Source :- LIVE HINDUSTAN
बांग्लादेश में पिछली सरकार भंग होने के बाद ना तो संसद है और ना ही स्पीकर। ऐसे में राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत व्यक्ति या फिर मुख्य चुनाव आयुक्त सदस्यों को शपथ दिला सकते हैं। वहीं प्रधानमंत्री को राष्ट्रपति शपथ दिलाएंगे।
बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद कराए गए आम चुनावों में तारिक रहमान की अगुआई में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) को जबरदस्त बहुमत मिला है और वह सरकार बनाने की कवायद कर रही है। जानकारी के मुताबिक 17 फरवरी को तारिक रहमान प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे। हालांकि पूर्ववर्ती सरकार भंग होने की वजह से ना तो बांग्लादेश में कोई संसद है और ना ही स्पीकर। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर यह शपथ ग्रहण समारोह कैसे होगा और शपथ कौन दिलवाएगा?
बांग्लादेश के संविधान के मुताबिक चुनाव के बाद नई सरकार का गठन की प्रक्रिया नए सदस्यों के शपथ ग्रहण के साथ ही शुरू होती है। नियमों के मुताबिक नतीजे घोषित होने के तीन दिन के अंदर शपथ दिलवाई जाती है। हालांकि चुनाव आयोग के नतीजों को अंतिम नहीं माना जाता है। सरकार एक अधिसूचना जारी करके अंतिम नतीजे घोषित करती है। इसके तीन दिन के अंदर शपथ ग्रहण करवाया जाता है।
बांग्लादेशी संविधान के अनुच्छेद 148 में कहा गया है कि नतीजों का सरकारी गज टारी होने के तीन दिन के अंदर निर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलवाई जाए। बांग्लादेश में अंतरिम सरकार मुख्य सलाहकार रहे मोहम्मद यूनुस के करीबी ने बताया कि 18 फरवरी तक शपथ ग्रहण की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। इससे ज्यादा देरी होने वाली नहीं है।
कौन दिलवाएगा शपथ
आम तौर पर संसद के स्पीकर निर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलाते हैं। लेकिन 2024 में हुए आंदोलन के बाद संसद ही भंग हो गई थी। ऐसे में ना तो कोई स्पीकर है और ना ही संसद। यहां तक कि सदन के डिप्टी स्पीकर जेल में बंद हैं। ऐसी स्थिति में बांग्लादेशी संविधान के आर्टिकल 148 के मुताबिक मुख्य चुनाव आयुक्त सदस्यों को शपथ दिला सकते हैं। इसके अलावा राष्ट्रपति शपथ दिलाने के लिए किसी व्यक्ति को मनोनीत भी कर सकते हैं। राष्ट्रपति देश के मुख्य न्यायाधीश को भी शपथ दिलाने के लिए मनोनीत कर सकते हैं।
कौन हैं बांग्लादेश के राष्ट्रपति
बांग्लादेश के राष्ट्रपति का नाम आपने कम ही सुना होगा। मोहम्मद शहाबुद्दीन इन समय बांग्लादेश के राष्ट्रपति हैं। वह 2023 में राष्ट्रपति बने थे। बांग्लादेश में राष्ट्रपति का कार्यकाल पांच साल का होता है। ऐसे में उनका कार्यकाल 2028 में समाप्त होगा।
शपथ ग्रहण के बाद राष्ट्रपति की तरफ से ही बहुमत वाली पार्टी यानी बीएनपी को सरकार गठित करने का न्योता दिया जाएगा। बांग्लादेश में कुल संसदीय सीटों की संख्या 300 है। ऐसे में 151 सीट जीतने वाली पार्टी को बहुमत हासिल हो जाता है। बीएनपी ने इस बार 200 से ज्यादा सीटों पर जीत दर्ज की है। ऐसे में उसके पास दो तिहाई बहुमत है। प्रधानमंत्री की शपथ राष्ट्रपति ही दिलाते हैं। इसके बाद आर्टिकल 56 के मुताबिक राष्ट्रपति मंत्रिमंडल के सदस्यों को भी शपथ दिलवाते हैं। शपथ ग्रहण पूरा होने के बाद माना जाता है कि नई सरकार गठित हो गई है और नए प्रधानमंत्री ने अपना कार्यभार संभाल लिया है।
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