प्लानिंग करनी पड़ती है। हालांकि, सूजी से बनी इडली को आप इंस्टेंट तैयार कर सकते हैं। हालांक, अगर आप इसके बैटर में भी खमीर बिना ईनो और सोडा के उठाना चाहते हैं तो एक ट्रिक आपके लिए मददगार साबित हो सकती है। इसके लिए आपको खट्टा दही चाहिए होगा। सूजी का घोल तैयार करने के लिए खट्टे दही का इस्तेमाल करें। अगर लंच में इडली बनानी है तो इस घोल को सुबह ही तैयार करके रख दें। ऐसा करने पर सूजी फूल जाएगी। इसके अलावा इसकी कंसीस्टेंसी सेट करने के लिए भी आप दही का ही इस्तेमाल करें। अगर समय कम है तो बैटर घोलने के बाद इसके बर्तन को गुनगुने पानी में रख दें। गर्माहच से बैटर जल्दी फूल जाता है।
SOURCE : LIVE HINDUSTAN


