Source :- LIVE HINDUSTAN
अमेरिका के बदनाम फाइनेंशर जेफ्री एपस्टीन के बारे में एक नया खुलासा हुआ है। फाइल्स में एपस्टीन एक शख्स के बात करते हुए अपनी नर्सरी में लगे खतरनाक नशीले पौधों के बारे में जानकारी साझा करता है। इन पौधौं के फूलों को जॉम्बी फ्लावर भी कहा जाता है।
अमेरिका के बदनाम फाइनेंशन जेफ्री एपस्टीन से जुड़ी फाइलों के सार्वजनिक होने के बाद रोज नए खुलासे हो रहे हैं। इसी क्रम में इन फाइलों में तथाकथित ट्रम्पेट फ्लांट्स (जॉम्बी फ्लावर) का भी जिक्र सामने आया है। यह फूल प्रकृति में पाए जाने वाले सबसे शक्तिशाली मस्तिष्क को प्रभावित करने वाले रसायनों का उत्पादन करता है। इसके उपयोग से मनुष्य का मस्तिष्क लगभग शून्य अवस्था में पहुंच जाता है।
न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक एपस्टीन फाइल्स में सामने आए एक ईमेल में जेफ्री एपस्टीन ने अपने एक साथी को इस फूल के बारे में बताया था। एपस्टीन ने कहा, “नर्सरी में मेरे ट्रम्पेट फ्लांट के बारे में क्रिस से पूछो और स्कोपोलामीन नामक रसायन के बारे में भी जानकारी हासिल करो।” गौरतलब है कि ईमेल्स में इसे इंसान की फ्री विल को खत्म करने वाला पदार्थ बताया गया है। बाद में एक ईमेल में एक पीड़िता के बारे में भी बात की गई थी, जिसके ऊपर इसी पौधे के संपर्क से आने वाले लक्षण बताए गए थे।
एपस्टीन फाइल्स में जिस जॉम्बी फ्लावर का जिक्र किया गया है, दो जहरीली पौधा प्रजाति के लिए प्रयोग किया जाता है। इसमें सबसे बड़ी ब्रुगमैनसिया, जिसे आमतौर पर एजेंल्स ट्रम्पेट कहा जाता है और दूसरे नंबर पर डैटूरा है, जो कि एक तुरही की तरह लटके आकार के फूल होते हैं। गौरतलब है कि इन पौधों को दुनियाभर में सजावटी सामान के तौर पर उपयोग किया जाता है। यह देखने में आकर्षक होते हैं, लेकिन इनके सभी भाग विषैले होते हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक इनमें ट्रोपेन एल्कलॉइड्स नामक प्राकृतिक रसायन होता है, जो कि मस्तिष्क पर सीधे असर डालता है।
मानव शरीर पर क्या प्रभाव
रिपोर्ट्स की मानें तो स्कोपोलामीन का मुख्य उपयोग चिकित्सा पद्धतियों के लिए होता है। लेकिन लोग इसे नशे के लिए भी प्रयोग करते हैं। बहुत कम और नियंत्रित मात्रा में इसे मोशन सिकनेस और सर्जरी के बाद होने वाली मतली के इलाज के रूप में प्रयोग किया जाता है। अगर इसका ज्यादा प्रयोग किया जाते तो यह नर्वस सिस्टम को शिथिल कर देती है। इसकी इसी विशेषता की वजह से इसे डेविल्स ब्रीथ और जॉम्बी ड्रग जैसे डरावने उपनाम मिले हैं।
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