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तेल संकट के कारण पूरी दुनिया बेहाल, भारत के पड़ोस में क्या है हाल; पाकिस्तान तो खासा परेशान

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Source :- LIVE HINDUSTAN

मार्च में बांग्लादेश ने सरकारी कर्मचारियों को बिजली बचाने के लिए लाइटें बंद करने और एसी का तापमान कम रखने का आदेश दिया है। 17 करोड़ की आबादी वाला यह दक्षिण एशियाई देश अपनी तेल और गैस की जरूरतों का 95 प्रतिशत हिस्सा आयात करता है।

अमेरिका और ईरान युद्ध के चलते भारत के पड़ोसी भी ईंधन संकट का सामना कर रहे हैं। कुछ दिनों पहले ही खबरें आई थीं कि नेपाल समेत कई देशों के लिए सप्लाई पर विचार किया जा रहा है। वहीं, पड़ोसी पाकिस्तान में पेट्रोल और डीजल की कीमतों ने रिकॉर्ड तोड़ दिया है। बहरहाल, भारत सरकार ने साफ किया है कि कोई कमी नहीं है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने के लिए ईरान को मंगलवार शाम तक का समय दिया है।

भारत से मांगी है मदद

हाल ही में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारत कॉमर्शियल समझौतों के तहत बांग्लादेश, नेपाल, भूटान और श्रीलंका को ईंधन की सप्लाई कर रहा है। भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रिफाइनर है। जैसवाल ने कहा कि मालदीव सरकार ने भी हमसे शॉर्ट-टर्म और लॉन्ग-टर्म दोनों आधार पर पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स की सप्लाई के लिए संपर्क किया है। मालदीव के इस अनुरोध पर हमारी अपनी उपलब्धता और हमारी अपनी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विचार किया जा रहा है। विश्व बैंक के डाटा के अनुसार मालदीव आमतौर पर अपने ज्यादातर ईंधन की सप्लाई ओमान से लेता है।

पाकिस्तान

पाकिस्तान ने पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल (एचएसडी) की कीमतों में 43 प्रतिशत और 55 प्रतिशत की भारी वृद्धि की घोषणा की थी। पाकिस्तान सरकार ने गुरुवार को इस मूल्य वृद्धि की घोषणा की। इस फैसले के तहत, पेट्रोल की कीमत 321.17 रुपये से 137.23 रुपये प्रति लीटर (करीब 42.7 प्रतिशत) बढ़ाकर 458.41 रुपये प्रति लीटर कर दी गई।

वहीं एचएसडी की कीमत 335.86 रुपये से 184.49 रुपये प्रति लीटर (करीब 55 प्रतिशत) बढ़ाकर 520.35 रुपये प्रति लीटर कर दी गई। ये नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं। इसके साथ, केरोसिन तेल की कीमत भी 34.08 रुपये प्रति लीटर बढ़ाकर 457.80 रुपये कर दी गई है।

पाकिस्तान सरकार ने डीजल की कीमतों में वृद्धि को सीमित रखने के लिए पेट्रोलियम शुल्क दरों में भी बदलाव किया है। पेट्रोल पर शुल्क 105 रुपये से बढ़ाकर 160 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया जबकि डीजल पर 55 रुपये प्रति लीटर के शुल्क को घटाकर शून्य कर दिया गया।

पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने इसे एक ‘मुश्किल फैसला’ करार देते हुए कहा कि इसका मकसद सब्सिडी को केवल जरूरतमंद वर्गों तक सीमित रखना, वित्तीय अनुशासन बनाए रखना और आर्थिक स्थिरता को सुरक्षित रखना है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान में प्रदर्शनों के बाद प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा है कि पेट्रोल की कीमत 80 रुपये घटा दी जाएंगी, जिसके बाद आंकड़ा 378 पाकिस्तानी रुपये पर आ जाएगा।

बांग्लादेश

मार्च में बांग्लादेश ने सरकारी कर्मचारियों को बिजली बचाने के लिए लाइटें बंद करने और एसी का तापमान कम रखने का आदेश दिया है। 17 करोड़ की आबादी वाला यह दक्षिण एशियाई देश अपनी तेल और गैस की जरूरतों का 95 प्रतिशत हिस्सा आयात करता है। लोक प्रशासन मंत्रालय के अधिकारी सखावत हुसैन ने एएफपी को बताया कि मंत्रालय ने दफ्तर में उपस्थिति और बिजली तथा ईंधन बचाने के संबंध में कई आदेश जारी किए हैं।

आदेश में कहा गया है कि केवल जरूरी संख्या में ही लाइटें, पंखे, एयर कंडीशनर और अन्य बिजली के उपकरणों का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। इसमें कर्मचारियों को यह भी याद दिलाया गया है कि दफ्तर से निकलते समय वे लाइटें बंद कर दें, और यह आदेश भी दिया गया है कि एयर कंडीशनिंग का तापमान 25 डिग्री सेल्सियस या उससे ज्यादा पर सेट किया जाए।

बांग्लादेश ने कहा है कि ऊर्जा संबंधी चिंताओं से निपटने के लिए वह बहुपक्षीय दानदाताओं से लगभग 2 अरब डॉलर का ऋण लेने की कोशिश कर रहा है। सरकार ने ईंधन की खपत को कम करने के लिए पहले ही कई कदम उठाए हैं, जिनमें ईंधन की खरीद पर सीमा तय करना, उर्वरक कारखानों में उत्पादन रोकना और पेट्रोल पंपों पर गश्त के लिए पुलिस तैनात करना शामिल है।

श्रीलंका

श्रीलंका में हाल ही में सरकार ने बिजली दरों में लगभग 40 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की घोषणा की थी। पब्लिक यूटिलिटीज कमीशन ऑफ श्रीलंका के अध्यक्ष केपी एल चंद्रलाल ने बताया कि मध्यम वर्गीय उपभोक्ताओं के लिए प्रति यूनिट (किलोवॉट घंटा) बिजली की कीमत 61 रुपये से बढ़ाकर 84 रुपये कर दी गई है, जो करीब 39.34% की वृद्धि है। वहीं कम खपत वाले उपभोक्ताओं (महीने में 30 यूनिट से कम) के बिल में 11.11% की बढ़ोतरी होगी।

श्रीलंका ने इस महीने ईंधन कीमतों में तीन बार बढ़ोतरी की है और ऊर्जा बचाने के लिए चार दिन का कार्य सप्ताह लागू किया है। साथ ही निजी क्षेत्र से भी वर्क-फ्रॉम-होम व्यवस्था अपनाने की अपील की गई है।

नेपाल

पाल ने सरकारी कार्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों के लिए सप्ताह में दो दिन अवकाश की रविवार को घोषणा की। मंत्रिपरिषद ने रविवार को सिंहदरबार सचिवालय में हुई बैठक में शनिवार और रविवार को साप्ताहिक अवकाश देने का फैसला किया। सरकार के प्रवक्ता सस्मित पोखरेल ने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद कहा, ‘मंत्रिमंडल ने सोमवार यानी छह अप्रैल से सभी सरकारी कार्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों के लिए शनिवार और रविवार यानी दो दिन साप्ताहिक अवकाश देने का फैसला किया है और कार्यालय का समय सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक होगा।’ इससे पहले नेपाल में सरकारी कार्यालयों में केवल शनिवार को अवकाश होता था।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN