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ट्रैफिक नियम टूटते ही कट जाता है चालान! AI ऐसे कर रहा है हर वक्त आपकी निगरानी

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Source :- LIVE HINDUSTAN

AI बेस्ड ट्रैफिक सिस्टम अब रियल टाइम में नियमों का उल्लंघन डिटेक्ट कर ऑटोमैटिक ई-चालान जारी कर रहे हैं, जिससे प्रोसेस तेज और ट्रांसपैरेंट हो गया है। आइए आपको इस बारे में बताते हैं। 

आज के डिजिटल दौर में ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करना अब पहले जितना आसान नहीं रह गया है। यदि कोई व्यक्ति रेड लाइट जंप करता है या तेज गति से वाहन चलाता है, तो कुछ ही समय में उसके मोबाइल पर ई-चालान पहुंच जाता है। यह पूरी प्रक्रिया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) बेस्ड ट्रैफिक मॉनिटरिंग सिस्टम के साथ संभव हो सकी है, जो सड़कों पर हर ऐक्टिविटीज पर नजर रखता है और रियल टाइम में डाटा प्रोसेस करता है।

पहले ट्रैफिक सिस्टम पूरी तरह मैन्युअल सर्विलांस पर निर्भर था, जिसमें ह्यूमर रिसोर्स की सीमाएं और गलतियों की संभावना ज्यादा होती थी, लेकिन अब यह सिस्टम पूरी तरह डिजिटल और ऑटोमेटेड हो गया है। इस बदलाव में Vehant Technologies जैसी कंपनियों की अहम भूमिका है, जो स्मार्ट वीडियो एनालिटिक्स और AI बेस्ड सॉल्यूशन ऑफर कर रही हैं।

ऐसे काम करता है AI बेस्ड सिस्टम

AI ट्रैफिक को ‘देखने’ के लिए स्मार्ट कैमरों का इस्तेमाल करता है, जो केवल वीडियो रिकॉर्ड नहीं करते बल्कि उसे समझते भी हैं। ये कैमरे लाइव फुटेज को एनालाइज कर यह पहचान लेते हैं कि कोई वाहन ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन कर रहा है या नहीं। ये सिस्टम शहर के बिजी चौराहों, हाईवे, फ्लाईओवर और बाकी भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में लगाए जाते हैं, जिससे हर मूवमेंट की निगरानी हो सके।

जब भी कोई वाहन इन कैमरों की रेंज में आता है, तो AI सिस्टम उसकी मूवमेंट, लेन डिसिप्लिन और सिग्नल फॉलो करने की स्थिति का एनालिसिस करता है। इसमें ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) टेक का इस्तेमाल होता है, जो वाहन की नंबर प्लेट पढ़कर उसकी पहचान तय करता है। इसके बाद यदि कोई उल्लंघन डिटेक्ट होता है, तो सिस्टम उस घटना का पूरा डाटा तैयार करता है।

डाटा में गाड़ी का नंबर, उल्लंघन का प्रकार, समय, लोकेशन और फोटो सब शामिल होते हैं। यह जानकारी संबंधित ट्रैफिक विभाग को भेजी जाती है, जहां अधिकारी इसे कन्फर्म करने के बाद ई-चालान इश्यू करते हैं। यह प्रोसेस NIC के सिस्टम और mParivahan प्लेटफॉर्म की मदद से पूरी की जाती है, जिससे पूरी ट्रांसपैरेंसी बनी रहती है।

इसलिए बेहतर है AI बेस्ड सिस्टम

AI बेस्ड ट्रैफिक सिस्टम ना सिर्फ नियमों को लागू करने में मदद करता है, बल्कि सड़क सुरक्षा को भी बेहतर बनाता है। यह सिस्टम बड़े स्तर पर डाटा कलेक्ट करता है, जिससे प्रशासन को यह समझने में मदद मिलती है कि किन क्षेत्रों में ज्यादा वॉयलेशंस हो रहे हैं और किस समय ट्रैफिक सबसे ज्यादा प्रभावित होता है।

भारत के कई शहर जैसे दिल्ली, गुरुग्राम और पुणे में यह टेक्नोलॉजी स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट का बड़ा हिस्सा बन चुकी है। इसका विस्तार धीरे-धीरे बाकी शहरों में भी किया जाएगा। ऐसे में जरूरी है कि आप ट्रैफिक नियमों का पालन करें, वरना AI की नजरों से नहीं बच पाएंगे और चालान भरना पड़ सकता है। बेहतर है कि अपनी और अपनी जेब दोनों की सुरक्षा के लिए नियमों का पालन करने की आदत डाल ली जाए।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN