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क्या आप जानतें हैं शब्दों की हीलिंग पावर? स्किन, हेयर एंड नेल्स पर होता है गहरा असर

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Source :- LIVE HINDUSTAN

Healing Power Of Words: अगर शरीर के अंदरूनी अंगों में दिक्कत होगी तो इसका सीधा असर स्किन, हेयर एंड नेल्स पर दिखता है। ऐसे वक्त में केवल हेल्दी फूड एंड लाइफस्टाइल ही काम नहीं आती बल्कि आपके वर्ड्स का भी इफेक्ट होता है। जानें क्या होता है हीलिंग पावर ऑफ वर्ड्स। जो मेंटल के साथ फिजिकल भी असर करता है।

फिजिकल हेल्थ के साथ मेंटल हेल्थ का ख्याल रखना भी जरूरी होता है और इस काम में आपके शब्द भी बेहद इम्पॉर्टेंट होते हैं। जो शब्द आप मुंह से निकालते हैं उनका असर केवल आपको मानसिक शांति ही नहीं पहुंचाता बल्कि इसका सेहत पर भी असर होता है। इस हीलिंग पावर के बारे में कई सारी रिसर्च तो बताती ही हैं, साथ ही आयुर्वेद के डॉक्टर भी इसके बारे में बताते हैं। जब आप हीलिंग पावर को समझ लेते हैं तो ये आपके लाइफ को कंट्रोल करने में मदद करते हैं। इससे आपके मन में छिपे पुराने इमोशनल घाव भी भरते हैं। अब ये शब्दों किसी भी रूप में हो सकते हैं। किसी दूसरे के साथ माइंडफुल कम्यूनिकेशन, सेल्फ टॉक या फिर पॉजिटिव सोच। जब आप किसी ना किसी तरह से पॉजिटिव शब्दों को लाइफ में ऐड करेंगे तो इसका असर खुद ही नजर आने लगेगा।

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क्या हैं हीलिंग वर्ड्स

अब समझना होगा कि आखिर हीलिंग वर्ड्स कौन से होते हैं। तो बता दें कि ये हीलिंग वर्ड्स होंगे पॉजिटिव, जो आपकी आत्मा को शुद्ध करने और अच्छे विचारों को पैदा करेंगे।

ऐसे शब्द जो आपको खुद की वैल्यू करने और आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद करते हैं।

आखिर हीलिंग वर्ड्स के पीछे कौन सा साइंस छिपा है

रिसर्च दिखाते हैं कि पॉजिटिव और खास तरह के वर्ड दिमाग के खास न्यूरल पाथवेज को एक्टिवेट करते हैं, आपकी भावनाओं को प्रभावित करते हैं और इसका असर व्यवहार में भी दिखता है।

सोच में पॉजिटिविटी लाने से स्ट्रेस हार्मोंस जैसे कॉर्टिसोल कम होता है।

जब आप किसी के साथ सहानूभुति के साथ बातचीत यानि कम्यूनिकेशन करते हैं तो इससे ऑक्सीटोसिन हार्मोन का प्रोडक्शन होता है, जिससे ट्रस्ट और बॉन्डिंग की बढ़ती है।

जब इंसान सोच-समझकर अच्छे वर्ड्स को यूज करता है तो इससे निगेटिव सोच खत्म होती है और मानसिक रूप से शांति मिलती है।

फिजिकल हेल्थ पर कैसे दिखाती है असर

कई बार शरीर के अंदर हो रही क्रॉनिक बीमारियों का असर बाहरी रूप से स्किन, बाल और नाखूनों पर दिखता है। इन समस्याओं से निपटने के लिए लोग अक्सर ढेर सारी दवाईयां और खानपान में बदलाव करते हैं। लेकिन हीलिंग ऑफ वर्ड के पावर को भूल जाते हैं। आयुर्वेदिक डॉक्टर लवलीन ने इसे बहुत ही साधारण शब्दों में समझाया है कि कैसे फिजिकली इन चीजों से समस्या को हील करने के साथ मेंटली हील करना भी जरूरी होता है। डॉक्टर बताती हैं को इन स्किन, बाल और नाखून पर ट्रिलियन की मात्रा में सेल्स होती हैं उनके अंदर को माइटोकांड्रिया यानी पावरहाउस ऑफ सेल्स होती हैं ये इंफ्लेम्ड और स्लगिश हो जाती हैं जब बॉडी में किसी तरह की चोट या बीमारी होती है। इस सिचुएशन में जो बॉडी के सेल्स होते हैं वो ऐसी एनर्जी की डिमांड करते हैं जो इन सेल्स मेम्बरेन नरिश कर सके। जिससे वो इस एनर्जी को सारे ऑर्गंस, हेयर, स्किन और नेल्स में ट्रांसफर कर सके। अब सवाल उठता है कि ये एनर्जी आएगी कहां से तो इसका जवाब केवल फूड्स नहीं है बल्कि फूड्स के साथ आपके शब्दों से आएगी। यानि पावर ऑफ वर्ड्स, जब पॉजिटिव वर्ड्स बॉडी के लिए बोलेंगे तो इससे बॉडी हील होना शुरू हो जाएगी। रिसर्चर्स का कहना है कि ‘वर्ड्स होल्ड एनर्जी’, जैसा अपने बारे में बोलेंगे बॉडी उसी तरह का रिएक्शन देगी। जैसे अगर सुबह उठकर जब बालों की मसाज करते हैं तो बोलते हैं कि अब ये ग्रो कर रहे मेरी स्किन अच्छी हो रही, नाखून ब्रिटल नहीं रह गए तो इसका पॉजिटिव असर देखने को मिलता है। आप जैसा सोचेंगे बॉडी वैसा ही रिएक्ट करेगी।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN