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चीन का स्पेस में सीक्रेट गेम, ऑर्बिट में फिर लौटा रहस्यमयी प्लेन; ड्रैगन का प्लान क्या?

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Source :- LIVE HINDUSTAN

चीन का रहस्यमयी स्पेस प्लेन शेनलॉन्ग (दिव्य ड्रैगन) एक बार फिर अंतरिक्ष में पहुंच गया है। यह इसका चौथा ऑर्बिटल मिशन है। हालांकि अब तक यह स्पष्ट नहीं है कि यह यान कक्षा में आखिर क्या कर रहा है।

चीन का रहस्यमयी स्पेस प्लेन शेनलॉन्ग (दिव्य ड्रैगन) एक बार फिर अंतरिक्ष में पहुंच गया है। यह इसका चौथा ऑर्बिटल मिशन है। हालांकि अब तक यह स्पष्ट नहीं है कि यह यान कक्षा में आखिर क्या कर रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 7 फरवरी 2026 को इसे जियुकुआन सैटेलाइट लॉन्च सेंटर से लॉन्ग मार्च-2एफ रॉकेट के जरिए लॉन्च किया गया।

चीनी सरकार ने इसे केवल ‘प्रौद्योगिकी सत्यापन’ मिशन बताया है। आधिकारिक बयान के अनुसार, इस कार्यक्रम का उद्देश्य भविष्य में अंतरिक्ष के शांतिपूर्ण उपयोग के लिए कम लागत और अधिक सुविधाजनक आवागमन तकनीक विकसित करना है। लेकिन इसके अलावा मिशन की प्रकृति, अवधि या वास्तविक उद्देश्यों को लेकर कोई विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है। यही कारण है कि इसको लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।

सीमित जानकारी, बढ़ती जिज्ञासा

सरकारी मीडिया ने भी इसे तकनीकी परीक्षण कार्यक्रम ही बताया है। स्पेसक्राफ्ट के डिजाइन, क्षमताओं या संचालन प्रणाली से जुड़ी ठोस जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई। यही वजह है कि विशेषज्ञ अब उपग्रह ट्रैकिंग डेटा, शौकिया टेलीस्कोप अवलोकन और कक्षीय गणनाओं के आधार पर इसके बारे में सुराग जुटाने की कोशिश कर रहे हैं।

गौरतलब है कि पिछले मिशनों की अवधि कुछ दिनों से लेकर 8-9 महीनों तक रही है। एक मिशन के दौरान इसे कक्षा में छोटी वस्तुएं ( छोटे उपग्रह या परीक्षण उपकरण) छोड़ते हुए देखा गया था।

अमेरिकी X-37B से तुलना

विशेषज्ञों का मानना है कि शेनलॉन्ग का स्वरूप और कार्यप्रणाली अमेरिकी स्पेस प्लेन Boeing X-37B से काफी मिलती-जुलती हो सकती है। X-37B भी लंबे और गोपनीय मिशनों के लिए जाना जाता है। माना जाता है कि दोनों ही यान निचली पृथ्वी कक्षा में सामान्य उपग्रहों की तुलना में कहीं अधिक जटिल और उन्नत मैन्यूवर कर सकते हैं, हालांकि ये जानकारी अनुमानों पर आधारित हैं। चीन की ओर से इसको लेकर कोई खुलासा नहीं किया गया है।

यान को लेकर रहस्य बरकरार

चीन की गोपनीयता के बावजूद लगातार हो रहे ऐसे प्रक्षेपण यह संकेत देते हैं कि वह फिर से प्रयोज्य स्पेस प्लेन तकनीक में तेजी से आगे बढ़ रहा है। फिर भी आधिकारिक सूचनाओं की कमी और सीमित बाहरी आंकड़ों के चलते शेनलॉन्ग के इस नए मिशन का वास्तविक उद्देश्य अब भी रहस्य बना हुआ है। फिलहाल दुनिया की नजरें इस पर टिकी हैं और अंतरिक्ष जगत में इसकी गतिविधियों को लेकर उत्सुकता बनी हुई है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN