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जयशंकर को आया ईरान से कॉल, क्या हुई बात; ट्रंप ने दी है धमकी

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Source :- LIVE HINDUSTAN

पश्चिम एशिया के इन तीन देशों के नेताओं के साथ जयशंकर की फोन पर बातचीत ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को दी गई हालिया चेतावनी के बाद पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया है।

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान बिन जसीम अल थानी से रविवार को बात की और उनसे पश्चिम एशिया संघर्ष पर चर्चा की। हालांकि, भारतीय विदेश मंत्री ने कॉल पर हुई बातचीत की ज्यादा जानकारी नहीं दी। यह चर्चा ऐसे समय पर हुई है, जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने के लिए 48 घंटे का समय दिया है।

क्या हुई बात

विदेश मंत्री ने संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान से भी फोन पर बातचीत की। ऐसा समझा जाता है कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर इस संघर्ष के असर के मुद्दे पर प्रमुखता से बातचीत की गई। जयशंकर ने सोशल मीडिया पर विस्तार से जानकारी दिए बिना कहा, ‘ईरान के विदेश मंत्री अराघची का फोन आया। मौजूदा स्थिति पर चर्चा हुई।’ नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास ने कहा कि दोनों विदेश मंत्रियों ने द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर भी चर्चा की।

ट्रंप की धमकी के बीच बातचीत

पश्चिम एशिया के इन तीन देशों के नेताओं के साथ जयशंकर की फोन पर बातचीत ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को दी गई हालिया चेतावनी के बाद पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को नौवहन के लिए फिर से नहीं खोला गया तो ईरान के बिजली संयंत्रों और पुलों को नष्ट कर दिया जाएगा।

जयशंकर ने सोशल मीडिया पर कहा, ‘कतर के प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री अल थानी के साथ जारी संघर्ष को लेकर आज शाम टेलीफोन पर बातचीत हुई।’ जयशंकर ने अल नाहयान से बातचीत के बाद अधिक जानकारी साझा किए बिना कहा कि उनसे पश्चिम एशिया की बदलती स्थिति पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा, ‘संयुक्त अरब अमीरात के उपप्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री अल नाहयान के साथ पश्चिम एशिया की बदलती स्थिति पर चर्चा की।’

भारत का बड़ा सोर्स है वेस्ट एशिया

फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच स्थित संकरे समुद्री मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को ईरान द्वारा अवरुद्ध किए जाने के बाद तेल और गैस की कीमतों में वैश्विक स्तर पर तेजी आई है। पश्चिम एशिया भारत की ऊर्जा खरीद का एक प्रमुख स्रोत रहा है। ईरान ने भारत समेत अपने मित्र देशों के जहाजों को इस जलमार्ग से गुजरने की अनुमति दी है।

भारत ने पश्चिम एशिया में संघर्ष जल्द से जल्द समाप्त करने और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से ऊर्जा की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित करते हुए पिछले कुछ हफ्तों में कूटनीतिक प्रयास किए हैं। भारत का मानना है कि यदि इस समुद्री मार्ग की नाकेबंदी जारी रहती है तो भारत समेत कई देशों की ईंधन और उर्वरक सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ सकता है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN