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नाटो वालों का फोन आया है… होर्मुज खुलवाने के बाद ट्रंप का तंज, पाक को कहा थैंक्यू

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Source :- LIVE HINDUSTAN

डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट के खुल जाने के बाद नाटो देशों के ऊपर एक बार फिर से निशाना साधा है। ट्रंप ने कहा कि होर्मुज का मुद्दा हल हो जाने के बाद नाटो देशों का मदद करने के लिए फोन आया है। मैंने उनसे दूर रहने के लिए कह दिया है।

Trump targets NATO after opening Strait of Hormuz: ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को व्यापारिक जहाजों के लिए खोलने का ऐलान किया है। दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया है कि जब तक ईरान के साथ शांति समझौता नहीं हो जाता है, तब तक होर्मुज पर अमेरिकी ब्लाकेड जारी रहेगा। इसके बाद ट्रंप ने नाटो पर एक बार फिर से निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि अब जबकि हमने होर्मुज को खुलवा लिया है, तो मदद के लिए नाटो वालों का फोन आया है। मैंने उन्हें इससे दूर रहने के लिए कह दिया है। वह एक पेपर टाइगर हैं। इसके बाद ट्रंप ने एक पोस्ट में पाकिस्तान को धन्यवाद दिया।

सोशल मीडिया साइट ट्रुथ सोशल पर किए गए एक पोस्ट में ट्रंप ने नाटो के ऊपर अपनी भड़ास निकाली। ट्रंप ने लिखा, “अब जबकि होर्मुज स्ट्रेट से जुड़ी परेशानी खत्म हो चुकी है, तो अब मेरे पास मदद करने के लिए नाटो का फोन आया है। मैंने उन्हें साफ तौर पर इससे दूर रहने के लिए कह दिया है। वह बस अपने जहाजों पर तेल लोड करना चाहते हैं। जब भी जरूरत होती है, वह हमारे काम नहीं आते हैं। वह एक पेपर टाइगर हैं।”

बता दें, राष्ट्रपति के रूप में अपने कार्यकाल की शुरूआत के पहले से ही ट्रंप नाटो को लेकर अपना गुस्सा जाहिर करते रहे हैं। पहले वह नाटो देशों को अपने रक्षा खर्च को बढ़ाने को लेकर दबाव बनाते रहे। उसके बाद यूक्रेन की मदद के लिए भी नाटो देशों के ऊपर अमेरिका को पैसा भेजने का दबाव बनाया। यहां तक सब ठीक था। नाटो देश इसके लिए तैयार भी रहे, लेकिन फिर ट्रंप ने ग्रीनलैंड के ऊपर अमेरिका का अधिकार जता नाटो के साथी देशों के ऊपर बयानबाजी करना शुरू कर दिया। इसके बाद फ्रेंच राष्ट्रपति मैक्रों, ब्रिटिश प्रधानमंत्री स्टार्मर, जर्मन चांसलर मर्त्ज, और यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की समेत तमाम राष्ट्राध्यक्षों के साथ उनका व्यवहार सही नहीं रहा। ट्रंप ने नाटो को पेपर टाइगर और ईरान में मदद के लिए न आने पर कायर कहकर भी संबोधित किया।

इसके बाद, जब होर्मुज स्ट्रेट को खुलवाने के लिए ट्रंप ने नाटो सदस्य देशों को मदद के लिए आवाज दी, तो फ्रांस, ब्रिटेन जैसे देशों ने यह कहकर इससे इनकार कर दिया कि इस युद्ध को शुरू करने से पहले उनसे पूछा भी नहीं गया था। इसके बाद ट्रंप नाटो के ऊपर और भड़क गए और उन्होंने इस संगठन से अमेरिका को बाहर निकालने की धमकी भी दे डाली। नाटो के साथ ट्रंप का हालिया विरोध तब बढ़ गया, जब अमेरिकी राष्ट्रपति ने जीसस के रूप में अपनी एक तस्वीर को पोस्ट कर दिया। और पोप लियो के बारे में भी कुछ उल्टा बोल दिया। इटली की प्रधानमंत्री मेलोनी ने जब इसका विरोध किया, तो ट्रंप ने उनको लेकर भी जमकर भला-बुरा कहा। इससे यूरोप और अमेरिका के बीच में स्थिति और भी ज्यादा बिगड़ गई।

पाकिस्तान को ट्रंप का थैंक्यू

ऑपरेशन सिंदूर के बाद जब भारत ने ट्रंप को नोबेल पुरस्कार के लिए नामांकित करने से इनकार कर दिया उसके बाद पाकिस्तान लगातार ट्रंप का चहेता बना हुआ है। ईरान युद्ध के दौरान भी पाकिस्तान ट्रंप की मदद के लिए आगे आया। इस्लामाबाद में इन दोनों देशों के बीच में शांति वार्ता भी हुई लेकिन वह सफल नहीं हो पाई। अब, जब ईरान ने होर्मुज खोलने के लिए हामी भर दी है, तो राष्ट्रपति ट्रंप ने पाकिस्तान को भी मदद करने के लिए धन्यवाद दिया है। इसके अलावा ट्रंप ने खाड़ी क्षेत्र में मदद करने के लिए सऊदी अरब, यूएई और कतर को भी धन्यवाद कहा है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN