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जन्म आधारित नागरिकता केवल गुलामों के लिए, जजों पर क्यों भड़क गए डोनाल्ड ट्रंप?

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Source :- LIVE HINDUSTAN

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका की जन्म आधारित नागरिकता केवल गुलामों के बच्चों के लिए है। यह दुनियाभर के अमीरों के लिए नहीं है।उउन्होंने 

ईरान युद्ध के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जन्म आधारित नागरिकता को लेकर अपने ही देश की न्यायपालिका पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ट्रंप ने कहा कि संविधान में जन्म के आधार पर नागरिकता देने का प्रावधान गुलामों के बच्चों के लिए किया गया था ना कि चीन और अन्य देशों के अमीरों के लिए। उन्होने कहा कि बहुत सारे अमीर विदेशी पैसे के बल पर अमेरिकी का नागरिकता लेना चाहते हैं।

डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट किया और लिखा, जन्म के आधार पर नागरिकता का प्रावधान चीन और अन्य देशों के अमीरों के लिए नहीं किया गया है। वे अपने बच्चों को अमेरिका का नागरिक बनाने के लिए सैकड़ों और हजारों गुना ज्यादा खर्च करने को तैयार हैं। यह बहुत ही हास्यास्पद है। अमेरिका की जन्म आधारित नागरिकता केवल गुलामों के बच्चों के लिए है।

उन्होंने कहा, अमेरिका ही एक ऐसा देश है जो कि इस विषय पर बात करता है। गृह युद्ध खत्म होने के बाद अन्य देश अपनी नागरिकता बेचकर अमीर हो रहे हैं। वहीं हमारे देश की न्याय व्यवस्था ही मूर्खतापूर्ण है। मूर्ख जज देश को महान नहीं बनने देंगे। बता दें कि 1 अप्रैल से अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ट्रंप बनाम बरबारा केस में सुनवाई करने वाला है। बरबारा ने डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के खिलाफ जन्म आधारित नागरिकता को रोकने को लेकर केस फाइल किया है।

1868 में बना था कानून

बता दें कि 1865 में गृह युद्ध खत्म हुआ था। 1868 में कानून में संशोधन करने के बाद जन्म आधारित नागरिकता का प्रावधान किया गया था। युद्ध के बाद अफ्रीकी अमेरिकियों को अधिकार देने के लिए यह संशोधन किया गया। 1857 में सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि अमेरिका का कानून अफ्रीकी लोगों के बच्चों को नागरिकता देने का प्रावधान नही्ं करता। इसी फैसले का तोड़ निकालने के लिए कानून में परिवर्तन किया गया था।

नागरिकता कानून के 14 संशोधन में कहा गया, अमेरिका में पैदा हुए सभी बच्चे अमेरिका के नागरिक हैं। इस बार राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पद संभालते ही जन्म के आधार पर मिलने वाली नागरिकता को खत्म कर दिया। उन्होंने कहा कि बहुत सारे लोग अमेरिका में अस्थायी वीजा पर रहते हैं और वे भी बच्चों को नागरिकता दिलाना चाहते हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि 14वां संशोधन गृह युद्ध को देखते हुए किया गया था। बता दें कि टैरिफ को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने डोनाल्ड ट्रंप को करारा झटका दिया था। इसके बाद से ही वह न्यायपालिकाओं पर बुरी तरह भड़के हुए हैं।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN