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क्या स्तनपान से ब्रेस्ट ढीले हो जाते हैं? गायनेकोलॉजिस्ट ने तोड़ा बड़ा मिथक

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Source :- LIVE HINDUSTAN

क्या स्तनपान से ब्रेस्ट ढीले हो जाते हैं? यह सवाल लगभग हर नई मां के मन में आता है। लेकिन सच क्या है और क्या यह डर सही है- गायनेकोलॉजिस्ट की राय जानना जरूरी है।

मां बनने के बाद महिलाओं के मन में अपने शरीर को लेकर कई सवाल और डर पैदा होना बिल्कुल स्वाभाविक है। इन्हीं में से एक सबसे आम चिंता यह होती है कि क्या स्तनपान कराने से ब्रेस्ट ढीले या लटकने लगते हैं? समाज, सोशल मीडिया और आसपास की अधूरी जानकारियां इस डर को और भी बढ़ा देती हैं। कई महिलाएं तो सिर्फ इसी आशंका के चलते ब्रेस्टफीडिंग को लेकर असमंजस में आ जाती हैं। लेकिन क्या यह डर सच में वैज्ञानिक तथ्यों पर आधारित है या सिर्फ एक पुराना मिथक है? इस सवाल का जवाब जानना हर नई मां के लिए जरूरी है। इसी विषय पर गायनेकोलॉजिस्ट Dr. Vaidehi Marathe ने मेडिकल स्टडीज और अनुभव के आधार पर सच्चाई साझा की है जो इस भ्रम को पूरी तरह साफ करती है।

उनके अनुसार, ‘ब्रेस्ट सैगिंग का सीधा संबंध ब्रेस्टफीडिंग से नहीं, बल्कि प्रेग्नेंसी के दौरान होने वाले हार्मोनल और structural बदलाव से होता है।’

प्रेग्नेंसी के दौरान क्यों बदलता है ब्रेस्ट का शेप?

गर्भावस्था के समय शरीर में estrogen और progesterone हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है। इसका असर ब्रेस्ट टिश्यू पर पड़ता है।

  • ब्रेस्ट का साइज बढ़ता है।
  • स्किन और लीगमेंट्स (supporting tissues) सट्रेच होते हैं।
  • डिलीवरी के बाद जब दूध बनना कम होता है, तो साइज घट सकता है।
  • इसी स्ट्रेचिंग और सुकड़न की वजह से हल्का सैगिंग दिखाई दे सकता है, ना कि ब्रेस्टफीडिंग की वजह से।

ब्रेस्ट सैगिंग को प्रभावित करने वाले मुख्य कारण

गायनेकोलॉजिस्ट के अनुसार, ब्रेस्ट सैगिंग पर कई फैक्टर्स असर डालते हैं:

  • उम्र (Ageing)
  • जेनेटिक्स
  • एक से ज्यादा प्रेग्नेंसी
  • प्रेग्नेंसी में ज्यादा वेट गेन
  • अचानक वजन कम होना
  • धूम्रपान
  • Skin elasticity की कमी

इनमें से किसी का भी स्तनपान से सीधा संबंध नहीं है।

क्या ब्रेस्टफीडिंग को अवॉइड करना सही है? बिल्कुल नहीं।

सिर्फ इस डर की वजह से ब्रेस्टफीडिंग से बचना मां और बच्चे- दोनों के लिए नुकसानदायक हो सकता है।

ब्रेस्टफीडिंग के फायदे:

  • बच्चे की इम्युनिटी मजबूत होती है।
  • मां में ब्रेस्ट कैंसर और ओवेरियन कैंसर का खतरा कम होता है।
  • मां और बच्चे के बीच इमोशनल बॉन्डिंग बेहतर होती है।
  • पोस्टपार्टम वेट लॉस में मदद मिलती है।

ब्रेस्ट हेल्थ बनाए रखने के लिए जरूरी टिप्स

अगर आप प्रेग्नेंसी और ब्रेस्टफीडिंग के दौरान ब्रेस्ट सैगिंग को कम करना चाहती हैं, तो इन बातों का ध्यान रखें:

  • सही फिटिंग वाली सपोर्ट ब्रा पहनें।
  • संतुलित और प्रोटीन-रिच डाइट लें।
  • पर्याप्त पानी पिएं।
  • धूम्रपान से बचें।
  • वजन धीरे-धीरे कम करें, अचानक नहीं

नोट: ब्रेस्टफीडिंग से ब्रेस्ट ढीले हो जाते हैं- यह सिर्फ एक मिथक है। असल में ब्रेस्ट में बदलाव प्रेग्नेंसी के दौरान होने वाले नेचुरल शरीरगत बदलावों की वजह से आते हैं। स्तनपान मां और बच्चे दोनों के लिए अमूल्य है, इसलिए बेवजह के डर में आकर इससे दूरी बनाना सही नहीं। इसके अलावा किसी भी तरह की विशेष जानकारी के लिए अन्य डॉक्टर से उचित सलाह ले सकते हैं।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN